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छात्र का प्रवेश रद्द होने के बाद कालेज में बवाल
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पीडीडीयू नगर। लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव में नामांकन के लिए पर्चा खरीदने के बाद छात्र का प्रवेश निरस्त होने की जानकारी होते ही सोमवार को समर्थन में सैकड़ों छात्र विरोध में उतर आए। नाराज छात्र प्राचार्य कक्ष में घुस गए। वहां जमकर बहस हुई और बात नहीं बनने पर छात्र कालेज परिसर में ही धरने पर बैठ गए। इसके बाद शाम को करीब पांच बजे छात्र जीटी रोड जाम कर दिया। इस दौरान दिनभर हुए घटनाक्रम के बीच छात्रों को समझाने में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को पसीने छूट गए लेकिन बात नहीं बनी। छात्र प्रवेश को निरस्त न करने और 14 नवंबर को होने वाले छात्रसंघ चुनाव को टालने की मांग पर अड़े रहे। इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर कॅालेज के आसपास का क्षेत्र दिनभर छावनी में तब्दील रहा।
नगर स्थित लाल बहादुर शास्त्री पीजी कालेज में अविनाश लखन महाशिवरात्रा का प्रवेश एमए प्रथम वर्ष में हिंदी विषय में हुआ था। छात्र अविनाश के अनुसार प्राचार्य की ओर से कुलसचिव महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ को एक पत्र भेजा गया था, जिसपर कुलसचिव की ओर से विशेष परिस्थियों में प्रवेश देने के आदेश पर 29 जुलाई को उसका एडमिशन किया गया था। अविनाश, छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी भी कर था। इस दौरान एक नवंबर को उसने चुनाव में शामिल होने के लिए नामांकन पत्र भी खरीदा था। लेकिन दो नवंबर को यूनिवर्सिटी के सहायक कुलसचिव के लेटर हेड पर प्रवेश को नियमानुसार न बताते हुए प्रवेश को रद्द करने का आदेश दिया गया। जिसपर प्राचार्य ने अविनाश लखन का प्रवेश निरस्त कर दिया। सोमवार को इसकी जानकारी होते ही अविनाश के समर्थकों में आक्रोश पनप गया और सैकड़ों की संख्या में छात्र धरने पर बैठ गए। दिनभर छात्रों के रूख को देखते हुए माहौल गर्म रहा। देर शाम तक एसडीएम और सीओ छात्रों को समझाते रहे। लेकिन छात्र अपनी जिद पर अड़े रहे और धरने जारी रहा। इस बाबत एसडीएम कुमार हर्ष ने कहा कि एडमिशन निरस्त किए जाने व चुनाव के बाबत एक रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी गई है।
पीडीडीयू नगर। छात्र अविनाश लखन का प्रवेश निरस्त होने की सूचना कालेज के बाहर चस्पा किए जाने के बाद उनका गुस्सा फूट पड़ा। इसके बाद सौ की संख्या में छात्र जीटी रोड पर पहुंच गए और सड़क पर आवागमन ठप कर दिया। इससे सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। छात्रों का आरोप रहा कि जब पूरे प्रकरण की जांच अधिकारियो की ओर से की जा रही है तो ऐसे में एडमिशन निरस्त करने की सूचना दीवाल पर चस्पा किया जाना न्याय संगत नहीं है। सड़क पर जाम लगते ही पुलिस के हाथ पांव फूल गए। पुलिस किसी प्रकार छात्रों को समझा बुझाकर वहां से हटाया। संवाद
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इनसेट
छावनी में तब्दील रहा एलबीएस क्रय विक्रय केंद्र
पीडीडीयू नगर। छात्र का एडमिशन निरस्त होने के बाद छात्रों के बवाल को लेकर एलबीएस क्रय विक्रय केंद्र में दिन भी पुलिस तैनात रही। छात्रों के हंगामे के मद्देनजर काफी संख्या में पीएसी और कई थानों की फोर्स को तैनात किया गया था। छात्रों के हंगामे को देखते हुए क्रय विक्रय केंद्र के कई दुुकानदार अपनी-अपनी दुकानें बंद कर निकल गए थे।
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अपने ही आदेश से पलटा विश्वविद्यालय प्रशासन
पहले एडमिशन बाद में आया निरस्त करने का आदेश
कुलसचिव ने 29 जुलाई को दिया था प्रवेश देने का आदेश, दो नवंबर को मिला निरस्त करने का पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
पीडीडीयू नगर। एलबीएस पीजी कालेज में एमए हिंदी में प्रवेश के लिए विशेष परिस्थितियों में एडमिशन लेने के लिए दिये गए आदेश के बाद महात्मा गांधी काशी विश्व विद्यालय प्रशासन पलट गया। विश्वविद्यालय प्रशासन के कुलसचिव ने पहले प्रवेश लेने के लिए महाविद्यालय प्रशासन को आदेशित किया। तीन महीने बाद में सहायक कुलसचिव ने पत्र जारी कर उस एडमिशन को रद्द करने आदेश दे दिया। एक मामले में दो तरह के आदेश के चलते सोमवार को छात्र सड़क पर उतर आए और दिनभर नगर में अफरा-तफरा का माहौल रहा। एक ही मामले में दो आदेश से विश्वविद्यालय प्रशासन पर सवाल उठने लगे हैं। वहीं कुलसचिव ने प्रवेश मेें किसी तरह की गड़बड़ी से पल्ला झाड़ते हुए इसका ठीकरा कालेज प्रशासन के सिर फोड़ दिया है।
दिल्ली यूनिवर्सिटी से भूगोल विषय से बीए आनर्स करने बाद अविनाश लखन ने लाल बहादुर पीजी कालेज में शैक्षिक सत्र 2019-20 एमए हिंदी में प्रवेश लेने के लिए प्रवेश परीक्षा दी थी। प्रवेश परीक्षा उर्त्तीण करने के बाद एलबीएस पीजी कालेज के प्राचार्य की ओर से 27 जुलाई को काशी विद्यापीठ के कुलसचिव को भेजे गए पत्र में यह बताया गया कि विश्वविद्यालय के नियमानुसार एमए हिंदी में प्रवेश लेेने के लिए स्नातक तृतीय वर्ष में हिंदी विषय अनिवार्य तौर पर लिया गया हो। लेकिन छात्र ने स्नातक के प्रथम सेमेेस्टर की परीक्षा में एक पेपर हिंदी लिया था, ऐसे में वह एमए हिंदी में प्रवेश की अर्हता नहीं रखता है। इस प्रकरण में प्राचार्य ने कुलसचिव से पत्र भेजकर मार्गदर्शन मांगा था। जिस पर पत्र के जवाब में कुलसचिव ने 29 जुलाई को सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए विशेष परिस्थितियों में छात्र को प्रवेश देने के लिए आदेशित किया। कुलसचिव के आदेश पर कालेज प्रशासन ने अविनाश को एमए हिंदी प्रथम वर्ष में प्रवेश दे दिया। तीन माह बाद दो नवंबर को सहायक कुलसचिव ने अविनाश के एडमिशन को रद्द करने के लिए आदेशित कर दिया। कालेज खुलने के बाद सोमवार को प्राचार्य ने जब इसकी जानकारी छात्र को दी तो उसके समर्थक उग्र हो गए और दिनभर जमकर हंगामा किया।
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कोट....
छात्र के प्रवेश प्रक्रिया में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से नियमानुसार कार्रवाई की गई है। प्रवेश में गड़बड़ी की पूरी जिम्मेदरी महाविद्यालय प्रशासन की है। डॉ. साहब लाल मौर्य कुलसचिव, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ।
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कोट....
कुलसचिव कार्यालय से दो नवंबर को आए लिखित आदेश पर अविनाश का एडमिशन निरस्त कर दिया गया है। आदेश की एक प्रति कालेज के बाहर दीवार पर चस्पा कर दी गई है। डॉ. सुरेंद्र मिश्रा, प्राचार्य, एलबीएस डिग्री कालेज।
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नगर स्थित लाल बहादुर शास्त्री पीजी कालेज में अविनाश लखन महाशिवरात्रा का प्रवेश एमए प्रथम वर्ष में हिंदी विषय में हुआ था। छात्र अविनाश के अनुसार प्राचार्य की ओर से कुलसचिव महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ को एक पत्र भेजा गया था, जिसपर कुलसचिव की ओर से विशेष परिस्थियों में प्रवेश देने के आदेश पर 29 जुलाई को उसका एडमिशन किया गया था। अविनाश, छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए दावेदारी भी कर था। इस दौरान एक नवंबर को उसने चुनाव में शामिल होने के लिए नामांकन पत्र भी खरीदा था। लेकिन दो नवंबर को यूनिवर्सिटी के सहायक कुलसचिव के लेटर हेड पर प्रवेश को नियमानुसार न बताते हुए प्रवेश को रद्द करने का आदेश दिया गया। जिसपर प्राचार्य ने अविनाश लखन का प्रवेश निरस्त कर दिया। सोमवार को इसकी जानकारी होते ही अविनाश के समर्थकों में आक्रोश पनप गया और सैकड़ों की संख्या में छात्र धरने पर बैठ गए। दिनभर छात्रों के रूख को देखते हुए माहौल गर्म रहा। देर शाम तक एसडीएम और सीओ छात्रों को समझाते रहे। लेकिन छात्र अपनी जिद पर अड़े रहे और धरने जारी रहा। इस बाबत एसडीएम कुमार हर्ष ने कहा कि एडमिशन निरस्त किए जाने व चुनाव के बाबत एक रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी गई है।
