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125 करोड़ से होगा कायाकल्प
ब्यूरो/अमर उजाला, चंदौली
Updated Fri, 26 Feb 2016 01:33 AM IST
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रेलवे ने इस बार मुगलसराय मंडल के लिए 125 करोड़ रुपये का बजट दिया है।
जिसके तहत मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं के विस्तार के साथ ही सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बिजली के संकट को दूर करने के लिए झारखंड के नवी नगर में निर्माणाधीन थर्मल पावर प्लांट इस वर्ष के अंत तक चालू हो जाएगा।
उक्त जानकारी गुरुवार को मंडल रेल प्रबंधक विद्याभूषण ने मंडल कार्यालय में पत्रकारों को दी।
डीआरएम ने बताया कि मेमू ट्रेनों को चलाने के लिए गया में नया मेमू शेड बनाया जाएगा। जिसकी लागत करीब साढ़े छप्पन करोड़ होगी। गया यार्ड का विस्तारीकरण करने के लिए साढ़े बारह करोड़ से बाईपास लाइन स्वीकृत की गई है।
नवी नगर के फेस टू में रेलवे और प्रदेश सरकार के माध्यम से बन रहा थर्मल पावर प्लांट दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद बिजली की समस्या रेलवे में दूर कर ली जाएगी। वहीं पर 29 नंबर लेबल क्रासिंग पर अत्यधिक भीड़ को देखते हुए आरओवी (रोड ओवर ब्रिज) 25 करोड़ की लागत से बनाया जाएगा।
इसके अतिरिक्त सिग्नलिंग सिस्टम के लिए 20 करोड़ खर्च किए जाएंगे, ताकि मालगाड़ियों की रफ्तार बढ़ाई जा सके। गया रूट पर मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों का परिचालन दुरुस्त करने के लिए 1200 करोड़ रुपये तीसरी लाइन के लिए खर्च किए जाएंगे। इसके तहत मुगलसराय से सोननगर तक, जहां तीसरी लाइन का कार्य पूरा हो चुका है।
जबकि सोननगर से धनबाद तक तीसरी लाइन का निर्माण कार्य तेजी से हो रहा है।
सुरक्षा को लेकर मंडल के सभी स्टेशनों पर जीआरपी और आरपीएफ की मदद से जरूरत के अनुसार स्थान चयन कर सीसी टीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसी तरह मुगलसराय और गया में एक्सरे मशीन लगेज चेक करने के लिए लगाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि रेलवे आय के नए साधन ढूंढने, सुविधाओं की जानकारी के लिए नए मानक तैयार करने और विकास कार्य के लिए नए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करेगा।
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जिसके तहत मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं के विस्तार के साथ ही सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बिजली के संकट को दूर करने के लिए झारखंड के नवी नगर में निर्माणाधीन थर्मल पावर प्लांट इस वर्ष के अंत तक चालू हो जाएगा।
उक्त जानकारी गुरुवार को मंडल रेल प्रबंधक विद्याभूषण ने मंडल कार्यालय में पत्रकारों को दी।
डीआरएम ने बताया कि मेमू ट्रेनों को चलाने के लिए गया में नया मेमू शेड बनाया जाएगा। जिसकी लागत करीब साढ़े छप्पन करोड़ होगी। गया यार्ड का विस्तारीकरण करने के लिए साढ़े बारह करोड़ से बाईपास लाइन स्वीकृत की गई है।
नवी नगर के फेस टू में रेलवे और प्रदेश सरकार के माध्यम से बन रहा थर्मल पावर प्लांट दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद बिजली की समस्या रेलवे में दूर कर ली जाएगी। वहीं पर 29 नंबर लेबल क्रासिंग पर अत्यधिक भीड़ को देखते हुए आरओवी (रोड ओवर ब्रिज) 25 करोड़ की लागत से बनाया जाएगा।
इसके अतिरिक्त सिग्नलिंग सिस्टम के लिए 20 करोड़ खर्च किए जाएंगे, ताकि मालगाड़ियों की रफ्तार बढ़ाई जा सके। गया रूट पर मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों का परिचालन दुरुस्त करने के लिए 1200 करोड़ रुपये तीसरी लाइन के लिए खर्च किए जाएंगे। इसके तहत मुगलसराय से सोननगर तक, जहां तीसरी लाइन का कार्य पूरा हो चुका है।
जबकि सोननगर से धनबाद तक तीसरी लाइन का निर्माण कार्य तेजी से हो रहा है।
सुरक्षा को लेकर मंडल के सभी स्टेशनों पर जीआरपी और आरपीएफ की मदद से जरूरत के अनुसार स्थान चयन कर सीसी टीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसी तरह मुगलसराय और गया में एक्सरे मशीन लगेज चेक करने के लिए लगाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि रेलवे आय के नए साधन ढूंढने, सुविधाओं की जानकारी के लिए नए मानक तैयार करने और विकास कार्य के लिए नए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करेगा।