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Bulandshahar News: चिकित्सालय से डिस्चार्ज कराने वाला कर्मी निकला मरीज का रिश्तेदार
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बुलंदशहर। जिला चिकित्सालय की इमरजेंसी वार्ड में भर्ती जानलेवा हमले के पीड़ितों को बिना परिजन व चिकित्सक की सलाह पर एक संविदा कर्मी ने अपने हस्ताक्षर कर डिस्चार्ज कर दिया। परिजनों की शिकायत पर जांच हुई तो संविदा कर्मी मरीजों का रिश्तेदार निकला। दोनों पक्षों ने समझौतानामा सीएमएस को सौंप दिया है। वहीं, सीएमएस ने संविदा कर्मी और स्टाफ नर्स को भविष्य में कार्रवाई की चेतावनी देकर छोड़ दिया।
कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव अहमदपुर निवासी 15 वर्षीय प्रशांत व 17 वर्षीय अर्पित जानलेवा हमले में घायल होने पर जिला चिकित्सालय की इमरजेंसी में भर्ती होकर इलाज करा रहे थे। बृहस्पतिवार सुबह एक संविदा कर्मी ने बिना विशेषज्ञ की सलाह व परिजनों की बिना अनुमति के अपने स्तर से डिस्चार्ज कर दिया। दोनों गंभीर मरीजों को डिस्चार्ज करने की जानकारी परिजनों को लगी तो उन्होंने विरोध जता सीएमएस को पत्र देकर संविदा कर्मी पर कार्रवाई की मांग की।
वहीं, एक स्टाफ नर्स की भी इस मामले में लापरवाही सामने आई। मामले की जांच की गई तो संविदा कर्मी दोनों मरीजों का रिश्तेदार निकला। जिसने एक रिश्तेदार के कहने पर दोनों को डिस्चार्ज करा दिया लेकिन वह डिस्चार्ज कराने के लिए चिकित्सक की सलाह नहीं ले सका। साथ ही उसके हस्ताक्षर को बाद में एक स्टाफ नर्स ने काट दिया। सीएमएस ने मामले की जांच कराई तो स्टाफ नर्स ने अपनी गलती स्वीकार की।
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Iइमरजेंसी वार्ड से दो मरीजों को डिस्चार्ज करने के मामले में परिजनों की शिकायत पर जांच कराई गई। जांच में संविदा कर्मी दोनों मरीजों का रिश्तेदार निकला है। संंविदा कर्मी और स्टाफ नर्स को भविष्य में इस तरह की लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की चेतावनी देकर छोड़ दिया है। - डॉ. प्रदीप राणा, प्रभारी सीएमएस जिला चिकित्सालयI
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कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव अहमदपुर निवासी 15 वर्षीय प्रशांत व 17 वर्षीय अर्पित जानलेवा हमले में घायल होने पर जिला चिकित्सालय की इमरजेंसी में भर्ती होकर इलाज करा रहे थे। बृहस्पतिवार सुबह एक संविदा कर्मी ने बिना विशेषज्ञ की सलाह व परिजनों की बिना अनुमति के अपने स्तर से डिस्चार्ज कर दिया। दोनों गंभीर मरीजों को डिस्चार्ज करने की जानकारी परिजनों को लगी तो उन्होंने विरोध जता सीएमएस को पत्र देकर संविदा कर्मी पर कार्रवाई की मांग की।
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वहीं, एक स्टाफ नर्स की भी इस मामले में लापरवाही सामने आई। मामले की जांच की गई तो संविदा कर्मी दोनों मरीजों का रिश्तेदार निकला। जिसने एक रिश्तेदार के कहने पर दोनों को डिस्चार्ज करा दिया लेकिन वह डिस्चार्ज कराने के लिए चिकित्सक की सलाह नहीं ले सका। साथ ही उसके हस्ताक्षर को बाद में एक स्टाफ नर्स ने काट दिया। सीएमएस ने मामले की जांच कराई तो स्टाफ नर्स ने अपनी गलती स्वीकार की।
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Iइमरजेंसी वार्ड से दो मरीजों को डिस्चार्ज करने के मामले में परिजनों की शिकायत पर जांच कराई गई। जांच में संविदा कर्मी दोनों मरीजों का रिश्तेदार निकला है। संंविदा कर्मी और स्टाफ नर्स को भविष्य में इस तरह की लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की चेतावनी देकर छोड़ दिया है। - डॉ. प्रदीप राणा, प्रभारी सीएमएस जिला चिकित्सालयI