{"_id":"577951124f1c1bbc777f9e0c","slug":"water-level-in-the-river-rose-two-ferries-sank","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगा का जलस्तर बढ़ा, दो घाट डूबे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगा का जलस्तर बढ़ा, दो घाट डूबे
अमर उजाला ब्यूरो /बुलंदशहर
Updated Sun, 03 Jul 2016 11:23 PM IST
विज्ञापन
गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड में बदल फटने का असर रविवार को बुलंदशहर में दिखा। हरिद्वार बैराज का पानी जनपद में पहुंचने से गंगा उफान पर पहुंच गई हैं। अनूपशहर में बबस्टर और लाल महादेव घाट पूरी तरह डूब गया है। राहत की बात यह है कि जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे बताया गया है।
नरौरा बैराज के तारबाबू देवेश कुमार ने बताया रविवार को बैराज पर कुल पानी की उपलब्धता 61 हजार 907 क्यूसेक रही। बैराज से नदी की डाउन स्ट्रीम में 54457 क्यूसेक और लोअर गंगा कैनाल में 7103 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। सिंचाई विभाग के एसडीओ रामकिशन वर्मा के मुताबिक नरौरा बैराज पर बने नियंत्रण कक्ष पर हरिद्वार एवं बिजनौर गंगा बैराज से नदी में छोड़ी जा रही जलराशि की नियमित जानकारी ली जा रही है।
डाउन स्ट्रीम में की जा रही पानी की निकासी की जानकारी बुलंदशहर के अलावा संभल, बदायूं, अलीगढ़, कासगंज एवं बाढ़ नियंत्रण कक्ष लखनऊ आदि से साझा की जा रही है। बता दें कि हरिद्वार और बिजनौर बैराज से गंगा नदी मे छोड़ी गए पानी से नरौरा बैराज पर गंगा का जलस्तर लो फ्लड में पहुंच गया है। हरिद्वार बैराज से एक लाख 461 क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया है। पानी बुलंदशहर में पहुंच गया है। वहीं, अनूपशहर में जलस्तर करीब ढाई फुट बढ़ा है। ऐसे में आसपास के लोग बढ़ते जल स्तर के कारण भयभीत हैं।
विज्ञापन
इन गांवों पर संकट के बादल
अहार, मुबारकपुर, हसनपुर, चिरौरा, तौरई, बच्ची-खेड़ा, जाफराबाद, शेरपुर और रूर समेत खादर क्षेत्र के 10 गांवों के लोगों के सामने संकट खड़ा हो सकता है। जल स्तर थोड़ा और बढ़ा तो नरौरा क्षेत्र के राजघाट, नौदेई खादर, एवं रामघाट खादर क्षेत्र के ग्राम गोकुलपुर खादार, बैनी नगला, तार सिंह की मढैया, सरदार नगर, झंडू घेर में जल भराव की समस्या होगी।
........
गंगा में जब पानी तीन लाख क्यूसेक होगा उस स्थिति में पानी खतरे के निशान को टच करेगा। अभी 61 हजार क्यूसेक पानी गंगा में है। स्थिति सामान्य है। बाढ़ संभावित इलाकों में चौकियां स्थापित की जा चुकी हैं। जिन ब्लॉक और तहसीलों से गंगा गुजर रही हैं वहां के लोगों की सहूलियत के लिए हेल्पलाइन नंबर 9454416741 जारी किए गए है। सिंचाई विभाग के अफसर जलस्तर पर निगाह बनाए हुए हैं। - शुभ्रा सक्सेना, डीएम, बुलंदशहर
विज्ञापन
नरौरा बैराज के तारबाबू देवेश कुमार ने बताया रविवार को बैराज पर कुल पानी की उपलब्धता 61 हजार 907 क्यूसेक रही। बैराज से नदी की डाउन स्ट्रीम में 54457 क्यूसेक और लोअर गंगा कैनाल में 7103 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। सिंचाई विभाग के एसडीओ रामकिशन वर्मा के मुताबिक नरौरा बैराज पर बने नियंत्रण कक्ष पर हरिद्वार एवं बिजनौर गंगा बैराज से नदी में छोड़ी जा रही जलराशि की नियमित जानकारी ली जा रही है।
विज्ञापन
डाउन स्ट्रीम में की जा रही पानी की निकासी की जानकारी बुलंदशहर के अलावा संभल, बदायूं, अलीगढ़, कासगंज एवं बाढ़ नियंत्रण कक्ष लखनऊ आदि से साझा की जा रही है। बता दें कि हरिद्वार और बिजनौर बैराज से गंगा नदी मे छोड़ी गए पानी से नरौरा बैराज पर गंगा का जलस्तर लो फ्लड में पहुंच गया है। हरिद्वार बैराज से एक लाख 461 क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया है। पानी बुलंदशहर में पहुंच गया है। वहीं, अनूपशहर में जलस्तर करीब ढाई फुट बढ़ा है। ऐसे में आसपास के लोग बढ़ते जल स्तर के कारण भयभीत हैं।
विज्ञापन
इन गांवों पर संकट के बादल
अहार, मुबारकपुर, हसनपुर, चिरौरा, तौरई, बच्ची-खेड़ा, जाफराबाद, शेरपुर और रूर समेत खादर क्षेत्र के 10 गांवों के लोगों के सामने संकट खड़ा हो सकता है। जल स्तर थोड़ा और बढ़ा तो नरौरा क्षेत्र के राजघाट, नौदेई खादर, एवं रामघाट खादर क्षेत्र के ग्राम गोकुलपुर खादार, बैनी नगला, तार सिंह की मढैया, सरदार नगर, झंडू घेर में जल भराव की समस्या होगी।
........
गंगा में जब पानी तीन लाख क्यूसेक होगा उस स्थिति में पानी खतरे के निशान को टच करेगा। अभी 61 हजार क्यूसेक पानी गंगा में है। स्थिति सामान्य है। बाढ़ संभावित इलाकों में चौकियां स्थापित की जा चुकी हैं। जिन ब्लॉक और तहसीलों से गंगा गुजर रही हैं वहां के लोगों की सहूलियत के लिए हेल्पलाइन नंबर 9454416741 जारी किए गए है। सिंचाई विभाग के अफसर जलस्तर पर निगाह बनाए हुए हैं। - शुभ्रा सक्सेना, डीएम, बुलंदशहर