{"_id":"6589dead15233f13d008f916","slug":"namo-bharat-trial-will-start-till-meerut-south-in-february-bulandshahr-news-c-30-gbd1015-271139-2023-12-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bulandshahar News: बैंकों में जाकर टूट गए 243 युवाओं के रोजगार के सपने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bulandshahar News: बैंकों में जाकर टूट गए 243 युवाओं के रोजगार के सपने
विज्ञापन
गाजियाबाद। सरकार ने लोगों को स्वरोजगार देने के लिए कई योजनाएं चलाईं, युवाओं ने आवेदन भी किए लेकिन बैंकों में जाकर उनके सपने टूट गए। जिला उद्योग केंद्र की ओर से उनके प्रोजेक्ट पर संस्तुति दिए जाने के बावजूद उन्हें लोन नहीं मिल पाया। जबकि सरकारी विभागों के मानकों की कई बाधाओं को पार करते हुए उनके लोन के आवेदन फार्म बैंकों में पहुंचे थे। इस साल ऋण के लिए 344 लोगों ने आवेदन किए, लेकिन रकम सिर्फ 101 को मिल पाई। बड़ी संख्या में आवेदन निरस्त कर दिए गए।
उद्योग विभाग की ओर से ओडीओपी (वन डिस्टि्रक्ट, वन प्रोडक्ट), मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत अपना रोजगार शुरू करने के लिए कई योजनाएं संचालित कर रखी हैं। इन योजनाओं के तहत आवेदकों के प्रोजेक्ट की डिटेल तैयार कराई जाती है, इसके बाद तमाम दस्तावेजी प्रक्रियाओं को पूरा कराकर मानकों पर परखा जाता है और फिर बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जाता है। गाजियाबाद में इस साल इन तीनों योजनाओं में 344 लोगों ने प्रोजेक्ट डिटेल तैयार कराकर जिला उद्योग केंद्र को सौंपी।
इन्हें पात्र मानकर अधिकारियाें ने इन्हें ऋण दिए जाने के लिए अलग-अलग बैंकों में भेज दिया। यहां जाकर न केवल आवेदन, बल्कि युवाओं को रोजगार पाने के सपने भी अटक गए। इन आवेदनों में से सिर्फ 101 आवेदकों को ऋण मिल पाया, जबकि 210 लोगों के आवेदन फार्म या तो अटक गए हैं या निरस्त कर दिए गए हैं। ऋण पाने वाले 101 लोगों में से भी 37 मामले ऐसे हैं जिन्हें बीते वित्तीय वर्ष में स्वीकृति मिल गई थी। यानी इस साल सिर्फ 64 लोगों को ऋण की स्वीकृति मिल पाई है।
विज्ञापन
-- -- --
योजनावार आवेदक और ऋण दिए जाने का ब्योरा
योजना कुल आवेदन ऋण स्वीकृत इन प्रोजेक्ट को मिला ऋण
ओडीओपी मार्जिन मनी स्कीम 49 41 33
पीएम एंप्लायमेंट जनरेशन प्रोग्राम 177 98 28
सीएम युवा स्वरोजगार योजना 118 71 40
-- -- -
बयान
स्वरोजगार के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं में प्रोजेक्ट तैयार कराकर बैंकों में भेजे गए हैं। लोन मिलने का अनुपात कम रहने पर बीते दिनों जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैंकर्स की बैठक हो चुकी है। उन्होंने बैंकों के अधिकारियों को पात्र आवेदकों को ऋण देने की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। - श्रीनाथ पासवास, उपायुक्त जिला उद्योग केंद्र
-- -- -
बैंकों की ओर से स्वरोजगार योजनाओं के प्रोजेक्ट को ऋण देने के प्रकरणों की समीक्षा की गई हैं। बैंकर्स को मंगलवार को बैठक के लिए बुलाया गया है। इस बैठक में समीक्षा होगी कि बैंकों की ओर से जो आवेदन निरस्त किए गए है, क्या वह रिजेक्ट होने लायक थे या नहीं। स्वीकृत हो चुके ऋण का वितरण जल्द से जल्द कराने पर भी मंथन होगा। - हिमांशु शेखर तिवारी, लीड बैंक मैनेजर
विज्ञापन
उद्योग विभाग की ओर से ओडीओपी (वन डिस्टि्रक्ट, वन प्रोडक्ट), मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत अपना रोजगार शुरू करने के लिए कई योजनाएं संचालित कर रखी हैं। इन योजनाओं के तहत आवेदकों के प्रोजेक्ट की डिटेल तैयार कराई जाती है, इसके बाद तमाम दस्तावेजी प्रक्रियाओं को पूरा कराकर मानकों पर परखा जाता है और फिर बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जाता है। गाजियाबाद में इस साल इन तीनों योजनाओं में 344 लोगों ने प्रोजेक्ट डिटेल तैयार कराकर जिला उद्योग केंद्र को सौंपी।
विज्ञापन
इन्हें पात्र मानकर अधिकारियाें ने इन्हें ऋण दिए जाने के लिए अलग-अलग बैंकों में भेज दिया। यहां जाकर न केवल आवेदन, बल्कि युवाओं को रोजगार पाने के सपने भी अटक गए। इन आवेदनों में से सिर्फ 101 आवेदकों को ऋण मिल पाया, जबकि 210 लोगों के आवेदन फार्म या तो अटक गए हैं या निरस्त कर दिए गए हैं। ऋण पाने वाले 101 लोगों में से भी 37 मामले ऐसे हैं जिन्हें बीते वित्तीय वर्ष में स्वीकृति मिल गई थी। यानी इस साल सिर्फ 64 लोगों को ऋण की स्वीकृति मिल पाई है।
विज्ञापन
योजनावार आवेदक और ऋण दिए जाने का ब्योरा
योजना कुल आवेदन ऋण स्वीकृत इन प्रोजेक्ट को मिला ऋण
ओडीओपी मार्जिन मनी स्कीम 49 41 33
पीएम एंप्लायमेंट जनरेशन प्रोग्राम 177 98 28
सीएम युवा स्वरोजगार योजना 118 71 40
बयान
स्वरोजगार के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं में प्रोजेक्ट तैयार कराकर बैंकों में भेजे गए हैं। लोन मिलने का अनुपात कम रहने पर बीते दिनों जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैंकर्स की बैठक हो चुकी है। उन्होंने बैंकों के अधिकारियों को पात्र आवेदकों को ऋण देने की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। - श्रीनाथ पासवास, उपायुक्त जिला उद्योग केंद्र
बैंकों की ओर से स्वरोजगार योजनाओं के प्रोजेक्ट को ऋण देने के प्रकरणों की समीक्षा की गई हैं। बैंकर्स को मंगलवार को बैठक के लिए बुलाया गया है। इस बैठक में समीक्षा होगी कि बैंकों की ओर से जो आवेदन निरस्त किए गए है, क्या वह रिजेक्ट होने लायक थे या नहीं। स्वीकृत हो चुके ऋण का वितरण जल्द से जल्द कराने पर भी मंथन होगा। - हिमांशु शेखर तिवारी, लीड बैंक मैनेजर