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रोज जल रहा कूड़ा, कार्रवाई 25 दिन में सिर्फ एक पर
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ईदगाह रोड पर जलता कूड़ा।
- फोटो : BULANDSHAHR
रोज जल रहा कूड़ा, कार्रवाई 25 दिन में सिर्फ एक पर
बुलंदशहर। नगर समेत जिलेभर में कूड़े के ढेर पर लगती आग और उठता धुंआ पालिका और प्रदूषण विभाग को नजर नहीं आ रहा है। शिकायत करने के बाद भी संबंधित अधिकारी मौन साधे हैं। शनिवार को पुरानी जेल, पालिका मार्केट, ईदगाह रोड और ऊंचागांव में कूड़े के ढेर में आग जलती मिली। वहीं, जिले का एक्यूआई 307 मापा गया, जो सेहत के लिए नुकसानदेह है।
जिले में 25 अक्तूबर से एक्यूआई का स्तर बढ़ना शुरू हुआ। अफसरों द्वारा एक्यूआई में सुधार लाने के प्रयास करने और कूड़ा-कचरा जलाने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए, लेकिन पिछले 25 दिन में पालिका द्वारा मात्र एक अज्ञात युवक पर आग जलाने के मामले में एफआईआर कराई गई। राजकीय इंटर कॉलेज पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। अफसरों को प्रतिदिन शिकायत मिलने पर संबंधित स्थान की जांच करना तक उचित नहीं समझ रहे। दिवाली के बाद जिले में वायु प्रदूषण का ग्राफ बढ़ा है। आतिशबाजी के साथ ही जिलेभर में खटारा वाहनों के धुएं और ग्रामीण क्षेत्रों में जीर्ण-शीर्ण सड़कों पर उड़ती धूल के कारण लोग बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। वहीं, प्रदूषण विभाग मामले में कार्रवाई की जगह पालिका स्तर से कार्रवाई करने की बात कह अपना पल्ला झाड़ ले रहा है।
अस्थमा के साथ बढ़ रहे एलर्जी के मरीज
जिला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. परवेंद्र कुमार ने बताया कि प्रदूषण व मौसम में बदलाव के कारण एलर्जी, अस्थमा, सीओपीडी और शुगर के मरीजों को दिक्कत होती है। सांस की नली में धूल, धुएं के कण जाने के बाद संबंधित व्यक्ति को परेशानी होती है। इस समय सीजनल फ्लू और अस्थमा के मरीजों के साथ एलर्जी आदि के मरीज भी आ रहे हैं। एलर्जी व अस्थमा के मरीजों को डस्ट से बचने के लिए मास्क लगाना चाहिए। जिला अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. पीके झा ने बताया कि वायु प्रदूषण के चलते आंखों में जलन की समस्या होने पर प्रतिदिन ओपीडी में 30 से 40 लोग औसतन आ रहे हैं। वहीं, निजी चिकित्सकों के पास भी इस तरह के मरीज पहुंच रहे हैं।
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स्मॉग से यह होती है परेशानी
- मार्निंग वॉक करने वालों को स्वच्छ वातावरण न मिलना।
- आंखों में जलन, सूजन और पलकों में इंफेक्शन होना।
- स्किन एलर्जी, जलन और खुजली जैसी शिकायत आदि।
- हाईबीपी, हृदय रोगियों के साथ स्वांस रोगियों को भी होती है परेशानी।
लगातार की जा रही निगरानी
लगातार तापमान गिरने के कारण भी एक्यूआई में बढ़ोत्तरी हो रही है। औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है। कूड़ा जलाने के मामले में संबंधित निकाय द्वारा कार्रवाई का प्रावधान है।
- सपना श्रीवास्तव, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी
कूड़ा जलाने वालों पर होगी एफआईआर
पुरानी जेल परिसर में आग लगने की सूचना पर मौके पर कर्मियों को भेजकर आग बुझवाई गई। साथ ही कूड़ा जलाने वालों को चिन्हित कर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। - मनोज गर्ग, चेयरमैन, नगर पालिका बुलंदशहर
