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बक्सर पैसेंजर चलवाने की उठी मांग, यात्रियों को हो रही दिक्कत
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सकलडीहा। कोरोना कर्फ्यू के बाद जहां लोगों को कमाने खाने के लिए इधर उधर दौड़ भाग करनी पड़ रही है। वहीं रेलवे भी पैसेंजर ट्रेनों को ना चलाकर मुसीबत खड़ी कर दी है। सकलडीहा रेलवे स्टेशन से पैसेंजर ट्रेनों में सवार होकर पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर,पड़ाव, बनारस मजूदरी करने वाले मजदूर और आमजन पूरी तरह परेशान हैं। दोपहर से पहले कोई ट्रेन नहीं होने से मजदूरों को पैदल या साइकिल से जाना पड़ रहा है।
सकलडीहा रेलवे स्टेशन से कोरोना काल से पहले पटना पंडित दीन दयाल उपाध्याय नगर पैसेंजर और बक्सर पंडित दीन दयाल उपाध्याय नगर पैसेंजर ट्रेन सुबह सात बजे तक आ जाती थी। इससे मजदूर, दुकानदार, वकील, सरकारी कर्मचारी, छात्र वाराणसी तक सफर करते थे। कम खर्च में लोगों का आना जाना हो जाता था, लेकिन ट्रेन के बंद हो जाने से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सकलडीहा इलाके के लोगों ने ट्रेन चले इसके लिए रेल मंत्रालय को ट्वीट भी किया था लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। छात्र विशाल कुमार कहते हैं कि ट्रेन जब चलती थी तो वाराणसी तक का सफर आसान था लेकिन बंद होने से परेशानी हो रही है। दुकानदार संतोष जायसवाल बताते हैं कि व्यापारी वर्ग को वाराणसी तक बाजार करने में काफी समस्या हो रही है। अमर बहादुर ने कहा कि मजदूरों के लिए सुबह की पैसेंजर ट्रेन संजीवनी का करती थी लेकिन बंद होने से दिक्कत हो रहा है। रविन्द्र शर्मा कहते हैं कि पैसेंजर ट्रेन ज्यादा जरूरी है लेकिन रेलवे चला नहीं रहा है। रेलवे को चाहिए कि वह पैसेंजर ट्रेनों का संचालन शुरू कराए
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सकलडीहा रेलवे स्टेशन से कोरोना काल से पहले पटना पंडित दीन दयाल उपाध्याय नगर पैसेंजर और बक्सर पंडित दीन दयाल उपाध्याय नगर पैसेंजर ट्रेन सुबह सात बजे तक आ जाती थी। इससे मजदूर, दुकानदार, वकील, सरकारी कर्मचारी, छात्र वाराणसी तक सफर करते थे। कम खर्च में लोगों का आना जाना हो जाता था, लेकिन ट्रेन के बंद हो जाने से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सकलडीहा इलाके के लोगों ने ट्रेन चले इसके लिए रेल मंत्रालय को ट्वीट भी किया था लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। छात्र विशाल कुमार कहते हैं कि ट्रेन जब चलती थी तो वाराणसी तक का सफर आसान था लेकिन बंद होने से परेशानी हो रही है। दुकानदार संतोष जायसवाल बताते हैं कि व्यापारी वर्ग को वाराणसी तक बाजार करने में काफी समस्या हो रही है। अमर बहादुर ने कहा कि मजदूरों के लिए सुबह की पैसेंजर ट्रेन संजीवनी का करती थी लेकिन बंद होने से दिक्कत हो रहा है। रविन्द्र शर्मा कहते हैं कि पैसेंजर ट्रेन ज्यादा जरूरी है लेकिन रेलवे चला नहीं रहा है। रेलवे को चाहिए कि वह पैसेंजर ट्रेनों का संचालन शुरू कराए
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