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Bulandshahar News: डूब गई सड़कें, जलमग्न हुआ शहर, एक किलोमीटर लंबे जाम में फंसे लोग
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बारिश में मुसीबत-----गोल मार्केट में बारिश के दौरान सड़क पर व दुकानों के अंदर भरा पानी। शोभित त्
हापुड़। तेज बारिश के बाद मंगलवार की दोपहर को शहर की सड़कें नालों से निकले दूषित पानी से लबालब भर गईं। शहर के बाजार, मुख्य मार्ग और हर कोने में मोहल्लों तक में जलभराव हुआ। अतरपुरा चौपला और गढ़ रोड पर हुए जलभराव के कारण करीब एक किलोमीटर लंबा जाम दो घंटे तक लगने से हजारों लोगों को परेशानी हुई। वहीं, दुकानों के अंदर पानी घुसने से व्यापारियों को आर्थिक नुकसान पहुंचा है।
मंगलवार की दोपहर करीब 12.15 बजे तेज बारिश शुरू हुई। सवा घंटे तक हुई तेज बारिश ने शहर की व्यवस्थाओं की जलनिकासी की व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी। नालों के अंदर से पॉलिथीन, थर्माकोल और जमा गंदगी पानी के साथ बाहर आ गई। बारिश के दौरान दोपहिया और पैदल चलने वाले इधर-उधर छतों के नीचे खड़े रहे।
बारिश के दौरान शहर के गोल मार्केट, अतरपुरा चौपला, गढ़ रोड पर फ्लाईओवर से आगे, मीनाक्षी रोड, रेलवे रोड, फ्री गंज रोड, सिकंदर गेट, कोठी गेट, मेरठ रोड तिराहा, तहसील चौपला तक पर जलभराव हुआ। मुख्य बाजार गोल मार्केट, साधना मार्केट, कृष्णा गली, न्यू कासिमपुरा, शिवपुरी, आर्यनगर, श्रीनगर, न्यू भीमनगर, अर्जुन नगर, गांधी गंज, माता मोहल्ला सहित 20 से अधिक मोहल्लों में दो फीट तक जलभराव हुआ। यहां तक कि नगर पालिका परिसर और सीएचसी परिसर में भी एक फीट तक जलभराव होने से अधिवक्ता, मरीज, तिमारदार, अधिकारी व कर्मचारी तक परेशान हुए।
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वहीं, गोल मार्केट के पीछे वाले हिस्से, साधना मार्केट, गांधी गंज, अतरपुरा चौपला और कृष्णा गली की कई दुकानों के अंदर पानी घुस गया। व्यापारी विजय अग्रवाल, आकाश त्यागी, सोनू कंसल, प्रदीप सिंह, शिवम कालरा ने बताया कि तेज बारिश के बाद जलभराव होता है। जब कोई तेज वाहन गुजरता है तो पानी दुकानों के अंदर घुसने से नुकसान होता है।
नालों की सफाई पर उठ रहे सवाल
जिस दिन भी बारिश होती है, शहर के मुख्य मार्ग और मोहल्लों में जलभराव होता है, जबकि नगर पालिका के अधिकारी नालों की सफाई के दावे करते हैं। पालिका के स्तर से नालों की सफाई पर प्रत्येक वर्ष करीब दो करोड़ रुपये खर्च होते हैं। इसके बाद भी मुख्य बाजारों, प्रमुख मार्गों और कई मोहल्लों में जलभराव सभी के लिए सिरदर्द बना हुआ है। नालियों और सीवर का पानी सड़कों पर फैलने से लोगों को भारी परेशानी होती है। गंदा पानी सड़कों पर बहने से बदबू और गंदगी के बीच लोगों को आवागमन करना पड़ता है।
पक्का बाग से लेकर मेरठ रोड तिराहे तक लगा जाम
अतरपुरा चौपला पर दो फीट से अधिक जलभराव हुआ। स्कूल के अवकाश के दौरान जलभराव होने से सड़कों की स्थिति बेहद खराब हो गई। पक्का बाग से लेकर मेरठ रोड तिराहे तक करीब एक किलोमीटर लंबा जाम लगा। सड़क के दोनों तरफ करीब घंटे तक वाहन फंसे रहे। धीमी बारिश के दौरान लोग भीग गए। जलभराव में कई दोपहिया वाहन पानी में बंद हो गए, जबकि चार पहिया वाहन की गति धीमी हो गई। जगह-जगह वाहन फंसने से लंबा जाम लग गया।
