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ट्रॉयल के लिए पहुंचीं 60 गेहूं की नई प्रजातियां
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ट्रॉयल के लिए पहुंचीं 60 गेहूं की नई प्रजातियां
बुलंदशहर। कृषि विज्ञान केंद्र में ट्रॉयल के लिए 60 गेहूं की नई प्रजातियां पहुंच गई हैं। इनमें कम पानी में उगाने वाली प्रजातियां भी शामिल हैं। मई 2022 तक ट्रॉयल पूरा करके प्रजातियों की रिपोर्ट को कृषि मंत्रालय में भेजा जाएगा। बताया गया कि अभी 90 और नई गेहूं की प्रजातियां ट्रॉयल के लिए मिलेंगी। इस तरह से केवीके में गेहूं की नई 150 प्रजातियों का ट्रॉयल होगा।
कृषि विज्ञान केंद्र और राजकीय कृषि बीज अनुसंधान केंद्र में प्रत्येक वर्ष गेहूं की बुआई के समय नई-नई प्रजातियां कृषि विभाग से मिलती हैं। इसमें इन प्रजातियों को केवीके की जमीन में लगाकर इनका ट्रॉयल किया जाता है। ट्रॉयल पूरा होने के बाद इन प्रजातियों को सीधा कृषि अनुसंधान केंद्र में भेजा जाता है और वहां से उक्त प्रजातियों को नाम दिए जाते हैं। इस बार भी गेहूं के सीजन में जिले में गेहूं की गेहूं की 60 नई प्रजातियां ट्रॉयल के लिए मिल गई हैं। बताया गया कि इनमें 20 ऐसे गेहूं की प्रजातियां हैं, जो केवल एक या दो पानी में ही उगाई जा सकेंगी। वैज्ञानिकों ने बताया किअगले माह केंद्र में इन्हें लगाना शुरू कर दिया जाएगा। नवंबर से मई तक सभी प्रजाति ट्रॉयल पूरा हो जाएगा।
गेहूं की मिली नई प्रजातियों को बोने के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसमें जो प्रजाति गेहूं का उत्पादन देगी उसे किसानों के लिए भेजा जाएगा। 60 गेहूं की प्रजातियां मिल गई हैं और 90 और नई गेहूं की प्रजातियां मिलने की संभावना है। इनके ट्रॉयल को लेकर तैयारियां पूरी हैं।
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- डॉ. शिव सिंह, केंद्र प्रभारी कृषि विज्ञान केंद्र बुलंदशहर।
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बुलंदशहर। कृषि विज्ञान केंद्र में ट्रॉयल के लिए 60 गेहूं की नई प्रजातियां पहुंच गई हैं। इनमें कम पानी में उगाने वाली प्रजातियां भी शामिल हैं। मई 2022 तक ट्रॉयल पूरा करके प्रजातियों की रिपोर्ट को कृषि मंत्रालय में भेजा जाएगा। बताया गया कि अभी 90 और नई गेहूं की प्रजातियां ट्रॉयल के लिए मिलेंगी। इस तरह से केवीके में गेहूं की नई 150 प्रजातियों का ट्रॉयल होगा।
कृषि विज्ञान केंद्र और राजकीय कृषि बीज अनुसंधान केंद्र में प्रत्येक वर्ष गेहूं की बुआई के समय नई-नई प्रजातियां कृषि विभाग से मिलती हैं। इसमें इन प्रजातियों को केवीके की जमीन में लगाकर इनका ट्रॉयल किया जाता है। ट्रॉयल पूरा होने के बाद इन प्रजातियों को सीधा कृषि अनुसंधान केंद्र में भेजा जाता है और वहां से उक्त प्रजातियों को नाम दिए जाते हैं। इस बार भी गेहूं के सीजन में जिले में गेहूं की गेहूं की 60 नई प्रजातियां ट्रॉयल के लिए मिल गई हैं। बताया गया कि इनमें 20 ऐसे गेहूं की प्रजातियां हैं, जो केवल एक या दो पानी में ही उगाई जा सकेंगी। वैज्ञानिकों ने बताया किअगले माह केंद्र में इन्हें लगाना शुरू कर दिया जाएगा। नवंबर से मई तक सभी प्रजाति ट्रॉयल पूरा हो जाएगा।
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गेहूं की मिली नई प्रजातियों को बोने के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसमें जो प्रजाति गेहूं का उत्पादन देगी उसे किसानों के लिए भेजा जाएगा। 60 गेहूं की प्रजातियां मिल गई हैं और 90 और नई गेहूं की प्रजातियां मिलने की संभावना है। इनके ट्रॉयल को लेकर तैयारियां पूरी हैं।
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- डॉ. शिव सिंह, केंद्र प्रभारी कृषि विज्ञान केंद्र बुलंदशहर।