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Bulandshahar News: क्योली खुर्द में बुखार से महिला की मौत, 80 से अधिक लोग बीमार
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अरनिया क्षेत्र के क्योली खुर्द गांव में बुखार से पीड़ित मरीज अनिता
खुर्जा। अरनिया क्षेत्र के क्योली खुर्द गांव में बुखार से महिला की मौत हो गई। दस दिन पहले भी गांव में एक दस वर्षीय बच्चे की बुखार से मौत हो गई थी। गांव में 80 से अधिक लोग बुखार की चपेट में हैं। इसके अलावा नगलिया उदयभान, सारसौल और नगर गांव में भी बुखार के मरीज बढ़ रहे हैं।
अरनिया क्षेत्र में बुखार का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। क्योली खुर्द गांव निवासी सुभाष चंद्र की 23 वर्षीय पत्नी रविता पिछले कई दिनों से बुखार से पीड़ित थी। मुनी सीएचसी में उसका इलाज चल रहा था। बुधवार को रविता की तबीयत ठीक हुई तो वह घर आ गई। रात में अचानक उसकी तबीयत फिर बिगड़ गई। उपचार के लिए ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया। गांव निवासी राजकुमार ने बताया कि 10 दिन पूर्व स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत आशा अज्ञावति के दस साल के बच्चे की भी बुखार से मौत हो चुकी है।
हर घर में हैं मरीज
राजकुमार ने बताया कि गांव में हर घर में दो या तीन लोग बुखार से पीड़ित हैं। राजकुमार के घर में सात लोग बुखार से पीड़ित हैं, जिसमें चार खुर्जा, दो बुलंदशहर अस्पताल में भर्ती हैं और एक घर पर है। इसके अलावा विशाल पुत्र गजेंद्र सिंह, गुड्डी देवी पत्नी देवराज सिंह, परी पुत्री देवेंद्र सिंह, इच्छा पुत्री धर्मेंद्र, अनीता पत्नी मनोज कुमार, लक्ष्मी पुत्री राम नंदराम और अन्य लोग बुखार से पीड़ित हैं।
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सारसौल गांव में ज्यादातर स्कूली बच्चे चपेट में
सारसौल गांव निवासी कासिम ने बताया कि पानी की निकासी न होने के कारण खाली प्लॉट में बारिश का पानी भरा हुआ है। गंदगी के चलते मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से संक्रामक रोग फैल रहे हैं। इन दिनों हर घर में बुखार के मरीज हैं। सबसे ज्यादा स्कूल के बच्चे बुखार से पीड़ित हैं। इसमें दस वर्षीय सफिया, 14 वर्षीय कैफ, दस वर्षीय हसरत और 14 वर्षीय फैजान समेत 12 से अधिक बच्चे हैं।
क्योली खुर्द में लगा शिविर
मुनी सीएचसी में कार्यरत डॉ. यतिश कुमार ने बताया कि बुखार से महिला व बच्चे की मौत के बाद परिवार के सदस्यों की जांच की गई। साथ ही गांव में शिविर लगाा। टीम ने करीब 80 मरीजों की जांच की। साथ ही मिलते-जुलते लक्षण वाले डेंगू के 37, मलेरिया के 44 व टाइफाइड के 21 लोगों की जांच की गई है। गांव में शुक्रवार को भी शिविर लगेगा। नगलिया उदयभान गांव में डॉ. प्रवेश सैनी के नेतृत्व में 18 बुखार के मरीजों की जांच की गई।
यहां हो चुकी बुखार से मौत
जिले में अगस्त माह में अब तक 10 लोगों की मौत बुखार से हो चुकी है। इनमें एक भी मौत बुखार से होने की बात विभाग ने स्वीकार नहीं की है। बुगरासी क्षेत्र में पांच, ऊचागांव क्षेत्र, अरनियां के क्योरी खुर्द व अरनियां के नगर गांव में दो-दो लोगों की व औरंगाबाद नगर के इलना गांव में एक युवक की बुखार से मौत हो चुकी है।
