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Bulandshahar News: जिले में बनेंगे 47 आंगनबाड़ी केंद्रों के नए भवन, खर्च होंगे 9.40 करोड़
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बुलंदशहर। जिले में 9.40 करोड़ रुपये की लागत से 47 आंगनबाड़ी केंद्रों के नए भवनों का निर्माण होगा। एक आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण पर करीब 20 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके लिए विभाग की ओर से प्रस्ताव तैयार किया गया है। जल्द ही इसे स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाएगा।
जिला बाल एवं पुष्टाहार विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी पूनम तिवारी ने बताया कि जिले में 3967 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। यहां पर छह वर्ष से कम आयु वर्ग के बच्चों व महिलाओं को योजनाओं का लाभ दिया जाता है। प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर एक कार्यकर्ता और एक सहायिका की तैनाती है। इनकी जिम्मेदारी है कि वह अपने-अपने क्षेत्र में भ्रमण कर छह वर्ष तक के बच्चों का परीक्षण करें और आवश्यकतानुसार उन्हें शासन से मिलने वाली खाद्य सामग्री का लाभ प्रदान करें।
इसके अलावा गर्भवती व धात्री महिलाओं की भी सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद करने। तीन वर्ष से छह साल तक के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर निशुल्क शिक्षा देने का भी प्रावधान है। इनसे अधिकतर प्राथमिक विद्यालय तो कुछ अपने भवनों में संचालित हैं। इन केंद्रों का उद्देश्य बच्चों में कुपोषण दूर करना, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाना और प्री-स्कूल शिक्षा देना है। उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से जिले में 47 नए आंगनबाड़ी के भवन बनवाने के लिए विभाग की ओर से प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसे जल्द ही शासन को स्वीकृति के लिए भेज दिया जाएगा। शासन से स्वीकृति मिलने पर इनका निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
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जिला बाल एवं पुष्टाहार विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी पूनम तिवारी ने बताया कि जिले में 3967 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। यहां पर छह वर्ष से कम आयु वर्ग के बच्चों व महिलाओं को योजनाओं का लाभ दिया जाता है। प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर एक कार्यकर्ता और एक सहायिका की तैनाती है। इनकी जिम्मेदारी है कि वह अपने-अपने क्षेत्र में भ्रमण कर छह वर्ष तक के बच्चों का परीक्षण करें और आवश्यकतानुसार उन्हें शासन से मिलने वाली खाद्य सामग्री का लाभ प्रदान करें।
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इसके अलावा गर्भवती व धात्री महिलाओं की भी सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने में मदद करने। तीन वर्ष से छह साल तक के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर निशुल्क शिक्षा देने का भी प्रावधान है। इनसे अधिकतर प्राथमिक विद्यालय तो कुछ अपने भवनों में संचालित हैं। इन केंद्रों का उद्देश्य बच्चों में कुपोषण दूर करना, स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाना और प्री-स्कूल शिक्षा देना है। उन्होंने बताया कि विभाग की ओर से जिले में 47 नए आंगनबाड़ी के भवन बनवाने के लिए विभाग की ओर से प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसे जल्द ही शासन को स्वीकृति के लिए भेज दिया जाएगा। शासन से स्वीकृति मिलने पर इनका निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
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