तेज बारिश के कारण कुछ देर के लिए जलभराव हुआ था, लेकिन पानी हाथों-हाथ निकलता रहा। बारिश रुकते ही नालों के किनारों से कूड़ा हटवाया गया है। - संजय कुमार मिश्रा, अधिशासी अधिकारी
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मंगलवार की दोपहर करीब 12.15 बजे तेज बारिश शुरू हुई। सवा घंटे तक हुई तेज बारिश ने शहर की व्यवस्थाओं की जलनिकासी की व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी। नालों के अंदर से पॉलिथीन, थर्माकोल और जमा गंदगी पानी के साथ बाहर आ गई। बारिश के दौरान दोपहिया और पैदल चलने वाले इधर-उधर छतों के नीचे खड़े रहे।
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बारिश के दौरान शहर के गोल मार्केट, अतरपुरा चौपला, गढ़ रोड पर फ्लाईओवर से आगे, मीनाक्षी रोड, रेलवे रोड, फ्री गंज रोड, सिकंदर गेट, कोठी गेट, मेरठ रोड तिराहा, तहसील चौपला तक पर जलभराव हुआ। मुख्य बाजार गोल मार्केट, साधना मार्केट, कृष्णा गली, न्यू कासिमपुरा, शिवपुरी, आर्यनगर, श्रीनगर, न्यू भीमनगर, अर्जुन नगर, गांधी गंज, माता मोहल्ला सहित 20 से अधिक मोहल्लों में दो फीट तक जलभराव हुआ। यहां तक कि नगर पालिका परिसर और सीएचसी परिसर में भी एक फीट तक जलभराव होने से अधिवक्ता, मरीज, तिमारदार, अधिकारी व कर्मचारी तक परेशान हुए।
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वहीं, गोल मार्केट के पीछे वाले हिस्से, साधना मार्केट, गांधी गंज, अतरपुरा चौपला और कृष्णा गली की कई दुकानों के अंदर पानी घुस गया। व्यापारी विजय अग्रवाल, आकाश त्यागी, सोनू कंसल, प्रदीप सिंह, शिवम कालरा ने बताया कि तेज बारिश के बाद जलभराव होता है। जब कोई तेज वाहन गुजरता है तो पानी दुकानों के अंदर घुसने से नुकसान होता है।
नालों की सफाई पर उठ रहे सवाल
जिस दिन भी बारिश होती है, शहर के मुख्य मार्ग और मोहल्लों में जलभराव होता है, जबकि नगर पालिका के अधिकारी नालों की सफाई के दावे करते हैं। पालिका के स्तर से नालों की सफाई पर प्रत्येक वर्ष करीब दो करोड़ रुपये खर्च होते हैं। इसके बाद भी मुख्य बाजारों, प्रमुख मार्गों और कई मोहल्लों में जलभराव सभी के लिए सिरदर्द बना हुआ है। नालियों और सीवर का पानी सड़कों पर फैलने से लोगों को भारी परेशानी होती है। गंदा पानी सड़कों पर बहने से बदबू और गंदगी के बीच लोगों को आवागमन करना पड़ता है।
पक्का बाग से लेकर मेरठ रोड तिराहे तक लगा जाम
अतरपुरा चौपला पर दो फीट से अधिक जलभराव हुआ। स्कूल के अवकाश के दौरान जलभराव होने से सड़कों की स्थिति बेहद खराब हो गई। पक्का बाग से लेकर मेरठ रोड तिराहे तक करीब एक किलोमीटर लंबा जाम लगा। सड़क के दोनों तरफ करीब घंटे तक वाहन फंसे रहे। धीमी बारिश के दौरान लोग भीग गए। जलभराव में कई दोपहिया वाहन पानी में बंद हो गए, जबकि चार पहिया वाहन की गति धीमी हो गई। जगह-जगह वाहन फंसने से लंबा जाम लग गया।
तेज बारिश के कारण कुछ देर के लिए जलभराव हुआ था, लेकिन पानी हाथों-हाथ निकलता रहा। बारिश रुकते ही नालों के किनारों से कूड़ा हटवाया गया है। - संजय कुमार मिश्रा, अधिशासी अधिकारी