{"_id":"64b812d55370454ef4032c16","slug":"parents-and-two-sons-died-due-to-falling-linter-bulandshahr-news-c-133-1-bul1003-1753-2023-07-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bulandshahar News: लिंटर गिरने से दबा पूरा परिवार, माता-पिता और दो बेटों की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bulandshahar News: लिंटर गिरने से दबा पूरा परिवार, माता-पिता और दो बेटों की मौत
विज्ञापन
ऊचागांव क्षेत्र के गांव मवई में लिंटर के नीचे दबे लोगों को निकालते पुलिसकर्मी व ग्रामीण।
नरसेना। मवई गांव में निर्माणाधीन मकान का लिंटर गिरने से एक ही परिवार के 13 सदस्य मलबे में दब गए। हादसे में परिवार के मुखिया, उनकी पत्नी और दो बेटों की मौत हो गई। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों और पुलिस की टीम ने परिवार के नौ सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
नरसेना थाना क्षेत्र के गांव मवई निवासी राजपाल सिंह (56) मकान में ऊपरी मंजिल का निर्माण करा रहे थे। मंगलवार को मकान की छत का लिंटर डाला गया था। रात में राजपाल सिंह और उनकी पत्नी सुनीता (54) उसी लिंटर के नीचे ही चारपाई डालकर सो गए थे। उनके बेटे कुलदीप (32), धर्मेंद्र (27), डालचंद और उसकी पत्नी छोटी, बच्चे लवीश, योगिता, कार्तिक, डालचंद की भाभी गीता और उनके बच्चे रिंकू और हितेश, डालचंद की साली प्रवेश भूतल में अलग-अलग कमरों में सो रहे थे।
रात करीब पौने तीन बजे नवनिर्मित लिंटर अचानक भरभराकर गिर गया। साथ में भूतल की छत भी ढह गई। मलबे में पूरा परिवार दब गया। शोर सुनकर ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंच गए। सूचना पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम भी पहुंच गई। थोड़ी देर में डालचंद, छोटी, लवीश, योगिता, कार्तिक, गीता, रिंकू, हितेश और प्रवेश को बाहर निकाल लिया। लवीश, उसकी मां छोटी को अधिक चोट लगी थी, बाकी लोग मामूली रूप से घायल हुए थे। इनके अलावा चार अन्य लोगों को निकालने के लिए सुबह चार बजे जेसीबी से मलबा हटाने का कार्य शुरू किया गया। कुलदीप और धर्मेंद्र को तड़के पांच बजे तक निकाला जा सका, तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। राजपाल सिंह और उनकी पत्नी सुनीता को बाहर निकालने में सुबह के सात बज गए। उनकी भी सांसें तब तक टूट चुकी थीं।।
विज्ञापन
चार-चार लाख रुपये आर्थिक मदद का आश्वासन
डीएम सीपी सिंह, एडीएम वित्त विवेक मिश्र, एसपी सिटी सुरेंद्र नाथ तिवारी, सीओ स्याना भास्कर मिश्रा भी मौके पर पहुंचे। डीएम ने परिजनों को शासन से चार-चार लाख रुपये की आर्थिक मदद दिलाने और प्रधानमंत्री आवासीय योजना के तहत मकान का निर्माण कराने का आश्वासन दिया।
नवनिर्मित लिंटर गिरने से मकान में सो रहे परिवार के चार सदस्यों की मौत हुई है। मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक मदद की जा रही है। आगे भी नियमानुसार अन्य मदद भी दिलाई जाएगी। - सीपी सिंह, डीएम
विज्ञापन
नरसेना थाना क्षेत्र के गांव मवई निवासी राजपाल सिंह (56) मकान में ऊपरी मंजिल का निर्माण करा रहे थे। मंगलवार को मकान की छत का लिंटर डाला गया था। रात में राजपाल सिंह और उनकी पत्नी सुनीता (54) उसी लिंटर के नीचे ही चारपाई डालकर सो गए थे। उनके बेटे कुलदीप (32), धर्मेंद्र (27), डालचंद और उसकी पत्नी छोटी, बच्चे लवीश, योगिता, कार्तिक, डालचंद की भाभी गीता और उनके बच्चे रिंकू और हितेश, डालचंद की साली प्रवेश भूतल में अलग-अलग कमरों में सो रहे थे।
विज्ञापन
रात करीब पौने तीन बजे नवनिर्मित लिंटर अचानक भरभराकर गिर गया। साथ में भूतल की छत भी ढह गई। मलबे में पूरा परिवार दब गया। शोर सुनकर ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंच गए। सूचना पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम भी पहुंच गई। थोड़ी देर में डालचंद, छोटी, लवीश, योगिता, कार्तिक, गीता, रिंकू, हितेश और प्रवेश को बाहर निकाल लिया। लवीश, उसकी मां छोटी को अधिक चोट लगी थी, बाकी लोग मामूली रूप से घायल हुए थे। इनके अलावा चार अन्य लोगों को निकालने के लिए सुबह चार बजे जेसीबी से मलबा हटाने का कार्य शुरू किया गया। कुलदीप और धर्मेंद्र को तड़के पांच बजे तक निकाला जा सका, तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। राजपाल सिंह और उनकी पत्नी सुनीता को बाहर निकालने में सुबह के सात बज गए। उनकी भी सांसें तब तक टूट चुकी थीं।।
विज्ञापन
चार-चार लाख रुपये आर्थिक मदद का आश्वासन
डीएम सीपी सिंह, एडीएम वित्त विवेक मिश्र, एसपी सिटी सुरेंद्र नाथ तिवारी, सीओ स्याना भास्कर मिश्रा भी मौके पर पहुंचे। डीएम ने परिजनों को शासन से चार-चार लाख रुपये की आर्थिक मदद दिलाने और प्रधानमंत्री आवासीय योजना के तहत मकान का निर्माण कराने का आश्वासन दिया।
नवनिर्मित लिंटर गिरने से मकान में सो रहे परिवार के चार सदस्यों की मौत हुई है। मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक मदद की जा रही है। आगे भी नियमानुसार अन्य मदद भी दिलाई जाएगी। - सीपी सिंह, डीएम