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Chandauli News: एल्युमिनियम के बर्तनों में नहीं पकाना बच्चों का खाना, इससे रसोइये, शिक्षक और बीईओ अनजान
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कमालपुर के रैपुरा कंपोजिट विद्यालय पर एल्युमिनियम के बर्तन पर पकाया जा रहा मिड डे मील। स्रोत:-ज
पीडीडीयू नगर। जिले के परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को परोसे जाने वाले मिड-डे-मील की गुणवत्ता और सुरक्षा की गंभीरता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। शासन ने करीब ढाई साल पहले मध्याह्न भोजन के लिए स्टेनलेस स्टील के बर्तनों को वरीयता देने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद जिले के करीब 80 फीसदी स्कूलों में एल्युमिनियम के बर्तनों में ही बच्चों का भोजन पकाया जा रहा है। विडंबना यह है कि रसोइयों और शिक्षकों को छोड़िए, बीईओ को भी नहीं मालूम कि ऐसा निर्देश मिला है या एल्युमिनियम के बर्तन में खाना पकाना बच्चों की सेहत के लिए हानिकारक है।
शनिवार को अमर उजाला की पड़ताल में शिकारगंज, चकिया, टांडाकला और इलिया ब्लॉक के विद्यालयों में एल्युमिनियम के बर्तनों में मिड-डे-मील पकता मिला। कहीं एल्युमिनियम के भगोने तो कहीं कुकर रखे मिले। शिक्षकों ने बताया कि इन्हीं बर्तनों में रोज भोजन तैयार किया जाता है। शिक्षकों को स्टील के बर्तनों में भोजन पकाने के निर्देश की जानकारी तक नहीं थी। चकिया के खंड शिक्षा अधिकारी अजीत पाल ने पूछने पर बताया कि एल्युमिनियम की जगह स्टील के बर्तन खरीदने के लिए शासन से कोई निर्देश नहीं मिला। एल्युमिनियम के बर्तनों में भोजन पकाने से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव की जानकारी विशेषज्ञों से कराई जाएगी।
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इनसेट--
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ढाई साल पहले जारी हुआ था शासनादेश
उत्तर प्रदेश मध्याह्न भोजन प्राधिकरण की निदेशक कंचन शर्मा ने 26 फरवरी 2024 को प्रदेश के सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों और जिला विद्यालय निरीक्षकों को पत्र भेजा था। इसमें कहा गया था कि भोजन पकाने में कोटिंग रहित एल्युमिनियम के बर्तनों के प्रयोग से भोजन में एल्युमिनियम की लीचिंग का खतरा रहता है। इसकी संभावना भोजन पकाने के तापमान, माध्यम, खाद्य सामग्री और भोजन पकाने की अवधि पर निर्भर करती है। पत्र में भविष्य में योजना के तहत बर्तनों की खरीद में यथासंभव एल्युमिनियम के स्थान पर स्टेनलेस स्टील के बर्तनों को वरीयता देने को कहा गया था। शासनादेश के ढाई साल बाद भी ज्यादातर विद्यालयों में एल्युमिनियम के पुराने बर्तनों में ही खाना पकाया जा रहा है।
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कोट--
एल्युमिनियम के बर्तन में भोजन पकाने से एल्युमिनियम फास्फाइड केमिकल शरीर में पहुंचता है, जो लीवर, फेफड़ों और किडनी के लिए नुकसानदायक होता है। इसलिए एल्युमिनियम के बर्तन इस्तेमाल से परहेज करना चाहिए। - डॉ. आरआर यादव, वरिष्ठ चिकित्सक, राजकीय संयुक्त चिकित्सालय, चकिया
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शासन के निर्देश का अनुपालन कराया जाएगा। जिन विद्यालयों में एल्युमिनियम के बर्तनों में खाना पकता पाया जाएगा, उन विद्यालयों के जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। - सचिन कुमार, बीएसए, चंदौली
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शनिवार को अमर उजाला की पड़ताल में शिकारगंज, चकिया, टांडाकला और इलिया ब्लॉक के विद्यालयों में एल्युमिनियम के बर्तनों में मिड-डे-मील पकता मिला। कहीं एल्युमिनियम के भगोने तो कहीं कुकर रखे मिले। शिक्षकों ने बताया कि इन्हीं बर्तनों में रोज भोजन तैयार किया जाता है। शिक्षकों को स्टील के बर्तनों में भोजन पकाने के निर्देश की जानकारी तक नहीं थी। चकिया के खंड शिक्षा अधिकारी अजीत पाल ने पूछने पर बताया कि एल्युमिनियम की जगह स्टील के बर्तन खरीदने के लिए शासन से कोई निर्देश नहीं मिला। एल्युमिनियम के बर्तनों में भोजन पकाने से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव की जानकारी विशेषज्ञों से कराई जाएगी।
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ढाई साल पहले जारी हुआ था शासनादेश
उत्तर प्रदेश मध्याह्न भोजन प्राधिकरण की निदेशक कंचन शर्मा ने 26 फरवरी 2024 को प्रदेश के सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों और जिला विद्यालय निरीक्षकों को पत्र भेजा था। इसमें कहा गया था कि भोजन पकाने में कोटिंग रहित एल्युमिनियम के बर्तनों के प्रयोग से भोजन में एल्युमिनियम की लीचिंग का खतरा रहता है। इसकी संभावना भोजन पकाने के तापमान, माध्यम, खाद्य सामग्री और भोजन पकाने की अवधि पर निर्भर करती है। पत्र में भविष्य में योजना के तहत बर्तनों की खरीद में यथासंभव एल्युमिनियम के स्थान पर स्टेनलेस स्टील के बर्तनों को वरीयता देने को कहा गया था। शासनादेश के ढाई साल बाद भी ज्यादातर विद्यालयों में एल्युमिनियम के पुराने बर्तनों में ही खाना पकाया जा रहा है।
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कोट
एल्युमिनियम के बर्तन में भोजन पकाने से एल्युमिनियम फास्फाइड केमिकल शरीर में पहुंचता है, जो लीवर, फेफड़ों और किडनी के लिए नुकसानदायक होता है। इसलिए एल्युमिनियम के बर्तन इस्तेमाल से परहेज करना चाहिए। - डॉ. आरआर यादव, वरिष्ठ चिकित्सक, राजकीय संयुक्त चिकित्सालय, चकिया
शासन के निर्देश का अनुपालन कराया जाएगा। जिन विद्यालयों में एल्युमिनियम के बर्तनों में खाना पकता पाया जाएगा, उन विद्यालयों के जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। - सचिन कुमार, बीएसए, चंदौली

कमालपुर के रैपुरा कंपोजिट विद्यालय पर एल्युमिनियम के बर्तन पर पकाया जा रहा मिड डे मील। स्रोत:-ज

कमालपुर के रैपुरा कंपोजिट विद्यालय पर एल्युमिनियम के बर्तन पर पकाया जा रहा मिड डे मील। स्रोत:-ज