{"_id":"9413db5af2b29be2089cd147d98fad9b","slug":"namami-gange-mission-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नमामि गंगे मिशन: गंगा किनारे बनने लगे टायलेट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नमामि गंगे मिशन: गंगा किनारे बनने लगे टायलेट
अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Mon, 08 Feb 2016 11:25 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गंगा किनारे के 30 गांवों में जिला पंचायत राज विभाग ने टायलेट का निर्माण शुरू करवा दिया है। शौचालय का निर्माण गंगा में बढ़ते प्रदूषण को कम करने की मंशा से किया गया है। इनका 25 फीसदी काम पूरा हो चुका है।
पिछले दिनों केंद्र सरकार ने नमामि गंगे मिशन के तहत गंगा से सटे 30 गांवों में शौचालय बनाने के लिए 2.40 करोड़ रुपये जारी किए थे। पंचायत राज विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक 2600 शौचालयों का निर्माण पूर्ण हो चुका है।
इतने ही शौचालयों का निर्माण प्रगति पर है। मार्च माह तक करीब पांच हजार शौचालय बन जाएंगेै। बता दें कि गंगा के किनारे वाले गांवों में रहने वाले लोग गंगा के आसपास शौच के लिए जाते थे।
विज्ञापन
इससे गंगा दूषित हो रही थी। शौचालय बनने से लोग खुले में शौच नहीं करेंगे। इससे गंगा में बढ़ता प्रदूषण कम जाएगा।
इन गांवों हो रहा निर्माण
अनूपशहर के गांव अहार बांगर, अकबरपुर उर्फ बच्चीखेड़ा, आलमपुर उर्फ तौरई बांगर, फतहपुर, हसनपुर बांगर, मौहम्मदपुर बांगर, मुबारिकपुर बांगर, सेहरपुर बांगर, सिरोरा बांगर, ऊचागांव के औरंगाबाद ताहरपुर बांगर, बंसी बांगर, चासी,फरीदा बांगर, मवई, स्याना के रवीनी कटीरी बांगर, डिबाई के बादरपुर, भोपतपुर, बिलोना छाप बांगर, ढाक नगला, गोकुलपुर खादर, करनवास बांगर, मौहम्मदपुर, नौदई बांगर, निवाड़ी बांगर, निवाड़ी खादर, राजघाट बांगर, रामघाट बांगर, रेटुका नगला, तलवार उदयगढ़ी बांगर आदि में निर्माण हो रहा है।
मार्च तक करीब पांच हजार शौचालयों का निर्माण करना है। गंगा से सटे गांवों में 2600 शौचालय बना लिए गए हैं।
- राजेश कुमार, डीपीआरओ, बुलंदशहर
विज्ञापन
पिछले दिनों केंद्र सरकार ने नमामि गंगे मिशन के तहत गंगा से सटे 30 गांवों में शौचालय बनाने के लिए 2.40 करोड़ रुपये जारी किए थे। पंचायत राज विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक 2600 शौचालयों का निर्माण पूर्ण हो चुका है।
विज्ञापन
इतने ही शौचालयों का निर्माण प्रगति पर है। मार्च माह तक करीब पांच हजार शौचालय बन जाएंगेै। बता दें कि गंगा के किनारे वाले गांवों में रहने वाले लोग गंगा के आसपास शौच के लिए जाते थे।
विज्ञापन
इससे गंगा दूषित हो रही थी। शौचालय बनने से लोग खुले में शौच नहीं करेंगे। इससे गंगा में बढ़ता प्रदूषण कम जाएगा।
इन गांवों हो रहा निर्माण
अनूपशहर के गांव अहार बांगर, अकबरपुर उर्फ बच्चीखेड़ा, आलमपुर उर्फ तौरई बांगर, फतहपुर, हसनपुर बांगर, मौहम्मदपुर बांगर, मुबारिकपुर बांगर, सेहरपुर बांगर, सिरोरा बांगर, ऊचागांव के औरंगाबाद ताहरपुर बांगर, बंसी बांगर, चासी,फरीदा बांगर, मवई, स्याना के रवीनी कटीरी बांगर, डिबाई के बादरपुर, भोपतपुर, बिलोना छाप बांगर, ढाक नगला, गोकुलपुर खादर, करनवास बांगर, मौहम्मदपुर, नौदई बांगर, निवाड़ी बांगर, निवाड़ी खादर, राजघाट बांगर, रामघाट बांगर, रेटुका नगला, तलवार उदयगढ़ी बांगर आदि में निर्माण हो रहा है।
मार्च तक करीब पांच हजार शौचालयों का निर्माण करना है। गंगा से सटे गांवों में 2600 शौचालय बना लिए गए हैं।
- राजेश कुमार, डीपीआरओ, बुलंदशहर