टीम को गांव में भेजकर जांच कराई गई है। अभी रिपोर्ट नहीं मिली है। सभी चिकित्सा प्रभारियों को बुखार के मामले बढ़ने पर अलर्ट रहने को कहा है। कहीं से कोई सूचना मिलती है तो टीम को जांच के लिए भेज दिया जाता है और शिविर लगवाकर इलाज कराया जाता है। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ
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अरनिया क्षेत्र में बुखार का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। क्योली खुर्द गांव निवासी सुभाष चंद्र की 23 वर्षीय पत्नी रविता पिछले कई दिनों से बुखार से पीड़ित थी। मुनी सीएचसी में उसका इलाज चल रहा था। बुधवार को रविता की तबीयत ठीक हुई तो वह घर आ गई। रात में अचानक उसकी तबीयत फिर बिगड़ गई। उपचार के लिए ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया। गांव निवासी राजकुमार ने बताया कि 10 दिन पूर्व स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत आशा अज्ञावति के दस साल के बच्चे की भी बुखार से मौत हो चुकी है।
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हर घर में हैं मरीज
राजकुमार ने बताया कि गांव में हर घर में दो या तीन लोग बुखार से पीड़ित हैं। राजकुमार के घर में सात लोग बुखार से पीड़ित हैं, जिसमें चार खुर्जा, दो बुलंदशहर अस्पताल में भर्ती हैं और एक घर पर है। इसके अलावा विशाल पुत्र गजेंद्र सिंह, गुड्डी देवी पत्नी देवराज सिंह, परी पुत्री देवेंद्र सिंह, इच्छा पुत्री धर्मेंद्र, अनीता पत्नी मनोज कुमार, लक्ष्मी पुत्री राम नंदराम और अन्य लोग बुखार से पीड़ित हैं।
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सारसौल गांव में ज्यादातर स्कूली बच्चे चपेट में
सारसौल गांव निवासी कासिम ने बताया कि पानी की निकासी न होने के कारण खाली प्लॉट में बारिश का पानी भरा हुआ है। गंदगी के चलते मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से संक्रामक रोग फैल रहे हैं। इन दिनों हर घर में बुखार के मरीज हैं। सबसे ज्यादा स्कूल के बच्चे बुखार से पीड़ित हैं। इसमें दस वर्षीय सफिया, 14 वर्षीय कैफ, दस वर्षीय हसरत और 14 वर्षीय फैजान समेत 12 से अधिक बच्चे हैं।
क्योली खुर्द में लगा शिविर
मुनी सीएचसी में कार्यरत डॉ. यतिश कुमार ने बताया कि बुखार से महिला व बच्चे की मौत के बाद परिवार के सदस्यों की जांच की गई। साथ ही गांव में शिविर लगाा। टीम ने करीब 80 मरीजों की जांच की। साथ ही मिलते-जुलते लक्षण वाले डेंगू के 37, मलेरिया के 44 व टाइफाइड के 21 लोगों की जांच की गई है। गांव में शुक्रवार को भी शिविर लगेगा। नगलिया उदयभान गांव में डॉ. प्रवेश सैनी के नेतृत्व में 18 बुखार के मरीजों की जांच की गई।
यहां हो चुकी बुखार से मौत
जिले में अगस्त माह में अब तक 10 लोगों की मौत बुखार से हो चुकी है। इनमें एक भी मौत बुखार से होने की बात विभाग ने स्वीकार नहीं की है। बुगरासी क्षेत्र में पांच, ऊचागांव क्षेत्र, अरनियां के क्योरी खुर्द व अरनियां के नगर गांव में दो-दो लोगों की व औरंगाबाद नगर के इलना गांव में एक युवक की बुखार से मौत हो चुकी है।
टीम को गांव में भेजकर जांच कराई गई है। अभी रिपोर्ट नहीं मिली है। सभी चिकित्सा प्रभारियों को बुखार के मामले बढ़ने पर अलर्ट रहने को कहा है। कहीं से कोई सूचना मिलती है तो टीम को जांच के लिए भेज दिया जाता है और शिविर लगवाकर इलाज कराया जाता है। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