{"_id":"692882e811a004c72f00ebcb","slug":"pottery-factory-using-banned-black-oil-sealed-bulandshahr-news-c-137-1-krj1001-110493-2025-11-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bulandshahar News: प्रतिबंधित काले तेल का प्रयोग करने वाली पॉटरी फैक्टरी सील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bulandshahar News: प्रतिबंधित काले तेल का प्रयोग करने वाली पॉटरी फैक्टरी सील
विज्ञापन
खुर्जा में स्थित पॉटरी फैक्टरी में काले तेल को नष्ट कराते तहसीलदार। स्रोत- प्रशासन
खुर्जा। नेहरुपुर स्थित पॉटरी फैक्टरी में प्रतिबंधित काले तेल का प्रयोग होता पाया गया। तहसीलदार सचिन कुमार ने फैक्टरी को सील किया। फैक्टरी में से तीन ड्रम बरामद हुए, जिसमें दो खाली और एक ड्रम में 150 लीटर तेल बरामद हुआ।
तहसीलदार सचिन कुमार ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रक विभाग की ओर से वर्ष 2019 में पॉटरी इकाइयों में काले तेल का प्रयोग पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद समय-समय पर पॉटरी फैक्टरी में निरीक्षण किया गया और सख्ती से कार्रवाई भी की गई।
इसके बावजूद कुछ लोग मानकों का उल्लंघन कर काले तेल का प्रयोग कर रहे हैं। इसकी शिकायत मिलने पर क्षेत्र में सभी पॉटरी फैक्टरियों का निरीक्षण किया गया, जिसमें नेहरुपुर चुंगी के पास स्थित शांति देवी सिरेमिक नाम की पॉटरी इकाई में काले तेल के ड्रम मिले। निरीक्षण के दौरान देखा गया कि काले तेल का प्रयोग भट्टी में किया जा रहा था, जिससे प्रदूषित धुंआ निकल रहा था।
विज्ञापन
मौके पर दो खाली और एक ड्रम में प्रतिबंधित 150 लीटर काला तेल भरा हुआ था। बरामद तेल को नष्ट कराया गया। इसके बाद पॉटरी को सील किया गया और मालिक को नोटिस जारी किया गया।
बंद नहीं हो रहा प्रयोग
खुर्जा में लगभग 400 से अधिक पॉटरी इकाइयां हैं, जिनमें सिरेमिक से तैयार उत्पाद को भट्ठियों में पकाया जाता है। भट्ठी में ईंधन के लिए पीएनजी और एलपीजी गैस का प्रयोग होता है लेकिन कुछ ऐसी पॉटरी इकाई भी हैं, जहां पर चोरी छिपे काले तेल का प्रयोग किया जा रहा है। हर साल प्रदूषण विभाग की ओर से चार या पांच पॉटरी इकाई में काला तेल या उसके प्रयोग के साक्ष्य पकड़े जाते हैं। इसके बाद कोई गंभीर कार्रवाई नहीं होती। इसी के चलते फैक्टरियों में लगातार तेल पकड़ा जा रहा है।
बढ़ते प्रदूषण स्तर को देखते हुए प्रशासन की टीम ने कई फैक्टरी में निरीक्षण किया था। इसमें शांति देवी सिरेमिक नाम की पॉटरी इकाई में काले तेल का प्रयोग होता पाया गया है। फैक्टरी को सील किया गया है। अन्य जगह पर भी निरीक्षण किया जाएगा। - प्रतीक्षा पांडेय, एसडीएम खुर्जा
विज्ञापन
तहसीलदार सचिन कुमार ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रक विभाग की ओर से वर्ष 2019 में पॉटरी इकाइयों में काले तेल का प्रयोग पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद समय-समय पर पॉटरी फैक्टरी में निरीक्षण किया गया और सख्ती से कार्रवाई भी की गई।
विज्ञापन
इसके बावजूद कुछ लोग मानकों का उल्लंघन कर काले तेल का प्रयोग कर रहे हैं। इसकी शिकायत मिलने पर क्षेत्र में सभी पॉटरी फैक्टरियों का निरीक्षण किया गया, जिसमें नेहरुपुर चुंगी के पास स्थित शांति देवी सिरेमिक नाम की पॉटरी इकाई में काले तेल के ड्रम मिले। निरीक्षण के दौरान देखा गया कि काले तेल का प्रयोग भट्टी में किया जा रहा था, जिससे प्रदूषित धुंआ निकल रहा था।
विज्ञापन
मौके पर दो खाली और एक ड्रम में प्रतिबंधित 150 लीटर काला तेल भरा हुआ था। बरामद तेल को नष्ट कराया गया। इसके बाद पॉटरी को सील किया गया और मालिक को नोटिस जारी किया गया।
बंद नहीं हो रहा प्रयोग
खुर्जा में लगभग 400 से अधिक पॉटरी इकाइयां हैं, जिनमें सिरेमिक से तैयार उत्पाद को भट्ठियों में पकाया जाता है। भट्ठी में ईंधन के लिए पीएनजी और एलपीजी गैस का प्रयोग होता है लेकिन कुछ ऐसी पॉटरी इकाई भी हैं, जहां पर चोरी छिपे काले तेल का प्रयोग किया जा रहा है। हर साल प्रदूषण विभाग की ओर से चार या पांच पॉटरी इकाई में काला तेल या उसके प्रयोग के साक्ष्य पकड़े जाते हैं। इसके बाद कोई गंभीर कार्रवाई नहीं होती। इसी के चलते फैक्टरियों में लगातार तेल पकड़ा जा रहा है।
बढ़ते प्रदूषण स्तर को देखते हुए प्रशासन की टीम ने कई फैक्टरी में निरीक्षण किया था। इसमें शांति देवी सिरेमिक नाम की पॉटरी इकाई में काले तेल का प्रयोग होता पाया गया है। फैक्टरी को सील किया गया है। अन्य जगह पर भी निरीक्षण किया जाएगा। - प्रतीक्षा पांडेय, एसडीएम खुर्जा