{"_id":"62d43f5f9c4b206c451833bf","slug":"notice-bulandshahr-news-gbd2416756123","type":"story","status":"publish","title_hn":"अनुसूचित जाति के युवक को हवालात में डालने पर डीएम-एसएसपी को नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अनुसूचित जाति के युवक को हवालात में डालने पर डीएम-एसएसपी को नोटिस
विज्ञापन
अनुसूचित जाति के युवक को हवालात में डालने पर डीएम-एसएसपी को नोटिस
बुलंदशहर। अनुसूचित जाति के युवक पर फर्जी मुकदमा दर्ज कर हवालात में बंद रखने के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने डीएम-एसएसपी को नोटिस जारी किया है। प्रकरण में 15 दिन में जबाव न देने पर समन जारी करने की चेतावनी दी है। पीड़ित का कहना है कि शिकायत करने के बाद इंस्पेक्टर व आरोपी पक्ष से जान का खतरा बना हुआ है।
देहात कोतवाली क्षेत्र के गांव नीमखेड़ा निवासी रविंद्र जाटव ने एससी-एसटी आयोग में शिकायत देकर बताया था कि गांव स्थित उसके एक प्लॉट पर कब्जा करने का प्रयास किया गया था। उसने विरोध किया तो आरोपी ने जातिसूचक शब्द कहते हुए जान से मारने की धमकी दी थी। मामले में छह जून को एसएसपी को शिकायत दी गई। 10 जून को एसएसपी के निर्देश पर सुबह करीब 11 बजे कोतवाली देहात में पहुंचकर इंस्पेक्टर से मुलाकात की तो उनके कार्यालय में आरोपी पक्ष पहले से ही मौजूद था। इसी दौरान देहात कोतवाल नीरज कुमार ने एसएसपी से की गई शिकायत पर खफा होकर जातिसूचक शब्द कहे और सिपाही को आदेश देते हुए हवालात में बंद करा दिया। इसके बाद आरोपियों ने एक फर्जी मुकदमा दर्ज किया और दोपहर दो बजे नीमखेड़ा फ्लाईओवर से फर्जी गिरफ्तारी दर्शाते हुए शाम को पांच बजे मेडिकल कराया।
जिस स्थान से गिरफ्तारी दिखाई गई वह कोतवाली से करीब 12 किमी दूर है। सुबह 11 बजे से ही कोतवाली में लगे सीसीटीवी कैमरे में भी वह कैद है। जिससे साफ है कि इंस्पेक्टर ने आरोपी पक्ष से सांठगांठ करते हुए मेरे खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज किया था। आयोग ने मामले में डीएम-एसएसपी को नोटिस भेजकर 15 दिनों में जबाव मांगा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुलंदशहर। अनुसूचित जाति के युवक पर फर्जी मुकदमा दर्ज कर हवालात में बंद रखने के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने डीएम-एसएसपी को नोटिस जारी किया है। प्रकरण में 15 दिन में जबाव न देने पर समन जारी करने की चेतावनी दी है। पीड़ित का कहना है कि शिकायत करने के बाद इंस्पेक्टर व आरोपी पक्ष से जान का खतरा बना हुआ है।
देहात कोतवाली क्षेत्र के गांव नीमखेड़ा निवासी रविंद्र जाटव ने एससी-एसटी आयोग में शिकायत देकर बताया था कि गांव स्थित उसके एक प्लॉट पर कब्जा करने का प्रयास किया गया था। उसने विरोध किया तो आरोपी ने जातिसूचक शब्द कहते हुए जान से मारने की धमकी दी थी। मामले में छह जून को एसएसपी को शिकायत दी गई। 10 जून को एसएसपी के निर्देश पर सुबह करीब 11 बजे कोतवाली देहात में पहुंचकर इंस्पेक्टर से मुलाकात की तो उनके कार्यालय में आरोपी पक्ष पहले से ही मौजूद था। इसी दौरान देहात कोतवाल नीरज कुमार ने एसएसपी से की गई शिकायत पर खफा होकर जातिसूचक शब्द कहे और सिपाही को आदेश देते हुए हवालात में बंद करा दिया। इसके बाद आरोपियों ने एक फर्जी मुकदमा दर्ज किया और दोपहर दो बजे नीमखेड़ा फ्लाईओवर से फर्जी गिरफ्तारी दर्शाते हुए शाम को पांच बजे मेडिकल कराया।
विज्ञापन
जिस स्थान से गिरफ्तारी दिखाई गई वह कोतवाली से करीब 12 किमी दूर है। सुबह 11 बजे से ही कोतवाली में लगे सीसीटीवी कैमरे में भी वह कैद है। जिससे साफ है कि इंस्पेक्टर ने आरोपी पक्ष से सांठगांठ करते हुए मेरे खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज किया था। आयोग ने मामले में डीएम-एसएसपी को नोटिस भेजकर 15 दिनों में जबाव मांगा है।
विज्ञापन