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Bulandshahar News: खुशियाें का दामन फैलने से पहले ही मौत ने मारा झपट्टा

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 19 Jul 2023 10:10 PM IST
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parents and two sons died due to falling linter
बुलंदशहर। घर में खुशियाें का दामन फैलने से पहले ही चार परिजनों पर मौत झपट्टा मार दिया। हादसे में मौत के शिकार हुए परिवार के मुखिया राजपाल ने छोटे बेटे धर्मेंद्र की शादी तय कर रखी थी। शादी से पहले मकान बनवाने के लिए वह एक महीने पहले राजस्थान से आए थे। हादसे में मौत का शिकार हुआ उनका बेटा कुलदीप लिंटर डलवाने के लिए नोएडा से गांव आया था। उसकी पत्नी और बच्चे नोएडा में ही थे।
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राजपाल सिंह मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण कर रहे थे। अधिकतर पत्नी के साथ कई कई महीने तक राजस्थान व अन्य स्थानों पर रहकर मजदूरी करते थे। उनकी पांच संतानों में से बड़े बेटे यादवीर सिंह की करीब दस साल पहले ही मौत हो चुकी थी। दो बेटे डालचंद और कुलदीप नोएडा में रहकर मजदूरी करते थे। डालचंद का परिवार गांव में ही रहता है। कुलदीप अपनी पत्नी बच्चों के साथ नोएडा में रहता था। चौथे नंबर का बेटा मनोज गांव दौलतपुर के एक बाग पर छह साल से काम कर रहा है। सबसे छोटा धर्मेंद्र गांव में ही रहकर पढ़ाई कर रहा था। कुछ दिन पहले राजपाल ने धर्मेंद्र की शादी तय की थी। जनवरी में लग्न रखी गई थी। शादी की तैयारियों के लिए ही करीब एक माह पहले राजपाल अपनी पत्नी सुनीता के साथ गांव आ गए थे। घर के ऊपरी मंजिल पर निर्माण कार्य करा रहे थे।
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मंगलवार को लिंटर डलवाने के लिए कुलदीप को भी नोएडा से बुला लिया था। मनोज भी छुट्टी लेकर घर आ गया था। शाम को सभी ने मिलकर लिंटर डलवाया। इसके बाद मनोज रात करीब साढ़े नौ बजे अपने काम पर चला गया था। बाकी लोग घर पर ही रह गए थे।
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लिंटर के नीचे सोने से किया था मना
हादसे में बचे राजपाल के दो बेटों, दो पुत्रवधुओं और उनके बच्चे सदमें हैं। पुत्रवधू छोटी ने बिलखते हुए बताया कि उसने बाबूजी से ताजे डाले गए लिंटर के नीचे सोने से मना किया था। लिंटर से पानी टपक रहा था लेकिन वह नहीं माने। उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। मैं ऊपर ही सो जाऊंगा। यह कहकर वह ऊपर चले गए। उनके पीछे सास सुनीता भी चली गईं।

मिस्त्री ने किया था लिंटर डालने से मना
ग्रामीणों का कहना है कि मकान के निचले हिस्से की छत पहले से ही झुकी हुई थी। अस्थाई पिलर लगाकर उसे रोका हुआ था। इसके बावजूद दूसरी मंजिल पर दीवारें खड़ी कर लिंटर डलवा दिया गया। मिस्त्री ने राजपाल से ऊपरी मंजिल पर निर्माण कार्य कराने से मना किया था लेकिन राजपाल नहीं माने। ग्रामीणों ने बताया कि लिंटर का कार्य पूरा होने के बाद मिस्त्री ने भी राजपाल से मंगलवार रात को मकान में सोने से मना किया था।


पति को याद कर बार बार बेसुध हो रही पिंकी
मेरे राज से एक बार मेरी फोन पर बात तो करा दो.. हे भगवान मुझे पता होता कि ऐसा हो जाएगा, तो मैं उनको गांव न आने देती। मृतक कुलदीप की पत्नी पिंकी बार बार यह कहकर बेसुध हो रही थी। पिंकी को हादसे की सूचना बुधवार सुबह दी गई। जिसके बाद वह अपने बच्चों के साथ गांव पहुंची।
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