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जिले में स्ट्रॉबेरी की खेती करवाएगा उद्यान विभाग
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स्ट्रॉबेरी फसल का फोटो।
- फोटो : BULANDSHAHR
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जिले में स्ट्रॉबेरी की खेती करवाएगा उद्यान विभाग
बुलंदशहर। जिले के किसानों के लिए एक अच्छी खबर है। यदि वह स्ट्रॉबेरी की खेती करना चाहते हैं तो अब उन्हें पौधे लाने के लिए हिमाचल या महाराष्ट्र नहीं जाना पड़ेगा। जल्द ही उन्हें जिले में ही पौधे मिलने लगेंगे। जिला उद्यान विभाग ने जिले में स्ट्रॉबेरी की खेती कराने के साथ ही अपनी नर्सरी बनाने का भी निर्णय लिया है। स्ट्रॉबेरी की खेती से किसानों को अच्छा मुनाफा होगा।
जिला उद्यान अधिकारी एनके सिंहानिया ने बताया कि सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए एक और कदम उठाया है। जिले में स्ट्रॉबेरी की खेती कराई जाएगी और उसके लिए विभाग नर्सरी भी बनाएगा। जहां पर स्ट्रॉबेरी की पौध तैयार की जाएगी। स्ट्रॉबेरी की खेती के लिए किसानों से संपर्क किया जाएगा। साथ ही नर्सरी में तैयार होने वाली पौध भी किसानों को उपलब्ध करवाई जाएगी।
जिले में 60 बीघे में हो रही स्ट्रॉबेरी खेती
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि अभी जिले में स्ट्रॉबेरी की खेती 60 बीघे में हो रही है। जो किसान स्ट्रॉबेरी की खेती कर रहे हैं, उन्हें अच्छा मुनाफा मिल रहा है। यदि किसान इस खेती को अपनाते हैं तो वह दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा आदि शहरों में इसे बेचकर अच्छी कमाई कर सकेंगे।
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प्रति हेक्टेयर पांच लाख लागत
प्रति हेक्टेयर फसल उगाने पर करीब पांच लाख की लागत आती है और आठ से दस लाख रुपये की फसल हो जाती है। बाजार में स्ट्रॉबेरी की कीमत 350 रुपये प्रति किलो से अधिक प्राप्त होती है।
जिले के किसानों की आय बढ़ाने के लिए विभाग स्ट्रॉबेरी की खेती कराएगा। इसके लिए विभाग अपनी नर्सरी बनाकर पौध तैयार करेगा। जिसे किसानों को उपलब्ध करवाया जाएगा। इससे किसानों को पौध लेने के लिए हिमाचल और महाराष्ट्र नहीं जाना पड़ेगा। - एनके सिंहानिया, जिला उद्यान अधिकारी
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बुलंदशहर। जिले के किसानों के लिए एक अच्छी खबर है। यदि वह स्ट्रॉबेरी की खेती करना चाहते हैं तो अब उन्हें पौधे लाने के लिए हिमाचल या महाराष्ट्र नहीं जाना पड़ेगा। जल्द ही उन्हें जिले में ही पौधे मिलने लगेंगे। जिला उद्यान विभाग ने जिले में स्ट्रॉबेरी की खेती कराने के साथ ही अपनी नर्सरी बनाने का भी निर्णय लिया है। स्ट्रॉबेरी की खेती से किसानों को अच्छा मुनाफा होगा।
जिला उद्यान अधिकारी एनके सिंहानिया ने बताया कि सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए एक और कदम उठाया है। जिले में स्ट्रॉबेरी की खेती कराई जाएगी और उसके लिए विभाग नर्सरी भी बनाएगा। जहां पर स्ट्रॉबेरी की पौध तैयार की जाएगी। स्ट्रॉबेरी की खेती के लिए किसानों से संपर्क किया जाएगा। साथ ही नर्सरी में तैयार होने वाली पौध भी किसानों को उपलब्ध करवाई जाएगी।
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जिले में 60 बीघे में हो रही स्ट्रॉबेरी खेती
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि अभी जिले में स्ट्रॉबेरी की खेती 60 बीघे में हो रही है। जो किसान स्ट्रॉबेरी की खेती कर रहे हैं, उन्हें अच्छा मुनाफा मिल रहा है। यदि किसान इस खेती को अपनाते हैं तो वह दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा आदि शहरों में इसे बेचकर अच्छी कमाई कर सकेंगे।
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प्रति हेक्टेयर पांच लाख लागत
प्रति हेक्टेयर फसल उगाने पर करीब पांच लाख की लागत आती है और आठ से दस लाख रुपये की फसल हो जाती है। बाजार में स्ट्रॉबेरी की कीमत 350 रुपये प्रति किलो से अधिक प्राप्त होती है।
जिले के किसानों की आय बढ़ाने के लिए विभाग स्ट्रॉबेरी की खेती कराएगा। इसके लिए विभाग अपनी नर्सरी बनाकर पौध तैयार करेगा। जिसे किसानों को उपलब्ध करवाया जाएगा। इससे किसानों को पौध लेने के लिए हिमाचल और महाराष्ट्र नहीं जाना पड़ेगा। - एनके सिंहानिया, जिला उद्यान अधिकारी