{"_id":"5c2fb039bdec2256ab4fcff6","slug":"171546629177-chandauli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीओ के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चलाने का निर्णय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीओ के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चलाने का निर्णय
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इलिया। माल्दह गांव में मंगलवार की भोर में हुए हादसे में सात लोगों की मौत के बाद पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को समझा दिया, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश है। शुक्रवार को माल्दह गांव में ग्रामीणों ने बैठक की और सीओ चकिया को हटाने की मांग की । चेताया कि 24 घंटे में सीओ को नहीं हटाया गया ता सड़क पर उतरकर उनके खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। मंगलवार को घटना के बाद मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी और एसपी ने लापरवाही पर मौके से ही पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था। साथ ही सीओ चकिया के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को संस्तुति की थी। घटना के चार दिन बाद भी अब तक सीओ पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। चेतावनी दी 24 घंटे में उन्हें नहीं हटाया गया तो सड़क पर उतरेंगे। साथ ही लोगों ने पशु तस्करी रोकने को गांव में जाकर लोगों को जागरूक करने का निर्णय लिया। बैठक शुरू करने से पूर्व हादसे में मृत लोगों को श्रद्धांजलि दी गई। अरविंद कुमार, राधेश्याम, जगदीश, शोभनाथ सिंह, बंशीधर, राजनारायण पांडेय, श्यामधर संजय, बच्चन प्रसाद, आरके सिंह, राकेश कुमार, सोहन राम, मुनीब प्रसाद उपस्थित थे।
इनसेट
छापे में नहीं पकड़ाया कोई आरोपी
इलिया। माल्दह गांव में मवेशी लदे डीसीएम की चपेट में आने से कल्लूराम का कुनबा उजड़ गया। आरोपी शेरू और अन्य पशु तस्करों के खिलाफ पुलिस की छापेमारी बिहार से लेकर पश्चिमी यूपी तक जारी है मगर चार दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से दूर है। बतादें घटना के बाद पुलिस ने आनन-फानन में बिहार के भभुआ जिले के चांद थाने के शिवरामपुर गांव निवासी शेरू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी में जुटी है।
वहीं दूसरी ओर घटना वाले दिन डीएसीएम की चपेट में आने से बिजली के खंभे और तार टूट गए थे। इस दौरान बिजली आपूर्ति भी ध्वस्त हो गई थी। गुरुवार को गावं की आपूर्ति तो बहाल कर दी गई लेकिन कल्लू के घर अब भी अंधेरा है। कच्ची दीवार पर झोपड़ी के बाहर मीटर तो लगा दिया गया लेकिन घर में बल्ब नहीं जल सका है। जिससे मड़ई लगाकर किसी तरह सदमे आंसुओं के सैलाब को समेटे परिवार अंधेरे में रात गुजारने को विवश हो रहा है। हादसे के बाद गुजरात से लौटकर घर आया कल्लू राम का पुत्र मुनीब को तो अभी तक पुलिस मित्र की नौकरी के लिए न तो कोई कार्रवाई शुरू की गई। नहीं अभी तक पीड़ित परिवार को दुर्घटना हित लाभ का 5 लाख की धनराशि ही दी गई। जिससे अंत्येष्टि के बाद दाह संस्कार की अन्य औपचारिकताओं की पूर्ति करने में पीड़ित परिवार असमर्थ है। ग्राम प्रधान निर्मला देवी द्वारा दिए गए कंबल के सहारे रात काट रहे एवं कोटे के दुकान से मिले अनाज से पेट भर रहें।
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छापे में नहीं पकड़ाया कोई आरोपी
इलिया। माल्दह गांव में मवेशी लदे डीसीएम की चपेट में आने से कल्लूराम का कुनबा उजड़ गया। आरोपी शेरू और अन्य पशु तस्करों के खिलाफ पुलिस की छापेमारी बिहार से लेकर पश्चिमी यूपी तक जारी है मगर चार दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। आरोपी अब भी पुलिस की पकड़ से दूर है। बतादें घटना के बाद पुलिस ने आनन-फानन में बिहार के भभुआ जिले के चांद थाने के शिवरामपुर गांव निवासी शेरू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी में जुटी है।
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वहीं दूसरी ओर घटना वाले दिन डीएसीएम की चपेट में आने से बिजली के खंभे और तार टूट गए थे। इस दौरान बिजली आपूर्ति भी ध्वस्त हो गई थी। गुरुवार को गावं की आपूर्ति तो बहाल कर दी गई लेकिन कल्लू के घर अब भी अंधेरा है। कच्ची दीवार पर झोपड़ी के बाहर मीटर तो लगा दिया गया लेकिन घर में बल्ब नहीं जल सका है। जिससे मड़ई लगाकर किसी तरह सदमे आंसुओं के सैलाब को समेटे परिवार अंधेरे में रात गुजारने को विवश हो रहा है। हादसे के बाद गुजरात से लौटकर घर आया कल्लू राम का पुत्र मुनीब को तो अभी तक पुलिस मित्र की नौकरी के लिए न तो कोई कार्रवाई शुरू की गई। नहीं अभी तक पीड़ित परिवार को दुर्घटना हित लाभ का 5 लाख की धनराशि ही दी गई। जिससे अंत्येष्टि के बाद दाह संस्कार की अन्य औपचारिकताओं की पूर्ति करने में पीड़ित परिवार असमर्थ है। ग्राम प्रधान निर्मला देवी द्वारा दिए गए कंबल के सहारे रात काट रहे एवं कोटे के दुकान से मिले अनाज से पेट भर रहें।
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