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पिछले वर्ष 10 की तुलना में इस वर्ष मिले केवल छह एचआईवी पीड़ित

Mon, 23 Dec 2019 12:42 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 23 Dec 2019 12:42 AM IST
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chandauli news
कंदवा। बरहनी विकास खंड के विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों व उपकेंद्रों पर इस वर्ष एचआईवी पीड़ित रोगियों की संख्या में कमी आई है। स्वास्थ्य केंद्रों में एचआईवी की जांच के लिए आए मरीजों के जांच के बाद यह बात सामने आई कि विगत वर्षों की तुलना में इस वर्ष में एचआईवी पाजिटिव मरीजों की संख्या कम है। बरहनी पीएचसी में उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार नवंबर माह तक 2839 मरीजों व गर्भवती महिलाओं की जांच में मात्र छह एचआईवी पाजिटिव पाए गए जिनमें दो महिलाएं व चार पुरुष शामिल हैं। वहीं बीते वर्षों में मरीजों की संख्या इससे ज्यादा पाई गई थी।
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बरहनी पीएचसी से प्राप्त आंकड़ों को देखा जाए तो वर्ष 2015-16 में सात, 2017-18 में भी सात व 2018-19 में 10 मरीज मिले थे। वहीं वर्ष 2019-20 के नवंबर माह तक केवल छह एचआईवी पीड़ित पाए गए हैं। इनमें चार ऐसे मरीज हैं जिसमें पति व पत्नी दोनों एचआईवी से पीड़ित हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात एचआईवी परामर्शदाता संजय ने एचआईवी पीड़ितों का नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि ज्यादातर लोग बाहर रहकर कार्य करने के दौरान एचआईवी की चपेट में आ जाते हैं। उनके संपर्क में आकर उनकी पत्नी भी बीमारी से संक्रमित हो जाती है। कहा कि ऐसे लोगों को समय रहते जांच करा कर इलाज कराने की आवश्यकता होती है।
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इनसेट....
इन वजहों से मरीजों की संख्या में आई कमी
एचआईवी परामर्शदाता ने बताया कि बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ने के कारण मरीजों की संख्या में कमी आई है। अब क्षेत्र से बाहर कमाने के लिए जाने वाले लोग सावधानी बरतने लगे हैं। वहीं यह सरकार की ओर से बीमारी पर प्रभावी रोक के लिए उठाए गए कदमों का भी असर हो सकता है।
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कोट..........
स्वास्थ्य केंद्र सहित सभी उपकेंद्रों पर एचआईवी जांच की सुविधा उपलब्ध है। पीड़ित गर्भवती महिला के शिशु को इलाज के माध्यम से बीमारी की चपेट में आने से बचाया जा सकता है। जन्म के बाद बच्चों को एक विशेष तरह की दवा दी जाती है और छह से 18 माह तक आईसीटीसी की देखरेख में रखा जाता है। वहीं समय-समय पर बच्चे का डीएनए टेस्ट भी किया जाता है। डॉ. रितेश कुमार, प्रभारी चिकित्साधिकारी बरहनी पीएचसी।
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