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विधानसभा पहुंचने में पिछड़ी आधी आबादी
अमर उजाला ब्यूरो, बुलंदशहर
Updated Mon, 16 Jan 2017 01:04 AM IST
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हितेश कुमारी
- फोटो : अमर उजाला
आधी आबादी के दम पर तमाम नेता तो विधानसभा-लोकसभा पहुंच गए, लेकिन आधी आबादी इस दौड़ में पिछड़ गई। आजादी के बाद से आज तक महज दो महिलाएं ही विधानसभा तक पहुंच सकीं, जबकि लोकतंत्र के मंदिर लोकसभा में एक भी महिला नहीं पहुंच पाई है
। महिला सशक्तिकरण की बात करने वाली तमाम पार्टियों को महिला नेताओं पर कभी ऐतबार ही नहीं हुआ। जनपद की राजनीति में आधी आबादी को हाशिये पर रखा गया है। महिला सशक्तिकरण को लेकर तमाम दावे करने वाली पार्टियां खुद महिलाओं को आगे नहीं बढ़ने देना चाहती।
जिले से सिर्फ दो महिलाएं ही विधानसभा तक पहुंची हैं। एक महिला कांग्रेस के टिकट पर विधायक बनी तो एक भाजपा के टिकट पर। 1985 में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर हितेश कुमारी डिबाई सीट से जीतकर विधानसभा पहुंची तो 2012 के चुनाव में भाजपा के टिकट पर विमला सोलंकी सिकंदराबाद विधानसभा सीट से जीतकर विधायक बनीं।
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टिकट वितरण के दौरान आधी आबादी को पीछे रखा जाता रहा, जबकि इनकी हिमायती होने का हर पार्टी ने दावा किया। कांग्रेस और बसपा में महिला अध्यक्ष होने के बावजूद महिलाओं को उपेक्षा का शिकार होना पड़ा। सियासी मैदान में आधी आबादी को तवज्जो नहीं देने वाली पार्टियों का गणित कभी भी बिगड़ सकता है। जिले में महिला वोटरों की संख्या 1160358 है।
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। महिला सशक्तिकरण की बात करने वाली तमाम पार्टियों को महिला नेताओं पर कभी ऐतबार ही नहीं हुआ। जनपद की राजनीति में आधी आबादी को हाशिये पर रखा गया है। महिला सशक्तिकरण को लेकर तमाम दावे करने वाली पार्टियां खुद महिलाओं को आगे नहीं बढ़ने देना चाहती।
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जिले से सिर्फ दो महिलाएं ही विधानसभा तक पहुंची हैं। एक महिला कांग्रेस के टिकट पर विधायक बनी तो एक भाजपा के टिकट पर। 1985 में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर हितेश कुमारी डिबाई सीट से जीतकर विधानसभा पहुंची तो 2012 के चुनाव में भाजपा के टिकट पर विमला सोलंकी सिकंदराबाद विधानसभा सीट से जीतकर विधायक बनीं।
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टिकट वितरण के दौरान आधी आबादी को पीछे रखा जाता रहा, जबकि इनकी हिमायती होने का हर पार्टी ने दावा किया। कांग्रेस और बसपा में महिला अध्यक्ष होने के बावजूद महिलाओं को उपेक्षा का शिकार होना पड़ा। सियासी मैदान में आधी आबादी को तवज्जो नहीं देने वाली पार्टियों का गणित कभी भी बिगड़ सकता है। जिले में महिला वोटरों की संख्या 1160358 है।