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Bulandshahar News: लूट करने वाले बावरिया गैंग के बदमाश सुनील उर्फ सांवल को 7 साल की कैद
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अनूपशहर। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों के राजमार्गों पर दहशत का पर्याय बने बावरिया गैंग के सक्रिय सदस्य रहे सुनील उर्फ सांवल को अदालत ने सलाखों के पीछे भेज दिया है।
अनूपशहर स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायाधीश विनीत चौधरी ने सांवल को 7 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। सुनील मध्य प्रदेश के मुरैना जिले का मूल निवासी है और घुमंतू जाति से ताल्लुक रखता है।
सजा पाने वाला 46 वर्षीय सुनील उर्फ सांवल एक शातिर और आदतन अपराधी है। इसके आपराधिक इतिहास का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 15 जनवरी 2019 को वह बुलंदशहर में पेशी के दौरान पुलिस कस्टडी से चकमा देकर फरार हो गया था। उसे हरियाणा के एक मामले में भी पूर्व में सजा सुनाई जा चुकी है।
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सुनील और उसका गिरोह उत्तर प्रदेश के साथ-साथ हरियाणा और राजस्थान के नेशनल हाईवे पर सक्रिय रहता था। यह गिरोह राजमार्गों पर चलते वाहनों को रोकने के लिए एक्सल का इस्तेमाल करता था। बदमाश चलती गाड़ी के नीचे लोहे का भारी एक्सल फेंक देते थे। एक्सल टकराते ही वाहन में तेज धमाका होता था, जिससे चालक को लगता था कि गाड़ी का कोई बड़ा हिस्सा टूट गया है। जैसे ही चालक जांच के लिए गाड़ी रोकता, झाड़ियों में छिपे बदमाश हथियारों के साथ हमला बोल देते और लूटपाट कर फरार हो जाते थे।
सांवल ने डिबाई थाना क्षेत्र के गांव बांधौर में 20 नवंबर 2014 की रात करीब 1 बजे सुनील और उसके 10-12 साथियों ने जयप्रकाश नामक ग्रामीण के घर पर धावा बोला था।
बदमाशों ने पूरे परिवार को हथियारों के बल पर बंधक बना लिया था। और वहां से 4 लाख रुपये नकद, 400 ग्राम सोने के आभूषण, 500 ग्राम चांदी तीन लाइसेंसी हथियार (रिवाल्वर, डबल बैरल गन, सिंगल बैरल गन), दो मोबाइल फोन लूट लिया था। लूटपाट का विरोध करने पर बदमाशों ने जयप्रकाश के भाई, भाभी और बच्चों पर लोहे की रॉड से जानलेवा हमला कर उन्हें लहूलुहान कर दिया था। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद जांच पूरी की और चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी थी। इस मामले में एक आरोपी मनोज को पहले ही सजा हो चुकी है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता परविंदर लोधी ने बताया कि कोर्ट में पेश किए गए गवाहों, सबूतों और जिरह के आधार पर सुनील उर्फ सांवल को डकैती और हमले का दोषी मानते हुए न्यायालय ने सजा सुनाई है।
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अनूपशहर स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायाधीश विनीत चौधरी ने सांवल को 7 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। सुनील मध्य प्रदेश के मुरैना जिले का मूल निवासी है और घुमंतू जाति से ताल्लुक रखता है।
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सजा पाने वाला 46 वर्षीय सुनील उर्फ सांवल एक शातिर और आदतन अपराधी है। इसके आपराधिक इतिहास का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 15 जनवरी 2019 को वह बुलंदशहर में पेशी के दौरान पुलिस कस्टडी से चकमा देकर फरार हो गया था। उसे हरियाणा के एक मामले में भी पूर्व में सजा सुनाई जा चुकी है।
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सुनील और उसका गिरोह उत्तर प्रदेश के साथ-साथ हरियाणा और राजस्थान के नेशनल हाईवे पर सक्रिय रहता था। यह गिरोह राजमार्गों पर चलते वाहनों को रोकने के लिए एक्सल का इस्तेमाल करता था। बदमाश चलती गाड़ी के नीचे लोहे का भारी एक्सल फेंक देते थे। एक्सल टकराते ही वाहन में तेज धमाका होता था, जिससे चालक को लगता था कि गाड़ी का कोई बड़ा हिस्सा टूट गया है। जैसे ही चालक जांच के लिए गाड़ी रोकता, झाड़ियों में छिपे बदमाश हथियारों के साथ हमला बोल देते और लूटपाट कर फरार हो जाते थे।
सांवल ने डिबाई थाना क्षेत्र के गांव बांधौर में 20 नवंबर 2014 की रात करीब 1 बजे सुनील और उसके 10-12 साथियों ने जयप्रकाश नामक ग्रामीण के घर पर धावा बोला था।
बदमाशों ने पूरे परिवार को हथियारों के बल पर बंधक बना लिया था। और वहां से 4 लाख रुपये नकद, 400 ग्राम सोने के आभूषण, 500 ग्राम चांदी तीन लाइसेंसी हथियार (रिवाल्वर, डबल बैरल गन, सिंगल बैरल गन), दो मोबाइल फोन लूट लिया था। लूटपाट का विरोध करने पर बदमाशों ने जयप्रकाश के भाई, भाभी और बच्चों पर लोहे की रॉड से जानलेवा हमला कर उन्हें लहूलुहान कर दिया था। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद जांच पूरी की और चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी थी। इस मामले में एक आरोपी मनोज को पहले ही सजा हो चुकी है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता परविंदर लोधी ने बताया कि कोर्ट में पेश किए गए गवाहों, सबूतों और जिरह के आधार पर सुनील उर्फ सांवल को डकैती और हमले का दोषी मानते हुए न्यायालय ने सजा सुनाई है।