फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   Recovery will be made from the salaries of electricity officials who make fake bills

Bulandshahar News: फर्जी बिल बनाने वाले बिजली अधिकारियों के वेतन से की जाएगी वसूली

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 22 Oct 2025 10:28 PM IST
विज्ञापन
Recovery will be made from the salaries of electricity officials who make fake bills
बुलंदशहर। उपभोक्ता को मनमाने और फर्जी बिल भेजकर परेशान करने के एक मामले में बिजली विभाग के अधिकारियों पर जिला उपभोक्ता आयोग ने फैसला सुनाया है। आयोग ने फर्जी बिल बनाने के दोषी पाए गए अधिकारियों को उनके वेतन से जुर्माने की वसूली करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही आयोग ने पीड़ित उपभोक्ता को वाद व्यय और मानसिक क्षतिपूर्ति के लिए 30 हजार रुपये का मुआवजा देने का भी निर्देश दिया है।
विज्ञापन




जिला उपभोक्ता आयोग के जन सूचना अधिकारी शेखर वर्मा ने बताया कि नगर के मोहल्ला राम विहार निवासी डेविड शर्मा के घर का बिजली मीटर खराब होने पर विभाग के कर्मचारियों ने 22 जुलाई 2022 को उसे उतार लिया था। मीटर की लैब जांच में किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई थी। बाद में नया मीटर भी लगाया था। आरोप है कि मीटर की ओके रिपोर्ट आने के बावजूद बिजली विभाग के अधिकारियों ने 10 मार्च 2023 को डेविड शर्मा को एक नोटिस भेजा। नोटिस में किसी अन्य मीटर का लोड दर्शाते हुए शर्मा के नाम पर 66,144 रुपये का बकाया बताया था।
विज्ञापन

डेविड शर्मा ने अधिकारियों के सामने बिल ठीक कराने की गुहार लगाई और उन्हें पुराने मीटर की ओके रिपोर्ट भी दिखाई लेकिन अधिकारियों ने उनकी एक न सुनी। अधिकारियों की मनमानी से तंग आकर पीड़ित डेविड शर्मा ने जिला उपभोक्ता आयोग में अपील दायर की। आयोग के न्यायाधीश हसनैन कुरैशी, सदस्य मोहित कुमार त्यागी और महिला सदस्य नीलम कुमारी की पीठ ने मामले की सुनवाई के बाद जारी किए गए बिल को पूरी तरह से गलत पाया। आयोग ने अपने आदेश में कहा कि इस गलत बिल की वसूली उपभोक्ता से करने के बजाय बिजली विभाग की मैनेजिंग डायरेक्टर (एमडी) अपने स्तर से इस पूरे मामले की जांच कराएं और संबंधित दोषी अधिकारियों के वेतन से जुर्माने की राशि वसूल करें।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके अतिरिक्त, आयोग ने बिजली विभाग को निर्देश दिया है कि पीड़ित डेविड शर्मा को 10 हजार रुपये वाद व्यय और 20 हजार रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति के लिए दिए जाएं। आयोग ने यह भी साफ किया है कि यदि एक माह के भीतर यह 30 हजार रुपये का भुगतान नहीं किया जाता है, तो इस पूरी धनराशि पर सात फीसदी की दर से ब्याज भी देना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed