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नक्सल बेल्ट में चुनाव अभियान पर नजर रखेगी तीसरी आंख
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चकिया। राबर्ट्सगंज संसदीय क्षेत्र में स्थित चकिया विधानसभा क्षेत्र के नक्सल प्रभावित इलाकों में चुनाव अभियान सहित मतदान को सकुशल कराने के लिए आयोग पूरी तैयारी कर चुका है। इसके तहत किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए सूचना तंत्र को मजबूत किया जा रहा है। इसके तहत सरकारी सूचना एजेंसियों के साथ ही क्षेत्र में पुलिस के ह्यूूमन इंटेलिजेंस को भी सक्रिय करने की कवायद की जा रही है।
वर्ष 2002 के विधानसभा चुनाव के दौरान औरवाटाड़ के पास मतदान कराने के बाद लौट रही पोलिंग पार्टी पर नक्सलियों द्वारा गोलीबारी की घटना हो चुकी है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 2007, वर्ष 2012 तथा 2017 के विधानसभा चुनावों तथा 2004, वर्ष 2009 तथा 2014 के लोकसभा चुनावों में मतदान का समय एक घंटे कम किया गया। चुनाव आयोग सुरक्षा के संबंध में अपने स्तर से कोई कोर-कसर नही छोड़ना चाहता है। इसलिए सुरक्षा के मुद्दे पर सूचना तंत्र को और प्रभावी बनाने की कोशिश की जा रही है। एडीशनल एसपी नक्सल आपरेशन विरेन्द्र यादव के अनुसार नक्सल प्रभावित क्षेत्र में कोई असमान्य गतिविधि न होने के बावजूद चुनाव अभियान तथा मतदान को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए सभी तैयारियां कर ली गई है। इसमें मोबाइल नेटवर्क को ठीक करने एवं खुफिया तंत्र को सक्रिय करने के अलावा ह्यूमन इंटेलिजेंस का भी सहारा लिया जाएगा।
वर्ष 2002 के विधानसभा चुनाव के दौरान औरवाटाड़ के पास मतदान कराने के बाद लौट रही पोलिंग पार्टी पर नक्सलियों द्वारा गोलीबारी की घटना हो चुकी है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 2007, वर्ष 2012 तथा 2017 के विधानसभा चुनावों तथा 2004, वर्ष 2009 तथा 2014 के लोकसभा चुनावों में मतदान का समय एक घंटे कम किया गया। चुनाव आयोग सुरक्षा के संबंध में अपने स्तर से कोई कोर-कसर नही छोड़ना चाहता है। इसलिए सुरक्षा के मुद्दे पर सूचना तंत्र को और प्रभावी बनाने की कोशिश की जा रही है। एडीशनल एसपी नक्सल आपरेशन विरेन्द्र यादव के अनुसार नक्सल प्रभावित क्षेत्र में कोई असमान्य गतिविधि न होने के बावजूद चुनाव अभियान तथा मतदान को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए सभी तैयारियां कर ली गई है। इसमें मोबाइल नेटवर्क को ठीक करने एवं खुफिया तंत्र को सक्रिय करने के अलावा ह्यूमन इंटेलिजेंस का भी सहारा लिया जाएगा।
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