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पीडीडीयू नगर। छात्र अविनाश लखन का प्रवेश निरस्त होने की सूचना कालेज के बाहर चस्पा किए जाने के बाद उनका गुस्सा फूट पड़ा। इसके बाद सौ की संख्या में छात्र जीटी रोड पर पहुंच गए और सड़क पर आवागमन ठप कर दिया। इससे सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। छात्रों का आरोप रहा कि जब पूरे प्रकरण की जांच अधिकारियो की ओर से की जा रही है तो ऐसे में एडमिशन निरस्त करने की सूचना दीवाल पर चस्पा किया जाना न्याय संगत नहीं है। सड़क पर जाम लगते ही पुलिस के हाथ पांव फूल गए। पुलिस किसी प्रकार छात्रों को समझा बुझाकर वहां से हटाया। संवाद
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पीडीडीयू नगर। छात्र का एडमिशन निरस्त होने के बाद छात्रों के बवाल को लेकर एलबीएस क्रय विक्रय केंद्र में दिन भी पुलिस तैनात रही। छात्रों के हंगामे के मद्देनजर काफी संख्या में पीएसी और कई थानों की फोर्स को तैनात किया गया था। छात्रों के हंगामे को देखते हुए क्रय विक्रय केंद्र के कई दुुकानदार अपनी-अपनी दुकानें बंद कर निकल गए थे।
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अपने ही आदेश से पलटा विश्वविद्यालय प्रशासन
पहले एडमिशन बाद में आया निरस्त करने का आदेश
कुलसचिव ने 29 जुलाई को दिया था प्रवेश देने का आदेश, दो नवंबर को मिला निरस्त करने का पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
पीडीडीयू नगर। एलबीएस पीजी कालेज में एमए हिंदी में प्रवेश के लिए विशेष परिस्थितियों में एडमिशन लेने के लिए दिये गए आदेश के बाद महात्मा गांधी काशी विश्व विद्यालय प्रशासन पलट गया। विश्वविद्यालय प्रशासन के कुलसचिव ने पहले प्रवेश लेने के लिए महाविद्यालय प्रशासन को आदेशित किया। तीन महीने बाद में सहायक कुलसचिव ने पत्र जारी कर उस एडमिशन को रद्द करने आदेश दे दिया। एक मामले में दो तरह के आदेश के चलते सोमवार को छात्र सड़क पर उतर आए और दिनभर नगर में अफरा-तफरा का माहौल रहा। एक ही मामले में दो आदेश से विश्वविद्यालय प्रशासन पर सवाल उठने लगे हैं। वहीं कुलसचिव ने प्रवेश मेें किसी तरह की गड़बड़ी से पल्ला झाड़ते हुए इसका ठीकरा कालेज प्रशासन के सिर फोड़ दिया है।
दिल्ली यूनिवर्सिटी से भूगोल विषय से बीए आनर्स करने बाद अविनाश लखन ने लाल बहादुर पीजी कालेज में शैक्षिक सत्र 2019-20 एमए हिंदी में प्रवेश लेने के लिए प्रवेश परीक्षा दी थी। प्रवेश परीक्षा उर्त्तीण करने के बाद एलबीएस पीजी कालेज के प्राचार्य की ओर से 27 जुलाई को काशी विद्यापीठ के कुलसचिव को भेजे गए पत्र में यह बताया गया कि विश्वविद्यालय के नियमानुसार एमए हिंदी में प्रवेश लेेने के लिए स्नातक तृतीय वर्ष में हिंदी विषय अनिवार्य तौर पर लिया गया हो। लेकिन छात्र ने स्नातक के प्रथम सेमेेस्टर की परीक्षा में एक पेपर हिंदी लिया था, ऐसे में वह एमए हिंदी में प्रवेश की अर्हता नहीं रखता है। इस प्रकरण में प्राचार्य ने कुलसचिव से पत्र भेजकर मार्गदर्शन मांगा था। जिस पर पत्र के जवाब में कुलसचिव ने 29 जुलाई को सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए विशेष परिस्थितियों में छात्र को प्रवेश देने के लिए आदेशित किया। कुलसचिव के आदेश पर कालेज प्रशासन ने अविनाश को एमए हिंदी प्रथम वर्ष में प्रवेश दे दिया। तीन माह बाद दो नवंबर को सहायक कुलसचिव ने अविनाश के एडमिशन को रद्द करने के लिए आदेशित कर दिया। कालेज खुलने के बाद सोमवार को प्राचार्य ने जब इसकी जानकारी छात्र को दी तो उसके समर्थक उग्र हो गए और दिनभर जमकर हंगामा किया।
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छात्र के प्रवेश प्रक्रिया में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से नियमानुसार कार्रवाई की गई है। प्रवेश में गड़बड़ी की पूरी जिम्मेदरी महाविद्यालय प्रशासन की है। डॉ. साहब लाल मौर्य कुलसचिव, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ।
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कोट....
कुलसचिव कार्यालय से दो नवंबर को आए लिखित आदेश पर अविनाश का एडमिशन निरस्त कर दिया गया है। आदेश की एक प्रति कालेज के बाहर दीवार पर चस्पा कर दी गई है। डॉ. सुरेंद्र मिश्रा, प्राचार्य, एलबीएस डिग्री कालेज।