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साढ़े तीन करोड़ के गबन पर दो पर केस
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
Updated Fri, 22 Jan 2016 01:26 AM IST
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स्थानीय कस्बे में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन निर्माण में तीन करोड़
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52 लाख रुपये गलत ढंग से निकालने का मामला प्रकाश में आया है।
गत दिनों जांच में यह बात सामने आने पर सीएमओ के निर्देश पर दो इंजीनियरों के खिलाफ गुरुवार को गबन का मुकदमा बलुआ थाने में दर्ज कराया गया। जांच सीएमओ ने कराई थी।
कस्बे में वर्ष 2010 में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को उच्चीकृत कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने की योजना बनाई गई। इसके लिए प्रदेश सरकार ने 25 बेड के नए अस्पताल भवन, आवासीय परिसर, पानी टंकी आदि बनाने की कार्ययोजना तैयार की।
इसे बनाने की जिम्मेदारी राष्ट्रीय निर्माण निगम मिर्जापुर इकाई को दी गई। मार्च 2014 तक भवन निर्माण का काम पूरा होना था। लेकिन एक वर्ष बाद ही काम अधूरा छोड़ दिया गया।
जबकि इसके लिए निर्धारित तीन करोड़ 52 लाख निकाल लिया गया। जांच में पता चला कि जितना निर्माण हुआ है, इससे 3 करोड़ 52 लाख रुपये अधिक की धनराशि गलत तरीके से निकाली गई है। गुरुवार को देर शाम सीएमओ ने एसपी को पत्र लिख कर राष्ट्रीय निर्माण निगम के एक्सईएन एफएसके धुसिया और इंजीनियर डीपी सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की संस्तुति की।
उधर अधिकारियों के निर्देश पर चहनियां स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डा. संदीप और विनय श्रीवास्तव ने राष्ट्रीय निर्माण निगम के एक्सईएन और इंजीनियर के खिलाफ तहरीर दी। इस पर पुलिस ने देर शाम दोनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 209, 420, 13 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
थानाध्यक्ष धारकेश्वर सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस संबंध में सीएमओ डा. आरएन सिंह ने बताया कि छह वर्ष पुराने प्रोजेक्ट को आधा अधूरा छोड़ दिया गया है और पूरा धन निकाल लिया गया है। जांच में करीब 3 करोड 52 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया है। इस पर मुकदमा दर्ज कराया गया है।
गत दिनों जांच में यह बात सामने आने पर सीएमओ के निर्देश पर दो इंजीनियरों के खिलाफ गुरुवार को गबन का मुकदमा बलुआ थाने में दर्ज कराया गया। जांच सीएमओ ने कराई थी।
कस्बे में वर्ष 2010 में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को उच्चीकृत कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने की योजना बनाई गई। इसके लिए प्रदेश सरकार ने 25 बेड के नए अस्पताल भवन, आवासीय परिसर, पानी टंकी आदि बनाने की कार्ययोजना तैयार की।
इसे बनाने की जिम्मेदारी राष्ट्रीय निर्माण निगम मिर्जापुर इकाई को दी गई। मार्च 2014 तक भवन निर्माण का काम पूरा होना था। लेकिन एक वर्ष बाद ही काम अधूरा छोड़ दिया गया।
जबकि इसके लिए निर्धारित तीन करोड़ 52 लाख निकाल लिया गया। जांच में पता चला कि जितना निर्माण हुआ है, इससे 3 करोड़ 52 लाख रुपये अधिक की धनराशि गलत तरीके से निकाली गई है। गुरुवार को देर शाम सीएमओ ने एसपी को पत्र लिख कर राष्ट्रीय निर्माण निगम के एक्सईएन एफएसके धुसिया और इंजीनियर डीपी सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की संस्तुति की।
उधर अधिकारियों के निर्देश पर चहनियां स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डा. संदीप और विनय श्रीवास्तव ने राष्ट्रीय निर्माण निगम के एक्सईएन और इंजीनियर के खिलाफ तहरीर दी। इस पर पुलिस ने देर शाम दोनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 209, 420, 13 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
थानाध्यक्ष धारकेश्वर सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस संबंध में सीएमओ डा. आरएन सिंह ने बताया कि छह वर्ष पुराने प्रोजेक्ट को आधा अधूरा छोड़ दिया गया है और पूरा धन निकाल लिया गया है। जांच में करीब 3 करोड 52 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया है। इस पर मुकदमा दर्ज कराया गया है।