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बुलंदशहर। नगर समेत जिलेभर में कूड़े के ढेर पर लगती आग और उठता धुंआ पालिका और प्रदूषण विभाग को नजर नहीं आ रहा है। शिकायत करने के बाद भी संबंधित अधिकारी मौन साधे हैं। शनिवार को पुरानी जेल, पालिका मार्केट, ईदगाह रोड और ऊंचागांव में कूड़े के ढेर में आग जलती मिली। वहीं, जिले का एक्यूआई 307 मापा गया, जो सेहत के लिए नुकसानदेह है।
जिले में 25 अक्तूबर से एक्यूआई का स्तर बढ़ना शुरू हुआ। अफसरों द्वारा एक्यूआई में सुधार लाने के प्रयास करने और कूड़ा-कचरा जलाने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए, लेकिन पिछले 25 दिन में पालिका द्वारा मात्र एक अज्ञात युवक पर आग जलाने के मामले में एफआईआर कराई गई। राजकीय इंटर कॉलेज पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। अफसरों को प्रतिदिन शिकायत मिलने पर संबंधित स्थान की जांच करना तक उचित नहीं समझ रहे। दिवाली के बाद जिले में वायु प्रदूषण का ग्राफ बढ़ा है। आतिशबाजी के साथ ही जिलेभर में खटारा वाहनों के धुएं और ग्रामीण क्षेत्रों में जीर्ण-शीर्ण सड़कों पर उड़ती धूल के कारण लोग बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। वहीं, प्रदूषण विभाग मामले में कार्रवाई की जगह पालिका स्तर से कार्रवाई करने की बात कह अपना पल्ला झाड़ ले रहा है।
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अस्थमा के साथ बढ़ रहे एलर्जी के मरीज
जिला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. परवेंद्र कुमार ने बताया कि प्रदूषण व मौसम में बदलाव के कारण एलर्जी, अस्थमा, सीओपीडी और शुगर के मरीजों को दिक्कत होती है। सांस की नली में धूल, धुएं के कण जाने के बाद संबंधित व्यक्ति को परेशानी होती है। इस समय सीजनल फ्लू और अस्थमा के मरीजों के साथ एलर्जी आदि के मरीज भी आ रहे हैं। एलर्जी व अस्थमा के मरीजों को डस्ट से बचने के लिए मास्क लगाना चाहिए। जिला अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. पीके झा ने बताया कि वायु प्रदूषण के चलते आंखों में जलन की समस्या होने पर प्रतिदिन ओपीडी में 30 से 40 लोग औसतन आ रहे हैं। वहीं, निजी चिकित्सकों के पास भी इस तरह के मरीज पहुंच रहे हैं।
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स्मॉग से यह होती है परेशानी
- मार्निंग वॉक करने वालों को स्वच्छ वातावरण न मिलना।
- आंखों में जलन, सूजन और पलकों में इंफेक्शन होना।
- स्किन एलर्जी, जलन और खुजली जैसी शिकायत आदि।
- हाईबीपी, हृदय रोगियों के साथ स्वांस रोगियों को भी होती है परेशानी।
लगातार की जा रही निगरानी
लगातार तापमान गिरने के कारण भी एक्यूआई में बढ़ोत्तरी हो रही है। औद्योगिक क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है। कूड़ा जलाने के मामले में संबंधित निकाय द्वारा कार्रवाई का प्रावधान है।
- सपना श्रीवास्तव, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी
कूड़ा जलाने वालों पर होगी एफआईआर
पुरानी जेल परिसर में आग लगने की सूचना पर मौके पर कर्मियों को भेजकर आग बुझवाई गई। साथ ही कूड़ा जलाने वालों को चिन्हित कर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। - मनोज गर्ग, चेयरमैन, नगर पालिका बुलंदशहर