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पानी के लिए ग्रामीणों ने किया हंगामा
Chandauli
Updated Sat, 24 May 2014 05:32 AM IST
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शिकारगंज। क्षेत्र में मिश्रपुरा गांव विकास कोसों दूर है। गांव की चार सौ आबादी पर मात्र दो हैंडपंपों की व्यवस्था है। वह भी सालों से खराब पड़े है। यहां की सड़कें बदहाल हैं। इन्हीं समस्याओं को लेकर शुक्रवार को ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि हैंडपंप के अभाव में लोग कुुएं और अन्य वैकल्पिक स्रोतों से पेयजल की व्यवस्था कर रहे हैं। गांव में कुछ लोगों के यहां निजी हैंडपंप तो लगे हैं लेकिन उनका पानी भी पीने योग्य नहीं है।
नक्सल प्रभावित इलाके के नौडिहा ग्राम पंचायत के अंतर्गत मिश्रपुरा गांव में विकास कार्य नहीं होने से यहां के ग्रामीण आधारभूत सुविधाओं के लिए भी परेशान हैं। गांव में मात्र दो हैंडपंपों को पेयजल के लिए लगाया गया था। परंतु दोनों हैंडपंप भी वर्षों से खराब पड़े हुए हैं। आवागमन के लिए आधी-अधूरी बनाी गई सड़क अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रही है। शिकारगंज संपर्क मार्ग भी जर्जर हो चुका है। बिजली आपूर्ति भी सही ढंग से न होने के कारण ग्रामीण परेशान रहते हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कोई भी जनप्रतिनिधि उनकी समस्याओं को सुनने को तैयार नहीं है। चेताया कि यदि ऐसा ही चलता रहा तो वे लोग उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। हंगामा करने वालों में शिवधर मिश्र, सुजीत कुमार, वेद प्रकाश, विजय प्रकाश, सुरेश कुमार, रवि प्रकाश आदि लोग शामिल रहे। ग्राम प्रधान मेहरुन्निशा ने बताया कि हैंडपंपों की मरम्मत के लिए बीडीओ से मांग की गई है। शीघ्र ही मरम्मत कर ली जाएगी।
दूसरी तरफ जलनिगम के एई आरएस गुप्ता ने बताया कि हैंडपंपों को लगाने का मानक यह है कि एक हैंडपंप 100 से 150 की आबादी पर लगाया जाना चाहिए।
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नक्सल प्रभावित इलाके के नौडिहा ग्राम पंचायत के अंतर्गत मिश्रपुरा गांव में विकास कार्य नहीं होने से यहां के ग्रामीण आधारभूत सुविधाओं के लिए भी परेशान हैं। गांव में मात्र दो हैंडपंपों को पेयजल के लिए लगाया गया था। परंतु दोनों हैंडपंप भी वर्षों से खराब पड़े हुए हैं। आवागमन के लिए आधी-अधूरी बनाी गई सड़क अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रही है। शिकारगंज संपर्क मार्ग भी जर्जर हो चुका है। बिजली आपूर्ति भी सही ढंग से न होने के कारण ग्रामीण परेशान रहते हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कोई भी जनप्रतिनिधि उनकी समस्याओं को सुनने को तैयार नहीं है। चेताया कि यदि ऐसा ही चलता रहा तो वे लोग उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। हंगामा करने वालों में शिवधर मिश्र, सुजीत कुमार, वेद प्रकाश, विजय प्रकाश, सुरेश कुमार, रवि प्रकाश आदि लोग शामिल रहे। ग्राम प्रधान मेहरुन्निशा ने बताया कि हैंडपंपों की मरम्मत के लिए बीडीओ से मांग की गई है। शीघ्र ही मरम्मत कर ली जाएगी।
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दूसरी तरफ जलनिगम के एई आरएस गुप्ता ने बताया कि हैंडपंपों को लगाने का मानक यह है कि एक हैंडपंप 100 से 150 की आबादी पर लगाया जाना चाहिए।