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मुख्यमंत्री के संज्ञान लेने पर हरकत में आए अफसर
अमर उजाला ब्यूरो, बुलंदशहर
Updated Fri, 10 Jun 2016 11:46 PM IST
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बिटिया
- फोटो : अमर उजाला
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एचटी लाइन की चपेट में आकर झुलसी मासूम का मामला मुख्यमंत्री के पास पहुंचने पर अफसर हरकत में आ गए हैं। इससे पहले पैसे के अभाव में पीड़ित पिता बच्ची के इलाज को दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर थे। साथ ही मुख्यमंत्री ने ऊर्जा सचिव को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।
डीएम रोड स्थित झुग्गी पट्टी निवासी अख्तर ने बताया कि उनकी 12 वर्षीया बेटी चांदनी 20 अक्तूबर 2015 को पास के ही स्थान पर दूध लेने गई थी। वहां एचटी लाइन गिरने से वह उसकी चपेट में आ गई और बुरी तरह झुलस गई। अधिक झुलसने के कारण दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में चिकित्सकों को उसका एक हाथ काटना पड़ा।
महंगे उपचार के कारण अख्तर ने बाद में बेटी को जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया। उपकरणों और दवाओं का टोटा होने का हवाला देकर चिकित्सकों ने जिला अस्पताल में उपचार करने से मना कर दिया।
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बुधवार को अख्तर अपनी बेटी को लेकर इधर से उधर भटकते रहे। मामला मीडिया में आने के बाद बृहस्पतिवार को उसे अस्पताल में भर्ती किया गया। अखिल भारतीय यादव महासभा के सचिव नितिन यादव मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाए, इसके बाद इस पर जांच के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने ऊर्जा सचिव को पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। सात दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी गई है। नितिन यादव ने बताया कि शिकायत का उत्तर आया, जिसमें अवगत कराया गया कि मामले की जांच के लिए ऊर्जा सचिव को निर्देश दिए गए हैं।
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डीएम रोड स्थित झुग्गी पट्टी निवासी अख्तर ने बताया कि उनकी 12 वर्षीया बेटी चांदनी 20 अक्तूबर 2015 को पास के ही स्थान पर दूध लेने गई थी। वहां एचटी लाइन गिरने से वह उसकी चपेट में आ गई और बुरी तरह झुलस गई। अधिक झुलसने के कारण दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में चिकित्सकों को उसका एक हाथ काटना पड़ा।
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महंगे उपचार के कारण अख्तर ने बाद में बेटी को जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया। उपकरणों और दवाओं का टोटा होने का हवाला देकर चिकित्सकों ने जिला अस्पताल में उपचार करने से मना कर दिया।
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बुधवार को अख्तर अपनी बेटी को लेकर इधर से उधर भटकते रहे। मामला मीडिया में आने के बाद बृहस्पतिवार को उसे अस्पताल में भर्ती किया गया। अखिल भारतीय यादव महासभा के सचिव नितिन यादव मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाए, इसके बाद इस पर जांच के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने ऊर्जा सचिव को पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। सात दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी गई है। नितिन यादव ने बताया कि शिकायत का उत्तर आया, जिसमें अवगत कराया गया कि मामले की जांच के लिए ऊर्जा सचिव को निर्देश दिए गए हैं।