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गंगा पर अफसरों की नजर, आज पहुंच सकता है पानी
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अलर्ट के बाबजूद गंगास्नान करते श्रद्धालु।
- फोटो : BULANDSHAHR
गंगा पर अफसरों की नजर, आज पहुंच सकता है पानी
बुलंदशहर। उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर फटने से गंगा का जलस्तर बढ़ने की आशंका के मद्देनजर अफसर पूरी तरह अलर्ट हैं। गंगा के जलस्तर पर पूरी नजर रखे हुए हैं। वहीं, क्षेत्रवासी भी सजग हैं। गंगा किनारे घाटों से सामान हटा चुके हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि गंगा में देर रात्रि या मंगलवार की सुबह तक पानी पहुंच सकता है।
उत्तराखंड में ग्लेशियर फटने की घटना के बाद डीएम रविंद्र कुमार ने गंगा के किनारे खेतों में काम करने वाले किसानों और अन्य लोगों के साथ घाटों से दूर रहने और धार्मिक स्थलों पर नहीं जाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रशासनिक अफसरों ने गंगा घाटों के अलावा अन्य क्षेत्रों में पहुंचकर मुनादी और लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को इससे अवगत करवाते हुए गंगा से दूर रहने की अपील की है। वहीं, अनूपशहर में कंट्रोल रूम बना दिया गया है और प्रशासनिक अधिकारी पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। उनकी निगाहें बढ़ने वाले जलस्तर पर बनी हुई है। लोगों का कहना है कि यदि जल स्तर बढ़ा तो फसलों के साथ कई तरह का नुकसान होगा। डिबाई तहसीलदार राजकुमार भास्कर ने बताया कि सिंचाई विभाग के अभियंता जलस्तर में अधिक वृद्धि की संभावना से इनकार कर रहे हैं। लेकिन इसके बाद भी पूरी तरह सतर्कता बरती जा रही है।
अलर्ट के बाद भी घाटों पर पहुंचे श्रद्धालु
अनूपशहर। तहसील व पुलिस प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए घाटों और गंगा किनारे के खेतों में मौजूद लोगों को एहतियातन वहां से हटने के साथ अपना सामान ले जाने का अलर्ट जारी किया है। इसी बीच सोमवार को मैदानी इलाकों तक पानी के सामान्य स्तर तक रहने की संभावना के बाद गंगातट पर श्रद्धालु गंगा स्नान करने और दुकानदार प्रसाद आदि बेचने के लिए पहुंच गए। गंगा रेती में लगी पालेज में भी किसान व खेतीहर मजदूर काम करने पहुंच गए। गंगा में सोमवार देर सायं तक गंगा के जलस्तर में कोई इजाफा नहीं हुआ है, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली है।
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जलस्तर में हुई आंशिक बढ़ोतरी
नरौरा। चमोली में ग्लेशियर टूटने के कारण गंगा नदी में आने वाले उफान की आशंका के मददेनजर प्रशासन व सिंचाई विभाग मुस्तैद है। हालांकि सोमवार की सायं तक पानी में मामूली बढ़ोत्तरी के साथ जलस्तर सामान्य बना रहा। एसडीएम मोनिका सिंह और तहसीलदार राजकुमार भास्कर के निर्देशन में तहसील प्रशासन गंगा नदी में पानी बढ़ने की आशंका से सतर्क बना रहा। नरौरा गंगा बैराज पर रविवार को कुल पानी की उपलब्धता 8074 क्यूसेक बनी हुई थी। सोमवार को कुछ वृद्धि के साथ नरौरा बैराज पर कुल पानी की उपलब्धता 8354 क्यूसेक रही। बैराज से नदी की डाउन स्ट्रीम में 4042 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। जबकि एलजीसी नहर में 4312 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। जबकि पीएलजीसी नहर में बंद पड़ी हुई है।
हरिद्वार पर कुल पानी बीती रात आठ हजार क्यूसेक से बढ़कर मात्र 18 हजार क्यूसेक हुआ है, जिससे नरौरा बैराज पर गंगा नदी के जलस्तर में आंशिक ही वृद्धि होगी। विभाग पूरी तरह सतर्क है।
- जुल्फिकार खान, एसडीओ, सिंचाई विभाग
पैंटून पुल बंद, अनूपशहर पुल से जा रहे लोग
अहार। अहार में गंगा पर बना पैंटून पुल को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इसके चलते लोग अनूपशहर पुल से गंगा पार और वहां से इस ओर आ रहे हैं। गंगा घाट पर सामान हटा लिया गया है और धार्मिक स्थलों पर कोई नहीं जा रहा है। क्षेत्र में गंगा की खादर में पालेज करने वालों की चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि यदि गंगा का पानी बढ़ा तो पालेज मर जाएगी और उनके द्वारा अब तक की गई मेहनत भी पानी में बह जाएगी। बताया गया कि पैंटून पुल पर आवागमन तभी शुरू होगा, जब स्थिति पूरी तरह से सामान्य हो जाएगी।
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बुलंदशहर। उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर फटने से गंगा का जलस्तर बढ़ने की आशंका के मद्देनजर अफसर पूरी तरह अलर्ट हैं। गंगा के जलस्तर पर पूरी नजर रखे हुए हैं। वहीं, क्षेत्रवासी भी सजग हैं। गंगा किनारे घाटों से सामान हटा चुके हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि गंगा में देर रात्रि या मंगलवार की सुबह तक पानी पहुंच सकता है।
उत्तराखंड में ग्लेशियर फटने की घटना के बाद डीएम रविंद्र कुमार ने गंगा के किनारे खेतों में काम करने वाले किसानों और अन्य लोगों के साथ घाटों से दूर रहने और धार्मिक स्थलों पर नहीं जाने के निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रशासनिक अफसरों ने गंगा घाटों के अलावा अन्य क्षेत्रों में पहुंचकर मुनादी और लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को इससे अवगत करवाते हुए गंगा से दूर रहने की अपील की है। वहीं, अनूपशहर में कंट्रोल रूम बना दिया गया है और प्रशासनिक अधिकारी पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। उनकी निगाहें बढ़ने वाले जलस्तर पर बनी हुई है। लोगों का कहना है कि यदि जल स्तर बढ़ा तो फसलों के साथ कई तरह का नुकसान होगा। डिबाई तहसीलदार राजकुमार भास्कर ने बताया कि सिंचाई विभाग के अभियंता जलस्तर में अधिक वृद्धि की संभावना से इनकार कर रहे हैं। लेकिन इसके बाद भी पूरी तरह सतर्कता बरती जा रही है।
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अलर्ट के बाद भी घाटों पर पहुंचे श्रद्धालु
अनूपशहर। तहसील व पुलिस प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए घाटों और गंगा किनारे के खेतों में मौजूद लोगों को एहतियातन वहां से हटने के साथ अपना सामान ले जाने का अलर्ट जारी किया है। इसी बीच सोमवार को मैदानी इलाकों तक पानी के सामान्य स्तर तक रहने की संभावना के बाद गंगातट पर श्रद्धालु गंगा स्नान करने और दुकानदार प्रसाद आदि बेचने के लिए पहुंच गए। गंगा रेती में लगी पालेज में भी किसान व खेतीहर मजदूर काम करने पहुंच गए। गंगा में सोमवार देर सायं तक गंगा के जलस्तर में कोई इजाफा नहीं हुआ है, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली है।
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जलस्तर में हुई आंशिक बढ़ोतरी
नरौरा। चमोली में ग्लेशियर टूटने के कारण गंगा नदी में आने वाले उफान की आशंका के मददेनजर प्रशासन व सिंचाई विभाग मुस्तैद है। हालांकि सोमवार की सायं तक पानी में मामूली बढ़ोत्तरी के साथ जलस्तर सामान्य बना रहा। एसडीएम मोनिका सिंह और तहसीलदार राजकुमार भास्कर के निर्देशन में तहसील प्रशासन गंगा नदी में पानी बढ़ने की आशंका से सतर्क बना रहा। नरौरा गंगा बैराज पर रविवार को कुल पानी की उपलब्धता 8074 क्यूसेक बनी हुई थी। सोमवार को कुछ वृद्धि के साथ नरौरा बैराज पर कुल पानी की उपलब्धता 8354 क्यूसेक रही। बैराज से नदी की डाउन स्ट्रीम में 4042 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। जबकि एलजीसी नहर में 4312 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। जबकि पीएलजीसी नहर में बंद पड़ी हुई है।
हरिद्वार पर कुल पानी बीती रात आठ हजार क्यूसेक से बढ़कर मात्र 18 हजार क्यूसेक हुआ है, जिससे नरौरा बैराज पर गंगा नदी के जलस्तर में आंशिक ही वृद्धि होगी। विभाग पूरी तरह सतर्क है।
- जुल्फिकार खान, एसडीओ, सिंचाई विभाग
पैंटून पुल बंद, अनूपशहर पुल से जा रहे लोग
अहार। अहार में गंगा पर बना पैंटून पुल को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इसके चलते लोग अनूपशहर पुल से गंगा पार और वहां से इस ओर आ रहे हैं। गंगा घाट पर सामान हटा लिया गया है और धार्मिक स्थलों पर कोई नहीं जा रहा है। क्षेत्र में गंगा की खादर में पालेज करने वालों की चिंता बढ़ गई है। उनका कहना है कि यदि गंगा का पानी बढ़ा तो पालेज मर जाएगी और उनके द्वारा अब तक की गई मेहनत भी पानी में बह जाएगी। बताया गया कि पैंटून पुल पर आवागमन तभी शुरू होगा, जब स्थिति पूरी तरह से सामान्य हो जाएगी।