{"_id":"68a35b0195e2db91a806a6f1","slug":"teacher-appointed-with-fake-sc-certificate-suspended-bulandshahr-news-c-133-1-bul1002-139035-2025-08-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bulandshahar News: अनुसूचित जाति के फर्जी प्रमाणपत्र से बना शिक्षक, निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bulandshahar News: अनुसूचित जाति के फर्जी प्रमाणपत्र से बना शिक्षक, निलंबित
विज्ञापन
बुलंदशहर। शिक्षक केंद्रपाल ने बरेली में अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र बनवाकर बुलंदशहर के पंडित दीन दयाल उपाध्याय मॉडल विद्यालय रसूलगढ़ में एलटी ग्रेड की नौकरी प्राप्त कर ली। शिकायत पर जांच में मामला सही पाया गया। आयोग ने शिक्षक को निलंबित कर दिया है। डीआईओएस ने बरेली डीएम को प्रमाणपत्र निरस्त करने के लिए पत्र लिखा है।
जनपद बरेली के बहेड़ी स्थित दौलतपुर निवासी केंद्रपाल सिंह का चयन राजकीय स्कूलों में हुई भर्ती के माध्यम से एलटी ग्रेड में अंग्रेजी विषय के पद पर हुआ था। वर्ष 2019 में उन्होंने बरेली सदर तहसील से धनगर जाति का प्रमाणपत्र बनवाया था, जो अनुसूचित जाति में आता है। केंद्रपाल ओबीसी में गडरिया जाति से है। वर्ष 2020 में केंद्रपाल की तैनाती पंडित दीन दयाल उपाध्याय मॉडल विद्यालय रसूलगढ़ में हुई।
पिछले दिनों किसी व्यक्ति ने उनके जाति प्रमाणपत्र की शिकायत डीआईओएस से की। डीआईओएस ने कमेटी बनाकर जांच कराई। इसमें मामला सही पाया गया। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद डीआईओएस ने बरेली डीएम, सदर तहसीलदार व एसडीएम को मामले से अवगत कराते हुए राजकीय माध्यमिक शिक्षा के अपर शिक्षा निदेशक को शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा। अब निदेशक अजय कुमार द्विवेदी ने शिक्षक केंद्रपाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए अग्रिम जांच बैठा दी है।
विज्ञापन
ऐसे खुला मामला
डीआईओएस ने बताया कि शिकायत मिलने पर केंद्रपाल सिंह के जाति प्रमाणपत्र की जांच कराई गई। मामले की जांच के लिए बरेली में भी टीम बनाई गई थी। रिपोर्ट में सामने आया कि शिक्षक मूलरूप से गडरिया जाति से है। यह ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) में आती है। विभाग को गुमराह करते हुए शिक्षक ने धनगर जाति का प्रमाण पत्र बनवा लिया। यह गडरिया की उपजाति है, जो अनुसूचित जाति में आती है। जांच में खुलासा हुआ कि शिक्षक ने अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र बरेली सदर तहसील से बनवाया था।
शिक्षक ने अनुसूचित जाति के प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी पाई है। मामला खुलने के बाद शिक्षक को आयोग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। प्रमाणपत्र निरस्त करने के लिए बरेली डीएम व एसडीएम को पत्र लिखा है। अभी मामले में जांच चल रही है। - विनय कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक
विज्ञापन
जनपद बरेली के बहेड़ी स्थित दौलतपुर निवासी केंद्रपाल सिंह का चयन राजकीय स्कूलों में हुई भर्ती के माध्यम से एलटी ग्रेड में अंग्रेजी विषय के पद पर हुआ था। वर्ष 2019 में उन्होंने बरेली सदर तहसील से धनगर जाति का प्रमाणपत्र बनवाया था, जो अनुसूचित जाति में आता है। केंद्रपाल ओबीसी में गडरिया जाति से है। वर्ष 2020 में केंद्रपाल की तैनाती पंडित दीन दयाल उपाध्याय मॉडल विद्यालय रसूलगढ़ में हुई।
विज्ञापन
पिछले दिनों किसी व्यक्ति ने उनके जाति प्रमाणपत्र की शिकायत डीआईओएस से की। डीआईओएस ने कमेटी बनाकर जांच कराई। इसमें मामला सही पाया गया। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद डीआईओएस ने बरेली डीएम, सदर तहसीलदार व एसडीएम को मामले से अवगत कराते हुए राजकीय माध्यमिक शिक्षा के अपर शिक्षा निदेशक को शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा। अब निदेशक अजय कुमार द्विवेदी ने शिक्षक केंद्रपाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए अग्रिम जांच बैठा दी है।
विज्ञापन
ऐसे खुला मामला
डीआईओएस ने बताया कि शिकायत मिलने पर केंद्रपाल सिंह के जाति प्रमाणपत्र की जांच कराई गई। मामले की जांच के लिए बरेली में भी टीम बनाई गई थी। रिपोर्ट में सामने आया कि शिक्षक मूलरूप से गडरिया जाति से है। यह ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) में आती है। विभाग को गुमराह करते हुए शिक्षक ने धनगर जाति का प्रमाण पत्र बनवा लिया। यह गडरिया की उपजाति है, जो अनुसूचित जाति में आती है। जांच में खुलासा हुआ कि शिक्षक ने अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र बरेली सदर तहसील से बनवाया था।
शिक्षक ने अनुसूचित जाति के प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी पाई है। मामला खुलने के बाद शिक्षक को आयोग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। प्रमाणपत्र निरस्त करने के लिए बरेली डीएम व एसडीएम को पत्र लिखा है। अभी मामले में जांच चल रही है। - विनय कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक