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टीका लगवाने के लिए 2.40 लाख बच्चे उत्साहित
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टीका लगवाने के लिए 2.40 लाख बच्चे उत्साहित
बुलंदशहर। टीकाकरण कराने को लेकर 12 से 14 साल के बच्चों के साथ अभिभावक भी उत्साहित हैं। स्कूलों ने भी बच्चों को टीकाकरण कराने के लिए व्यवस्था कराई है। जो विद्यालय अपने यहां टीकाकरण नहीं करा पाए हैं, वह बच्चों को नजदीकी टीकाकरण केंद्रों पर जाकर टीका लगवाने की सलाह दे रहे हैं, जिससे कोरोना जैसे संक्रमण से बचा जा सके। टीका लगवाने के बाद बच्चों के साथ अभिभावकों के मन से भी डर निकल गया है। वह भी अब बच्चों को घर नहीं बैठाना चाहते हैं। यही कारण है कि स्कूलों में बच्चों के अंदर डर, भ्रांति या फोबिया के बजाय उत्साह है। स्कूल प्रबंधन बच्चों को टीका लगवाने से होने वाले फायदे को लेकर जागरूक भी कर रहे हैं। शिक्षण संस्थानों में शिविर के माध्यम से बच्चों को टीका लगवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग से संपर्क शुरू कर दिया है।
सेक्रेड हार्ट्स पब्लिक स्कूल की डायरेक्टर वेदिका सिंह बताती हैं कि 14 फरवरी से विद्यालय खुलने के बाद बच्चों और अभिभावकों में डर था, लेकिन धीरे-धीरे अभिभावकों को समझाकर उनका डर दूर किया गया। इस कारण से बच्चों की उपस्थिति भी स्कूलों में बढ़नी शुरू हो गई। सरकार ने जैसे ही 12 से 14 वर्ष के बच्चों का टीकाकरण कराने का आदेश दिया, उसके बाद कुछ अभिभावक डरे रहे जो कुछ उत्साहित दिखाई दिए। उन्हें टीकाकरण के बारे में समझाया गया तो अधिकतर विद्यालय की छात्राओं ने टीकाकरण करा लिया।
मॉडर्न पब्लिक स्कूल के चेयरमैन सुरेश चंद गर्ग ने बताया कि कोरोना संक्रमण के कारण शिक्षा व्यवस्था लगातार दो साल गड़बड़ाई रही। पहली बार ऑनलाइन कक्षाएं चलीं, जैसे-तैसे कोर्स पूरा किया गया। लेकिन याद करने, ज्यादा लिखने की आदत लगभग खत्म हो गई। कोरोना की पहली और दूसरी लहर के दौरान परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गई। अब एक बार फिर से परीक्षा की घड़ी आ गई है। स्कूल खुले तो शिक्षक छात्रों की समस्या का समाधान करने में जुटे हुए हैं। वहीं, अब बच्चों को टीका लगना शुरू हुआ तो बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित अभिभावक भी आश्वस्त होने लगे है। हालांकि जिले में 12 से 14 उम्र के बच्चों को कोरोना से बचाव का टीकाकरण मंद गति से चल रहा है, जो जल्द ही रफ्तार पकड़ सकता है। इसके लिए शिक्षण संस्थानों के प्रबंधकों ने स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करना शुरू कर दिया है।
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अभी तक 1809 को लग सका है टीका
जिले में 12 से 14 उम्र के बच्चों को टीका लगाने के लिए करीब 2.40 लाख का लक्ष्य रखा गया है। लेकिन अभी तक जिले में मात्र 1809 बच्चों को टीका लग सका है। शुरुआत के दौरान जहां रंगों का त्योहार पड़ गया। इसके बाद टीकाकरण रफ्तार पकड़ता की पल्स पोलियो अभियान शुरू हो गया। जो 26 मार्च को संपन्न होगा। इसके बाद टीकाकरण सत्र बढ़ा दिए जाएंगे। जिससे टीकाकरण की रफ्तार बढ़ जाएगी। वहीं, जिन बच्चों को 16 मार्च को पहला टीका लग चुका है या लगवा रहे है ऐसे बच्चों को अब 28 दिन बाद दूसरा टीका लगाया जाएगा।
स्कूल में कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना की गई है। सभी छात्र-छात्राओं को कोविड गाइड लाइन का पालन भी करवाया जा रहा है। इसके अलावा बच्चों को समय-समय पर अपने परिजनों के टीका लगवाने के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है। अब संबंधित उम्र के बच्चों को टीका लगवाने के प्रति उनके अभिभावकों से कहा जा रहा है। - एनके मित्तल, प्रधानाचार्य महाराजा अग्रसेन पब्लिक स्कूल
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कोरोना टीके को लेकर अभिभावकों में थोड़ा डर था। जब उन्हें इसके बारे में समझाया गया तो वह तैयार हो गए। उसका नतीजा यह रहा कि अब सकारात्मक परिणाम आने लगे हैं। जो बच्चे टीका लगवाने के लिए मना कर रहे थे, वह अब टीका लगवाकर स्कूल को रिपोर्ट दे रहे हैं।
सतपाल कौर, प्रधानाचार्य लारेंस अकादमी
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जिले में शत-प्रतिशत टीकाकरण करने के लिए प्रयासरत है। जल्द ही टीका लगवाने के लिए सत्र बढ़ाए दिए जाएंगे। इसके लिए स्कूल संचालकों से संपर्क करना शुरू कर दिया है। कोई स्कूल संचालक अपने स्कूल में टीकाकरण शिविर लगवाना चाहता है तो कार्यालय में पत्र जमा कर दें। जिससे संबंधित स्कूल में टीकाकरण शिविर लगाया जा सके। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ
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कोरोना टीका लगवाने से पहले थोड़ा डर लग रहा था कि कहीं बुखार न आ जाए, लेकिन कुछ नहीं हुआ। जो हमारी साथी नहीं लगवा रहे थे, उन्होंने भी कोरोना टीका लगवा लिया है। हर्षिता छात्रा
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टीका लगवाने को लेकर थोड़े नकारात्मक थे, लेकिन मन के अंदर से डर निकल गया है। मम्मी-पापा ने भी समझाया और स्कूल शिक्षकों ने जागरूक किया तो हमने खुशी से टीका लगवा लिया। कनक छात्रा
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पहले कोरोना टीका लगवाने के लिए बड़े लोग भी डर रहे थे। हमें डर था कि छोटे बच्चों को कोई दिक्कत न हो। बच्चों के स्कूल ने समझाया तो हमने टीका लगाने को सहमति दे दी।
पुष्पेंद्र शर्मा, अभिभावक
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बुलंदशहर। टीकाकरण कराने को लेकर 12 से 14 साल के बच्चों के साथ अभिभावक भी उत्साहित हैं। स्कूलों ने भी बच्चों को टीकाकरण कराने के लिए व्यवस्था कराई है। जो विद्यालय अपने यहां टीकाकरण नहीं करा पाए हैं, वह बच्चों को नजदीकी टीकाकरण केंद्रों पर जाकर टीका लगवाने की सलाह दे रहे हैं, जिससे कोरोना जैसे संक्रमण से बचा जा सके। टीका लगवाने के बाद बच्चों के साथ अभिभावकों के मन से भी डर निकल गया है। वह भी अब बच्चों को घर नहीं बैठाना चाहते हैं। यही कारण है कि स्कूलों में बच्चों के अंदर डर, भ्रांति या फोबिया के बजाय उत्साह है। स्कूल प्रबंधन बच्चों को टीका लगवाने से होने वाले फायदे को लेकर जागरूक भी कर रहे हैं। शिक्षण संस्थानों में शिविर के माध्यम से बच्चों को टीका लगवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग से संपर्क शुरू कर दिया है।
सेक्रेड हार्ट्स पब्लिक स्कूल की डायरेक्टर वेदिका सिंह बताती हैं कि 14 फरवरी से विद्यालय खुलने के बाद बच्चों और अभिभावकों में डर था, लेकिन धीरे-धीरे अभिभावकों को समझाकर उनका डर दूर किया गया। इस कारण से बच्चों की उपस्थिति भी स्कूलों में बढ़नी शुरू हो गई। सरकार ने जैसे ही 12 से 14 वर्ष के बच्चों का टीकाकरण कराने का आदेश दिया, उसके बाद कुछ अभिभावक डरे रहे जो कुछ उत्साहित दिखाई दिए। उन्हें टीकाकरण के बारे में समझाया गया तो अधिकतर विद्यालय की छात्राओं ने टीकाकरण करा लिया।
