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टावर गिरने से मजदूर की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
Updated Mon, 11 Jan 2016 01:22 AM IST
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कोतवाली क्षेत्र के भभौरा गांव के पास अहरौरा से आ रही विद्युत लाइन का तार
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खींचने के दौरान रविवार की शाम पांच बजे विद्युत टावर गिर गया।
इससे एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि चार मजदूर गंभीर रूप से जख्मी हो गए। घायलों को ग्रामीणों की मदद से चकिया संयुक्त चिकित्सालय में दाखिल कराया गया। यहां उनकी हालत गंभीर देख डाक्टरों ने सभी को वाराणसी ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। इस घटना से इलाके में खलबली मच गई।
चकिया में विद्युत वितरण केंद्र के लिए अहरौरा से लाइन खींचने का काम अरावली कंपनी ने ले रखा है। इस कंपनी के मजदूर शाम पांच बजे भभौरा गांव के पास टावर पर चढ़ कर ट्रैक्टर के सहारे तार खींच रहे थे। इसी दौरान तार टाइट होते ही टावर खेत में गिर गया। इससे टावर पर चढ़े मजदूर भी नीचे गिर गए।
जिनमें मेहनारूल हक (24) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं नूर आलम (19), आलम साई(21), एसके राना(19), रसूल (22) गंभीर रूप से जख्मी हो गए। ये सभी पश्चिम बंगाल के मालदा टाउन जिले के इंगलिश बाजार नौघड़िया गांव के निवासी हैं। टावर गिरने से इलाके में खलबली मच गई। आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। सभी ने टावर हटाकर मजदूरों को बाहर निकाला और चारों घायलों को चकिया संयुक्त चिकित्सालय पहुंचाया।
यहां डाक्टरों ने सभी की हालत गंभीर देख उन्हें वाराणसी ट्रामा सेंटर भेज दिया। इतनी बड़ी दुर्घटना के बाद भी कंपनी का कोई अधिकारी कर्मचारियों का हाल चाल लेने नहीं पहुंचा। इसको लेकर मजदूरों में गुस्सा रहा।
सूचना पाकर अपर पुलिस अधीक्षक कुशहर सौरभ वहां पहुंचे। उन्होंने बताया कि मामले की जांच की जाएगी।
इस दौरान काम कर रहे मजदूर अब्दुल कादिर ने बताया कि टावर का फाउंडेशन गलत सर्वे के आधार पर बनाया गया था। इसके कारण तार के खिंचाव से टावर झटके से गिर गया।
अरावली कंस्ट्रक्शन कंपनी में कार्यरत मजदूर लीडर एसके सहरुल ने बताया कि पूर्व में ही टावर बन गया था और देख देख के अभाव में चोर टावर के पार्ट्स को चुरा चुके थे। कार्य आरंभ होने पर खोले गए लोहे के इंगल लगाए गए। टावर पर कार्य करते समय टावर हिलने की सूचना मजदूरों ने गैंग के अधिकारियों को दी थी लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया।
इससे एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि चार मजदूर गंभीर रूप से जख्मी हो गए। घायलों को ग्रामीणों की मदद से चकिया संयुक्त चिकित्सालय में दाखिल कराया गया। यहां उनकी हालत गंभीर देख डाक्टरों ने सभी को वाराणसी ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। इस घटना से इलाके में खलबली मच गई।
चकिया में विद्युत वितरण केंद्र के लिए अहरौरा से लाइन खींचने का काम अरावली कंपनी ने ले रखा है। इस कंपनी के मजदूर शाम पांच बजे भभौरा गांव के पास टावर पर चढ़ कर ट्रैक्टर के सहारे तार खींच रहे थे। इसी दौरान तार टाइट होते ही टावर खेत में गिर गया। इससे टावर पर चढ़े मजदूर भी नीचे गिर गए।
जिनमें मेहनारूल हक (24) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं नूर आलम (19), आलम साई(21), एसके राना(19), रसूल (22) गंभीर रूप से जख्मी हो गए। ये सभी पश्चिम बंगाल के मालदा टाउन जिले के इंगलिश बाजार नौघड़िया गांव के निवासी हैं। टावर गिरने से इलाके में खलबली मच गई। आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। सभी ने टावर हटाकर मजदूरों को बाहर निकाला और चारों घायलों को चकिया संयुक्त चिकित्सालय पहुंचाया।
यहां डाक्टरों ने सभी की हालत गंभीर देख उन्हें वाराणसी ट्रामा सेंटर भेज दिया। इतनी बड़ी दुर्घटना के बाद भी कंपनी का कोई अधिकारी कर्मचारियों का हाल चाल लेने नहीं पहुंचा। इसको लेकर मजदूरों में गुस्सा रहा।
सूचना पाकर अपर पुलिस अधीक्षक कुशहर सौरभ वहां पहुंचे। उन्होंने बताया कि मामले की जांच की जाएगी।
इस दौरान काम कर रहे मजदूर अब्दुल कादिर ने बताया कि टावर का फाउंडेशन गलत सर्वे के आधार पर बनाया गया था। इसके कारण तार के खिंचाव से टावर झटके से गिर गया।
अरावली कंस्ट्रक्शन कंपनी में कार्यरत मजदूर लीडर एसके सहरुल ने बताया कि पूर्व में ही टावर बन गया था और देख देख के अभाव में चोर टावर के पार्ट्स को चुरा चुके थे। कार्य आरंभ होने पर खोले गए लोहे के इंगल लगाए गए। टावर पर कार्य करते समय टावर हिलने की सूचना मजदूरों ने गैंग के अधिकारियों को दी थी लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया।