{"_id":"57d2e1f14f1c1b255631a990","slug":"the-villagers-understood-responsibility-free-of-open-defecation-ajanara","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्रामीणों ने समझी जिम्मेदारी, खुले में शौच से मुक्त हुआ अजनारा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्रामीणों ने समझी जिम्मेदारी, खुले में शौच से मुक्त हुआ अजनारा
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Fri, 09 Sep 2016 09:53 PM IST
विज्ञापन
शौचालय
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अजनारा नगलियां गांव के ग्रामीणों ने मिशाल कायम करते हुए अपने गांव को खुले में शौच से मुक्त बनाया है। ग्रामीणों ने अपनी जिम्मेदारी समझते हुए बिना किसी सरकारी मदद के 346 शौचालयों का निर्माण कराया है।
विज्ञापन
नमामि गंगे मिशन के तहत गंगा किनारे बसे 30 गांवों को खुले में शौच से मुक्त कराया जाना है। इसी क्रम में मुबारिकपुर, चांसी, बसी-बांगर, पूठा-मुबारिकपुर, करौठी, देवली, सुनेहरा और सराय जगन्नाथ में ग्रामीणों ने खुले में शौच से तौबा की है।
विज्ञापन
पंचायत राज विभाग के मुताबिक इन गांवों में सरकारी मदद से खुले में शौच से मुक्ति मिली है। खास बात यह है कि गांव अजनारा में सरकार ने शौचालय निर्माण में इकन्नी भी खर्च नहीं की है। ग्रामीणों ने खुद की जिम्मेदारी समझते हुए गांव के 346 घरों में शौचालयों का निर्माण करवाया है।
विज्ञापन
बता दें कि सीडीओ गंगा किनारे बसे गांवों को खुले में शौच से मुक्त करने के लिए विशेष अभियान चलाए हुए हैं। इसी का ही नतीजा है कि गंगा किनारे के साथ साथ दूसरे क्षेत्र भी खुले में शौच से मुक्त हो रहे हैं। सीडीओ जसजीत कौर प्रत्सेक सोमवार समीक्षा भी कर रहीं हैं।
तीन गांव पूरी तरह खुले शौच से मुक्त हो गए हैं। चार गांव ऐसे हैं जिनका प्रस्ताव नहीं किया गया है। यह चोर गांव भी खुले में शौच से मुक्त हो गए हैं। - जसजीत कौर, सीडीओ, बुलंदशहर