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मॉडर्न पब्लिक स्कूल के चेयरमैन सुरेश चंद गर्ग ने बताया कि कोरोना संक्रमण के कारण शिक्षा व्यवस्था लगातार दो साल गड़बड़ाई रही। पहली बार ऑनलाइन कक्षाएं चलीं, जैसे-तैसे कोर्स पूरा किया गया। लेकिन याद करने, ज्यादा लिखने की आदत लगभग खत्म हो गई। कोरोना की पहली और दूसरी लहर के दौरान परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गई। अब एक बार फिर से परीक्षा की घड़ी आ गई है। स्कूल खुले तो शिक्षक छात्रों की समस्या का समाधान करने में जुटे हुए हैं। वहीं, अब बच्चों को टीका लगना शुरू हुआ तो बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित अभिभावक भी आश्वस्त होने लगे है। हालांकि जिले में 12 से 14 उम्र के बच्चों को कोरोना से बचाव का टीकाकरण मंद गति से चल रहा है, जो जल्द ही रफ्तार पकड़ सकता है। इसके लिए शिक्षण संस्थानों के प्रबंधकों ने स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करना शुरू कर दिया है।
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अभी तक 1809 को लग सका है टीका
जिले में 12 से 14 उम्र के बच्चों को टीका लगाने के लिए करीब 2.40 लाख का लक्ष्य रखा गया है। लेकिन अभी तक जिले में मात्र 1809 बच्चों को टीका लग सका है। शुरुआत के दौरान जहां रंगों का त्योहार पड़ गया। इसके बाद टीकाकरण रफ्तार पकड़ता की पल्स पोलियो अभियान शुरू हो गया। जो 26 मार्च को संपन्न होगा। इसके बाद टीकाकरण सत्र बढ़ा दिए जाएंगे। जिससे टीकाकरण की रफ्तार बढ़ जाएगी। वहीं, जिन बच्चों को 16 मार्च को पहला टीका लग चुका है या लगवा रहे है ऐसे बच्चों को अब 28 दिन बाद दूसरा टीका लगाया जाएगा।
स्कूल में कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना की गई है। सभी छात्र-छात्राओं को कोविड गाइड लाइन का पालन भी करवाया जा रहा है। इसके अलावा बच्चों को समय-समय पर अपने परिजनों के टीका लगवाने के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है। अब संबंधित उम्र के बच्चों को टीका लगवाने के प्रति उनके अभिभावकों से कहा जा रहा है। - एनके मित्तल, प्रधानाचार्य महाराजा अग्रसेन पब्लिक स्कूल
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कोरोना टीके को लेकर अभिभावकों में थोड़ा डर था। जब उन्हें इसके बारे में समझाया गया तो वह तैयार हो गए। उसका नतीजा यह रहा कि अब सकारात्मक परिणाम आने लगे हैं। जो बच्चे टीका लगवाने के लिए मना कर रहे थे, वह अब टीका लगवाकर स्कूल को रिपोर्ट दे रहे हैं।
सतपाल कौर, प्रधानाचार्य लारेंस अकादमी
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जिले में शत-प्रतिशत टीकाकरण करने के लिए प्रयासरत है। जल्द ही टीका लगवाने के लिए सत्र बढ़ाए दिए जाएंगे। इसके लिए स्कूल संचालकों से संपर्क करना शुरू कर दिया है। कोई स्कूल संचालक अपने स्कूल में टीकाकरण शिविर लगवाना चाहता है तो कार्यालय में पत्र जमा कर दें। जिससे संबंधित स्कूल में टीकाकरण शिविर लगाया जा सके। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ
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कोरोना टीका लगवाने से पहले थोड़ा डर लग रहा था कि कहीं बुखार न आ जाए, लेकिन कुछ नहीं हुआ। जो हमारी साथी नहीं लगवा रहे थे, उन्होंने भी कोरोना टीका लगवा लिया है। हर्षिता छात्रा
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टीका लगवाने को लेकर थोड़े नकारात्मक थे, लेकिन मन के अंदर से डर निकल गया है। मम्मी-पापा ने भी समझाया और स्कूल शिक्षकों ने जागरूक किया तो हमने खुशी से टीका लगवा लिया। कनक छात्रा
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पहले कोरोना टीका लगवाने के लिए बड़े लोग भी डर रहे थे। हमें डर था कि छोटे बच्चों को कोई दिक्कत न हो। बच्चों के स्कूल ने समझाया तो हमने टीका लगाने को सहमति दे दी।
पुष्पेंद्र शर्मा, अभिभावक