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जल निकासी बंद होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
Updated Wed, 31 Oct 2018 01:48 AM IST
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कंदवा। घरों व नाबदान से निकले गंदे पानी की पोखरे में निकासी बंद कर दिए जाने से नाराज पई गांव के ग्रामीणों ने मंगलवार को राजस्व विभाग और जिला प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्या का निदान नहीं हुआ तो वे सैयदराजा-जमानिया मार्ग पर सड़क जाम कर धरना प्रदर्शन करेंगे।
ग्रामीणों का कहना था कि लगभग 50 वर्षों से गांव के घरों व नाबदान का गंदा पानी गुलाब की पोखरी में गिरता रहा है। रविवार को राजस्व विभाग में तैनात गांव के रमेश पाल व उसके भाई राजेंद्र पाल ने राजस्व विभाग की मिली भगत से पोखरी के समीप दीवार खड़ी कर जल निकासी बंद कर दी जबकि उक्त जमीन राजस्व अभिलेख में श्रेणी 6 (2) सुरक्षित आबादी में दर्ज है। ग्रामीणों ने 25 अक्टूबर को उपजिलाधिकारी सदर को प्रार्थना पत्र देकर दीवार खड़ी करने पर रोक लगाने की मांग की थी। बावजूद इसके राजस्व विभाग की मिलीभगत से पोखरी के समीप ईंट की दीवार खड़ी कर दी गई। कहा कि शिकायत के बाद भी पुलिस व जिला प्रशासन समस्या का निदान नहीं करा पा रहा है। इससे ग्रामीणों के सामने जलनिकासी की समस्या उत्पन्न हो गई है। गंदा पानी गली में बहने लगा है। प्रदर्शन करने वालों में गोपाल राय, उर्मिला शर्मा, रामकुंवर शर्मा, मंटू चौबे, शिवशंकर शर्मा, रामप्रकाश राय, विजय खरवार, ज्ञानचंद शर्मा, गुलाब खरवार, मोती शर्मा, बहादुर गोंड़, बिहारी गोंड़, दुखंति बिंद शामिल रहे।
एसडीएम सदर अभिषेक कुमार गोयल ने कहा कि मामले की जानकारी नहीं है। गांव की जलनिकासी बंद करना गंभीर मामला है। मामले की जांच करा कर कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों का कहना था कि लगभग 50 वर्षों से गांव के घरों व नाबदान का गंदा पानी गुलाब की पोखरी में गिरता रहा है। रविवार को राजस्व विभाग में तैनात गांव के रमेश पाल व उसके भाई राजेंद्र पाल ने राजस्व विभाग की मिली भगत से पोखरी के समीप दीवार खड़ी कर जल निकासी बंद कर दी जबकि उक्त जमीन राजस्व अभिलेख में श्रेणी 6 (2) सुरक्षित आबादी में दर्ज है। ग्रामीणों ने 25 अक्टूबर को उपजिलाधिकारी सदर को प्रार्थना पत्र देकर दीवार खड़ी करने पर रोक लगाने की मांग की थी। बावजूद इसके राजस्व विभाग की मिलीभगत से पोखरी के समीप ईंट की दीवार खड़ी कर दी गई। कहा कि शिकायत के बाद भी पुलिस व जिला प्रशासन समस्या का निदान नहीं करा पा रहा है। इससे ग्रामीणों के सामने जलनिकासी की समस्या उत्पन्न हो गई है। गंदा पानी गली में बहने लगा है। प्रदर्शन करने वालों में गोपाल राय, उर्मिला शर्मा, रामकुंवर शर्मा, मंटू चौबे, शिवशंकर शर्मा, रामप्रकाश राय, विजय खरवार, ज्ञानचंद शर्मा, गुलाब खरवार, मोती शर्मा, बहादुर गोंड़, बिहारी गोंड़, दुखंति बिंद शामिल रहे।
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एसडीएम सदर अभिषेक कुमार गोयल ने कहा कि मामले की जानकारी नहीं है। गांव की जलनिकासी बंद करना गंभीर मामला है। मामले की जांच करा कर कार्रवाई की जाएगी।