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भ्रष्टाचार के आरोप में लिप्त दरोगा सस्पेंड
Updated Fri, 01 Sep 2017 01:03 AM IST
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चंदौली। सदर कोतवाली में तैनात दरोगा कमलेश पाल को गुरुवार को पुलिस अधीक्षक ने निलंबित कर दिया। उन पर मुकदमे से नाम हटाने के नाम पर 50 हजार रुपये मांगने का आरोप है। दरोगा के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मचा है। गुरुवार को पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह को एक आडियो मिली, जिसमें दरोगा कमलेश पाल मुकदमा से नाम निकालने के लिए 50 हजार रुपये की मांग कर रहा था।
सदर कोतवाली में तैनाती के पूर्व सकलडीहा कोतवाली में ड्यूटी के दौरान कस्बा में हुई मारपीट के मामले में दर्ज मुकदमे की जांच दरोगा कमलेश कर रहा था। पीड़ित पक्ष ने एसपी से मिलकर अपना पक्ष रखा था। पीड़ित पक्ष की बात सुनने के बाद एसपी ने दरोगा कमलेश पाल को बुलाकर मामले की निष्पक्ष जांच करने का आदेश दिया। आरोप है कि इसके बाद दरोगा ने मुकदमा में फंसे लोगों का नाम निकालने के नाम पर दुकानदारी शुरू कर दी। यहां तक कि पैसा न देने पर चार्ज सीट में नाम भेजे जाने की भी धमकी देना शुरू कर दी। इस बीच कमलेश का स्थानांतरण हो गया और उसकी नई नियुक्ति चंदौली में की गई, लेकिन कमलेश ने छूट्टी ले ली। गुरुवार को मुकदमे में फंसे लोगों ने दरोगा द्वारा धन मांगे जाने का आडियो बनाकर एसपी से मिलकर उन्हें सुनाया। आडियो में स्थिति स्पष्ट होने के बाद पुलिस अधीक्षक ने दरोगा को तत्काल निलंबित कर दिया। वहीं मामले में जांच भी बैठी दी। विभागीय सूत्रों की मानें तो वाराणसी में भी तैनाती के दौरान दरोगा पर निलंबन की कार्रवाई हो चुकी है। वाराणसी में तैनाती के दौरान दहेज हत्या के मामले में केस दर्ज होने के बाद लड़का पक्ष से एक लाख रुपये की डिमांड की थी। उस समय भी यह इसी आरोप में निलंबित किया गया था।
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