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दस सालों से कर रहे स्थायी सब्जी मंडी की मांग, मिल रही तारीख पर तारीख
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नगर में स्थायी सब्जी मंडी का मुद्दा इस विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा साबित होने वाला है। हजारों सब्जी विक्रेता पिछले 10 सालों से नगर में स्थायी सब्जी मंडी की मांग कर रहे हैं। इसके लिए वे पीएम, सीएम, डीएम के साथ साथ स्थानीय सांसद और विधायक से भी गुहार लगा चुके हैं। दर्जनों बार प्रदर्शन कर चुुके हैं पर हर बार उन्हें तारीख पर तारीख ही मिलती है। पिछले दस सालो से अपनी मांगों के लिए सब्जी विक्रेता हर महीने के एक तारीख को सब्जी मंडी बंद रखकर विरोध जताते आ रहे हैं पर उनकी कोई नहीं सुनता। कई नेताओं ने सब्जी मंडी बनवाने के वादे किए पर चुनाव जीतने के बाद सब भूल गए।
जिले के मिनी महानगर के नाम से प्रसिद्ध पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर में स्थायी सब्जी मंडी न होने की वजह से सड़क के पटरी पर सब्जी मंडी लगती है। सब्जी के कारोबार से करीब डेढ हजार परिवार को रोजगार मिला हुआ है। स्थायी सब्जी मंडी न होने से सब्जी विक्रेताओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सब्जी मंडी वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष नारायण सोनकर ने बताया कि हम सब्जी विक्रेता 2012 से लगातार स्थायी सब्जी मंडी की मांग कर रहे हैं। दर्जनों बार प्रदर्शन किया गया, धरना हुआ पर हर बार तारिख और आश्वासन देकर छलावा किया जाता है। यहां तक की हम लोगों ने स्थायी सब्जी मंडी की मांग के लिए पीएम, सीएम के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों से कई बार गुहार लगाई पर किसी ने नहीं सुनी। हर बार केवल आश्वासन दिया गया। 2020 जुलाई में भी हमलोगों ने रोड पर प्रदर्शन किया था। इसके लिए अभी भी प्रत्येक माह के एक तारीख को मंडी बंद करके विरोध जताते हैं। सब्जी विक्रेता अजय सोनकर ने बताया कि इस समय आलम यह है कि सब्जी विक्रेताओं के पास सब्जी रखने के लिए गोदाम नहीं है जिससे काफी नुकसान होता है। सब्जी विक्रेता बबलू सोनकर ने बताया कि अगर स्थायी सब्जी मंडी बन जाता तो नगर में जाम नहीं लगता। सब्जी विक्रेताओं को काफी राहत मिलती। सब्जी विक्रेता राजकुमार सोनकर ने कहा कि इस बार के चुनाव में जो भी प्रत्याशी वोट मांगने आएंगे उनसे स्थायी सब्जी मंडी का मांग करेंगे, जो उसे पूरा करेगा उसे ही वोट दिया जाएगा।
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जिले के मिनी महानगर के नाम से प्रसिद्ध पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर में स्थायी सब्जी मंडी न होने की वजह से सड़क के पटरी पर सब्जी मंडी लगती है। सब्जी के कारोबार से करीब डेढ हजार परिवार को रोजगार मिला हुआ है। स्थायी सब्जी मंडी न होने से सब्जी विक्रेताओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सब्जी मंडी वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष नारायण सोनकर ने बताया कि हम सब्जी विक्रेता 2012 से लगातार स्थायी सब्जी मंडी की मांग कर रहे हैं। दर्जनों बार प्रदर्शन किया गया, धरना हुआ पर हर बार तारिख और आश्वासन देकर छलावा किया जाता है। यहां तक की हम लोगों ने स्थायी सब्जी मंडी की मांग के लिए पीएम, सीएम के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों से कई बार गुहार लगाई पर किसी ने नहीं सुनी। हर बार केवल आश्वासन दिया गया। 2020 जुलाई में भी हमलोगों ने रोड पर प्रदर्शन किया था। इसके लिए अभी भी प्रत्येक माह के एक तारीख को मंडी बंद करके विरोध जताते हैं। सब्जी विक्रेता अजय सोनकर ने बताया कि इस समय आलम यह है कि सब्जी विक्रेताओं के पास सब्जी रखने के लिए गोदाम नहीं है जिससे काफी नुकसान होता है। सब्जी विक्रेता बबलू सोनकर ने बताया कि अगर स्थायी सब्जी मंडी बन जाता तो नगर में जाम नहीं लगता। सब्जी विक्रेताओं को काफी राहत मिलती। सब्जी विक्रेता राजकुमार सोनकर ने कहा कि इस बार के चुनाव में जो भी प्रत्याशी वोट मांगने आएंगे उनसे स्थायी सब्जी मंडी का मांग करेंगे, जो उसे पूरा करेगा उसे ही वोट दिया जाएगा।
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