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Bulandshahar News: नेम सिंह का खून बहता देख भड़का भीड़ का गुस्सा
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डिबाई। रात के नौ बजे थे। चिरौरी रानी कात्यानी गांव में लोग सोने की तैयारी कर रहे थे। तभी पूर्व प्रधान धर्मवती के घर से गोली चलने की आवाज आई। लोग उधर दौड़ पड़े। माजरा कुछ समझ नहीं आ रहा था। धर्मवती के घर का दरवाजा बंद था। अचानक से यह खुला और नेम सिंह बचाओ-बचाओ चिल्लाते बाहर निकले। उन्हें गोली लगी थी। लहूलुहान हालत में गिर पड़े।
लोगों ने पूछा तो सिर्फ विनोद का नाम ले सके। बस फिर क्या था। लोग समझ गए कि गोली धर्मवती के बेटे विनोद ने ही मारी है। लोगों का गुस्सा भड़क गया। वे शोर मचाते हुए कहने लगे कि विनोद को छोड़ेंगे नहीं। मौके पर मौजूद रहे लोगों ने बताया कि विनोद और उसकी पत्नी रश्मि समझ गए कि वे लोग भीड़ के गुस्से का शिकार बन सकते हैं। दोनों ने वहां से भागने की कोशिश की। भीड़ उन पर टूट पड़ी। दोनों को लात-घूंसों के पीटा गया।
इसी बीच कोई फावड़ा तो कोई कुल्हाड़ी ले आया। फावड़े से विनोद पर कई प्रहार किए गए। उसकी मौके पर मौत हो गए। उस पर हमले के दौरान ही मौका देखकर रश्मि भाग निकली। इसके बाद आई पुलिस को देखकर लोग भी खिसक लिए। पुलिस को नेम सिंह और विनोद के शव पड़े मिले। पुलिस दोनों को अस्पताल ले गए। चिकित्सक ने उन्हें मृत बताया।
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20 साल पहले बनी थीं प्रधान
मूल रूप से गौतमबुद्धनगर के थाना जारचा क्षेत्र के गांव धनुवास निवासी विनोद की गांव चिरौरी रानी कात्यानी में ननिहाल है। उनकी मां धर्मवती इस गांव से 20 साल पहले प्रधान रही थीं। दो साल पहले धर्मवती की मौत हो चुकी है। उनका इकलौता बेटा विनोद गांव में ही रहता था और चार बीघा जमीन पर खेती करता था। पोस्टमार्टम के बाद उसका शव परिजन धनुवास ले गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह शरीर पर फावड़े के प्रहार होना बताई गई है।
गांव में तनाव, पुलिस तैनात
घटना के बाद नेम सिंह और विनोद पक्ष में तनाव बन गया है। इसे देखते हुए पुलिस तैनात कर दी गई है। कर्णवास चौकी प्रभारी संजीव कुमार ने डिबाई कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। नेम सिंह की हत्या के लिए विनोद कुमार को आरोपी बनाया गया है। विनोद की हत्या के मामले में नैम सिंह के परिवार के ज्वाली सिंह, सतीश व अन्य अज्ञात पर केस दर्ज किया गया है है। पुलिस का कहना है कि शराब पीने के दौरान दोनों के बीच विवाद हुआ था।
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लोगों ने पूछा तो सिर्फ विनोद का नाम ले सके। बस फिर क्या था। लोग समझ गए कि गोली धर्मवती के बेटे विनोद ने ही मारी है। लोगों का गुस्सा भड़क गया। वे शोर मचाते हुए कहने लगे कि विनोद को छोड़ेंगे नहीं। मौके पर मौजूद रहे लोगों ने बताया कि विनोद और उसकी पत्नी रश्मि समझ गए कि वे लोग भीड़ के गुस्से का शिकार बन सकते हैं। दोनों ने वहां से भागने की कोशिश की। भीड़ उन पर टूट पड़ी। दोनों को लात-घूंसों के पीटा गया।
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इसी बीच कोई फावड़ा तो कोई कुल्हाड़ी ले आया। फावड़े से विनोद पर कई प्रहार किए गए। उसकी मौके पर मौत हो गए। उस पर हमले के दौरान ही मौका देखकर रश्मि भाग निकली। इसके बाद आई पुलिस को देखकर लोग भी खिसक लिए। पुलिस को नेम सिंह और विनोद के शव पड़े मिले। पुलिस दोनों को अस्पताल ले गए। चिकित्सक ने उन्हें मृत बताया।
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20 साल पहले बनी थीं प्रधान
मूल रूप से गौतमबुद्धनगर के थाना जारचा क्षेत्र के गांव धनुवास निवासी विनोद की गांव चिरौरी रानी कात्यानी में ननिहाल है। उनकी मां धर्मवती इस गांव से 20 साल पहले प्रधान रही थीं। दो साल पहले धर्मवती की मौत हो चुकी है। उनका इकलौता बेटा विनोद गांव में ही रहता था और चार बीघा जमीन पर खेती करता था। पोस्टमार्टम के बाद उसका शव परिजन धनुवास ले गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह शरीर पर फावड़े के प्रहार होना बताई गई है।
गांव में तनाव, पुलिस तैनात
घटना के बाद नेम सिंह और विनोद पक्ष में तनाव बन गया है। इसे देखते हुए पुलिस तैनात कर दी गई है। कर्णवास चौकी प्रभारी संजीव कुमार ने डिबाई कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। नेम सिंह की हत्या के लिए विनोद कुमार को आरोपी बनाया गया है। विनोद की हत्या के मामले में नैम सिंह के परिवार के ज्वाली सिंह, सतीश व अन्य अज्ञात पर केस दर्ज किया गया है है। पुलिस का कहना है कि शराब पीने के दौरान दोनों के बीच विवाद हुआ था।