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कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा चंद्रप्रभा प्रखंड
Updated Wed, 23 May 2018 12:52 AM IST
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चकिया। धान के कटोरे में सिंचाई अधिकारियों तथा कर्मचारियों की कमी सिंचाई व्यवस्था पर भारी पड़ रही है। सहायक अभियंता से लेकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की कमी से चंद्रप्रभा प्रखंड जूझने को विवश है। जिसके चलते किसानो को सिंचाई के पीक टाइम में दिक्कतो का सामना करना पड़ सकता है। विभागीय अधिकारी भी सिर्फ कागजी घोड़े दौड़ाने में व्यस्त हैं। धान के कटोरे की सिंचाई व्यवस्था की कमान पूरी तरह चंद्रप्रभा प्रखंड के हाथों में है। चंद्रप्रभा प्रखंड के कुल पांच उपखंडो के जरिए जिले की समस्त सिंचाई व्यवस्था का कार्य संपन्न होता है। लेकिन हर उपखंड में सहायक अभियंताओं की नियुक्ति नहीं हुई है। पांच उपखंडो में सिर्फ एक सहायक अभियंता वर्तमान दौर में मौजूद है। इससे विभाग की कार्य प्रणाली को नियंत्रित करने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। विभाग में अवर अभियंताओं के लिए 18 पद सृजित हैं, लेकिन मात्र छह अवर अभियंताओं के जरिए काम कराना पड़ रहा है। वहीं जिलेदार के चार पदों में से सिर्फ दो पदों पर ही तैनाती है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए नियत 100 पदों में सिर्फ 40 पदों पर ही नियुक्तियां है। इससे विभाग का कार्य प्रभावित हो रहा है। किसान संगठनों के जैराम सिंह, लालचंद एडवोकेट, अजय राय तथा शिवनारायण बिंद सिंचाई विभाग के चंद्रप्रभा प्रखंड में अधिकारियों कर्मचारियों की कमी को किसानों के लिए घातक बताया है। इन नेताओं का कहना है कि कर्मचारियों और अधिकारियों की कमी सिंचाई व्यवस्था की कमर तोड़ने में अहम भूमिका अदा कर रही है।
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