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जलीं होलिकाएं, अब बरसेंगे रंग
ब्यूरो/ अमरउजाला, चंदौली
Updated Wed, 23 Mar 2016 12:33 AM IST
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होली खेलते युवा
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होली पर पूरा जनपद मंगलवार को रंगों में रंगा हुआ नजर आया। पर्व को लेकर लोगों में उत्साह खूब दिखा। जिले की होलिकाओं का दहन मंगलवार की देर रात के बाद किया गया। इसके पूर्व युवा दिन भर होलिका की ऊंचाई बढ़ाने में लगे रहे। वहीं पूरी रात युवा होली फाग पर झूमते रहे और होलिका दहन स्थल पर एकत्र रहे। भद्रा समाप्त होने पर भोर में सवा तीन बजे होलिका में आग लगाई गई। होलिका दहन के साथ बम, पटाखे छोड़ लोगों ने आनंद उठाया। बुधवार को अब रंगों की होली होगी।
इस बार तिथियों की हेर फेर की वजह के कुछ गलत फहमी हुई, लेकिन काशी से सटे चंदौली जनपद में पंचांग में लिखित विधि के अनुसार भोर में सवा तीन बजे होलिका दहन किया गया। पंचांग के मुताबिक दोपहर में मंगलवार को दोपहर में ढाई बजे से पूर्णिमा तिथि की शुरुआत हुई। इसके साथ ही भद्रा लग गया। और इसका समापन भोर में तीन बजकर 15 मिनट पर हुआ। इसी के अनुसार होलिका दहन किया गया। इसके पहले विभिन्न समाज के लोगों ने होलिका का पूजन अर्चन किया। सजधज कर महिलायें होलिका के समीप पहुंची और कच्चा सूत लपेटा। होलिका दहन के समय परंपरागत गीत होली का होल्ला माजेपुर, पहिले मारे मर्दनपुर गाते हुये आग लेकर होलिका का चक्कर लगाया । उसके बाद आग लगाई गयी। जनपद में 1290 स्थानों पर होलिका की स्थापना की गयी थी।
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इस बार तिथियों की हेर फेर की वजह के कुछ गलत फहमी हुई, लेकिन काशी से सटे चंदौली जनपद में पंचांग में लिखित विधि के अनुसार भोर में सवा तीन बजे होलिका दहन किया गया। पंचांग के मुताबिक दोपहर में मंगलवार को दोपहर में ढाई बजे से पूर्णिमा तिथि की शुरुआत हुई। इसके साथ ही भद्रा लग गया। और इसका समापन भोर में तीन बजकर 15 मिनट पर हुआ। इसी के अनुसार होलिका दहन किया गया। इसके पहले विभिन्न समाज के लोगों ने होलिका का पूजन अर्चन किया। सजधज कर महिलायें होलिका के समीप पहुंची और कच्चा सूत लपेटा। होलिका दहन के समय परंपरागत गीत होली का होल्ला माजेपुर, पहिले मारे मर्दनपुर गाते हुये आग लेकर होलिका का चक्कर लगाया । उसके बाद आग लगाई गयी। जनपद में 1290 स्थानों पर होलिका की स्थापना की गयी थी।
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