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Bulandshahar News: गवाह हुए पक्षद्रोही.. दो-दो वर्ष सदाचरण की परीविक्षा पर छोड़े अभियुक्त
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बुलंदशहर। अनूपशहर कोतवाली क्षेत्र के गांव भोपतपुर में दहेज की खातिर विवाहिता की हत्या के मामले में सभी गवाह पक्षद्रोही हो गए। इसके बाद एडीजे एफटीसी तृतीय शिवानंद के न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को दो दो वर्ष की सदाचरण की परीविक्षा पर छोड़ा है। हालांकि, दोनों को 20 - 20 हजार रुपये के दो-दो प्रतिभू पत्र जिला परीविक्षा अधिकारी के समक्ष दाखिल करने होंगे।
वादी मुकदमा शंकरलाल निवासी गांव बरैना थाना डिबाई ने थाना अनूपशहर पर 12 जून 2018 को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें उन्होंने बताया था कि उन्होंने अपनी पुत्री हेमलता की शादी फरवरी 2015 को किशनपाल निवासी गांव नगला भोपतपुर के साथ की थी। शादी में करीब पांच लाख रुपये भी खर्च किए थे। लेकिन, ससुराल वाले शादी में मिले दहेज से खुश नहीं थे। वह उनकी पुत्री से पांच लाख रुपये मायके से लाने की मांग कर रहे थे।
मायके पक्ष के कई बार समझाने के बावजूद आरोपी नहीं माने। इसी के चलते आरोपियों ने 11 मई 2018 को उनकी पुत्री को आग लगा दी। जिसकी बाद में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। मामले में पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी पति व अन्य को जेल भेज दिया था। साथ ही बाद में जांच पूरी कर पुलिस ने आरोपी पति किशनपाल व ससुर खेम सिंह के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर न्यायालय में दाखिल कर दी थी। लेकिन, न्यायालय में बीते दिनों सभी गवाह पक्षद्रोही हो गए।
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जिस पर अब न्यायालय ने अब दंड के प्रश्न पर सुनवाई रोक कर अपराध की आयु, शील व पूर्वव्रत को देखते हुए परिवीक्षा अधिनियम का लाभ देते हुए समेकित रूप से दो दो वर्ष की सदाचरण की परिवीक्षा पर छोड़ दिया है। साथ ही उन्हें 20-20 हजार रुपये के दो-दो प्रतिभू जमा करने का आदेश भी दिया है।
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वादी मुकदमा शंकरलाल निवासी गांव बरैना थाना डिबाई ने थाना अनूपशहर पर 12 जून 2018 को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें उन्होंने बताया था कि उन्होंने अपनी पुत्री हेमलता की शादी फरवरी 2015 को किशनपाल निवासी गांव नगला भोपतपुर के साथ की थी। शादी में करीब पांच लाख रुपये भी खर्च किए थे। लेकिन, ससुराल वाले शादी में मिले दहेज से खुश नहीं थे। वह उनकी पुत्री से पांच लाख रुपये मायके से लाने की मांग कर रहे थे।
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मायके पक्ष के कई बार समझाने के बावजूद आरोपी नहीं माने। इसी के चलते आरोपियों ने 11 मई 2018 को उनकी पुत्री को आग लगा दी। जिसकी बाद में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। मामले में पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी पति व अन्य को जेल भेज दिया था। साथ ही बाद में जांच पूरी कर पुलिस ने आरोपी पति किशनपाल व ससुर खेम सिंह के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर न्यायालय में दाखिल कर दी थी। लेकिन, न्यायालय में बीते दिनों सभी गवाह पक्षद्रोही हो गए।
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जिस पर अब न्यायालय ने अब दंड के प्रश्न पर सुनवाई रोक कर अपराध की आयु, शील व पूर्वव्रत को देखते हुए परिवीक्षा अधिनियम का लाभ देते हुए समेकित रूप से दो दो वर्ष की सदाचरण की परिवीक्षा पर छोड़ दिया है। साथ ही उन्हें 20-20 हजार रुपये के दो-दो प्रतिभू जमा करने का आदेश भी दिया है।