चंदौली के सूरज काबुल से लौटे: बेटे को सामने देख भावुक हुए पिता, परिवार लगातार कर रहा था सलामती की दुआ
नियामताबाद ब्लॉक के अमोघपुर निवासी बुद्धिराम चौहान का छोटा बेटा सूरज चौहान(29) काबुल में वेल्डर काम करता है। वह जनवरी 2021 में काबुल गया था। वहां हालात बिगड़ने पर परिवार वालों की चिंता बढ़ गई थी।
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अफगानिस्तान के काबुल में फंसे चंदौली जिले के मुगलसराय कोतवाली के अमोघपुर गांव के रहने वाले सूरज कुमार सोमवार सुबह घर लौट आए हैं। सूरज के घर पहुंचते ही उनके परिजनों की मुस्कान वापस लौट आई है। बेटे को सही सलामत सामने देख पिता बुद्धिराम चौहान की आंखों से आंसू रूक नहीं रहे थे। सूरज ने पैर छूकर पिता से आशीर्वाद लिया उन्हें अपने हाथों से मिठाई खिलाई।
परिवार में उनकी मां, पत्नी और भाई के खुशी का ठिकाना न रहा। इधर, सूरज के घर पहुंचते ही गांव के लोगों की भीड़ जुट गई। कैबिनेट मंत्री और स्थानीय सांसद डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय के प्रतिनिधि और भाजपा नेता राणाप्रताप सिंह ने अमोघपुर पहुंचकर सूरज का मुंह मीठा कराया।
परिवार के परेशान होने पर राणाप्रताप सिंह के माध्यम से ही डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय ने उनसे बात की थी। आश्वासन दिया था कि जल्द ही सूरज को देश लाने का प्रयास किया जाएगा। तीन दिन बाद ही सूरज घर पहुंच गया। परिवार के लोगों ने सांसद को धन्यवाद दिया है।
नियामताबाद ब्लॉक के अमोघपुर निवासी बुद्धिराम चौहान का छोटा बेटा सूरज चौहान(29) काबुल में वेल्डर काम करता है। वह जनवरी 2021 में काबुल गया था। वहां हालात बिगड़ने पर परिवार वालों की चिंता बढ़ गई थी। बेटे सूरज से बात होने के बावजूद परिवार बेचैन रहता था। सूरज के सकुशल वापस आने पर परिवार के लोग सरकार को धन्यवाद दे रहे हैं।