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पंचायत चुनाव : सोशल मीडिया पर खर्च हुए धन का भी देना होगा हिसाब
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पंचायत चुनाव : सोशल मीडिया पर खर्च हुए धन का भी देना होगा हिसाब
बुलंदशहर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की घोषणा के बाद दावेदार चुनावी मैदान में ताल ठोक चुके हैं। जनपद में 29 अप्रैल को मतदान होगा। इससे पहले उन्हें नामांकन पत्र भरने और नाम वापसी लेने का मौका मिलेगा। इसके बाद चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। प्रत्याशियों को निर्वाचन आयोग को एक-एक रुपये का हिसाब - किताब देना होगा। इसमें सोशल मीडिया पर होने वाला खर्च भी शामिल होगा।
राज्य चुनाव आयोग ने प्रत्याशियों के लिए खर्च की सीमा को लेकर दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। ग्राम पंचायत पद के प्रत्याशी 10 हजार, ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रत्याशी 75 हजार और जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी डेढ़ लाख से अधिक खर्च नहीं कर सकेंगे। जिला सहायक निर्वाचन अधिकारी आरके अत्री ने बताया कि पंचायत चुनाव में प्रत्याशियों के खर्च की सीमा के साथ जमानत राशि, नाम निर्देशन पत्रों का मूल्य तय कर दिया गया है। प्रत्याशियों को खर्च का पूरा ब्योरा देना होगा। यहां तक प्रत्याशियों को सोशल मीडिया पर खर्च किए गए धन का भी हिसाब देना होगा। चुनाव में आचार संहिता का पालन न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
ऑनलाइन मिलेगा प्रत्याशियों का पूरा ब्योरा
पंचायत चुनाव में प्रधान समेत सभी पदों पर नामांकन कराने वाले हर उम्मीदवार का पूरा ब्योरा ऑनलाइन मिलेगा। इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने इलेक्टोरल रोल ऑफिसर (ईआरओ) सॉफ्टवेयर तैयार कराया है। इसमें प्रधान समेत सभी पदों के उम्मीदवार का पूरा विवरण और नामांकन पत्र के साथ संलग्न किए जाने वाले अभिलेखों को स्कैन कर अपलोड किया जाएगा। ग्राम पंचायत सदस्य के पद के लिए दाखिल होने वाले नामांकन पत्रों का केवल संख्यात्मक विवरण ही दर्ज होगा।
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प्रमाणपत्र बनवाने की प्रत्याशियों में होड़
चुनाव लड़ने वालों को नामांकन पत्र उपलब्ध करवाने के भी आदेश जारी किए जा चुके हैं। इसे देखते हुए प्रत्याशियों ने अपने प्रमाणपत्र आदि बनवाने की शुरूआत कर दी है। तहसीलों पर मूल निवास, आय और जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए प्रत्याशी पहुंचने लगे हैं। वह नामांकन प्रक्रिया से पहले सभी तैयारियाें को पूरा कर लेना चाहते हैं। प्रत्याशी नामांकन पत्र भरने के लिए अधिवक्ता और अधिकारियों आदि से भी संपर्क कर पूरी जानकारी ले रहे हैं।
गांवों में गरमा रहा चुनावी माहौल
पंचायत चुनाव के लिए मतदान को एक महीना शेष है। आरक्षण लागू होने के बाद चुनाव मैदान में बाहर हुए धुरंधर भी अब अपना मनपसंद प्रत्याशी तलाश कर रहे हैं। गांवों में माहौल पूरी तरह से चुनावी हो गया है। होली से पहले ही दावतों का दौर शुरू हो गया। वहीं, जिला पंचायत सदस्य के दावेदार राजनीतिक दलों का समर्थन हासिल करने के लिए नेताओं के चक्कर लगा रहे हैं।
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बुलंदशहर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की घोषणा के बाद दावेदार चुनावी मैदान में ताल ठोक चुके हैं। जनपद में 29 अप्रैल को मतदान होगा। इससे पहले उन्हें नामांकन पत्र भरने और नाम वापसी लेने का मौका मिलेगा। इसके बाद चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। प्रत्याशियों को निर्वाचन आयोग को एक-एक रुपये का हिसाब - किताब देना होगा। इसमें सोशल मीडिया पर होने वाला खर्च भी शामिल होगा।
राज्य चुनाव आयोग ने प्रत्याशियों के लिए खर्च की सीमा को लेकर दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। ग्राम पंचायत पद के प्रत्याशी 10 हजार, ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रत्याशी 75 हजार और जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी डेढ़ लाख से अधिक खर्च नहीं कर सकेंगे। जिला सहायक निर्वाचन अधिकारी आरके अत्री ने बताया कि पंचायत चुनाव में प्रत्याशियों के खर्च की सीमा के साथ जमानत राशि, नाम निर्देशन पत्रों का मूल्य तय कर दिया गया है। प्रत्याशियों को खर्च का पूरा ब्योरा देना होगा। यहां तक प्रत्याशियों को सोशल मीडिया पर खर्च किए गए धन का भी हिसाब देना होगा। चुनाव में आचार संहिता का पालन न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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ऑनलाइन मिलेगा प्रत्याशियों का पूरा ब्योरा
पंचायत चुनाव में प्रधान समेत सभी पदों पर नामांकन कराने वाले हर उम्मीदवार का पूरा ब्योरा ऑनलाइन मिलेगा। इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने इलेक्टोरल रोल ऑफिसर (ईआरओ) सॉफ्टवेयर तैयार कराया है। इसमें प्रधान समेत सभी पदों के उम्मीदवार का पूरा विवरण और नामांकन पत्र के साथ संलग्न किए जाने वाले अभिलेखों को स्कैन कर अपलोड किया जाएगा। ग्राम पंचायत सदस्य के पद के लिए दाखिल होने वाले नामांकन पत्रों का केवल संख्यात्मक विवरण ही दर्ज होगा।
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प्रमाणपत्र बनवाने की प्रत्याशियों में होड़
चुनाव लड़ने वालों को नामांकन पत्र उपलब्ध करवाने के भी आदेश जारी किए जा चुके हैं। इसे देखते हुए प्रत्याशियों ने अपने प्रमाणपत्र आदि बनवाने की शुरूआत कर दी है। तहसीलों पर मूल निवास, आय और जाति प्रमाण पत्र बनवाने के लिए प्रत्याशी पहुंचने लगे हैं। वह नामांकन प्रक्रिया से पहले सभी तैयारियाें को पूरा कर लेना चाहते हैं। प्रत्याशी नामांकन पत्र भरने के लिए अधिवक्ता और अधिकारियों आदि से भी संपर्क कर पूरी जानकारी ले रहे हैं।
गांवों में गरमा रहा चुनावी माहौल
पंचायत चुनाव के लिए मतदान को एक महीना शेष है। आरक्षण लागू होने के बाद चुनाव मैदान में बाहर हुए धुरंधर भी अब अपना मनपसंद प्रत्याशी तलाश कर रहे हैं। गांवों में माहौल पूरी तरह से चुनावी हो गया है। होली से पहले ही दावतों का दौर शुरू हो गया। वहीं, जिला पंचायत सदस्य के दावेदार राजनीतिक दलों का समर्थन हासिल करने के लिए नेताओं के चक्कर लगा रहे हैं।