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गाय का दूध करेगा कुपोषण दूर, मिलेगी निशुल्क गाय
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गाय का दूध करेगा कुपोषण दूर, निशुल्क मिलेगी गाय
बुलंदशहर। कुपोषण से जूझ रहे बच्चों और उनके परिजनाें के लिए एक अच्छी खबर है। अब कुपोषण को गाय का दूध दूर करेगा। इसके लिए उन्हें निशुल्क गाय मिलेगी। गाय के चारे के लिए सरकार 900 रुपये प्रतिमाह देगी। शासन का आदेश मिलने पर विभागीय अफसरों ने तैयारी शुरू कर दी है।
सरकार द्वारा जनपद को कुपोषण से मुक्त करने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। कुपोषण से पीड़ित बच्चाें को वजन करके चिन्हित किया जाता है। इसके बाद स्वास्थ्य जांच करवाई जाती है। बच्चे में कुपोषण की पुष्टि होने पर उसे विभाग की ओर से पौष्टिक खाना आदि दिया जाता है। जनपद में कुपोषित बच्चों की संख्या 16372 है। इनमें 4158 कुपोषण की लाल और 12214 बच्चे पीली श्रेणी में शामिल हैं। शासन ने अब गाय के दूध से बच्चों का कुपोषण दूर करने की योजना बनाई है। इस योजना के तहत लाल और पीली श्रेणी के बच्चाें को निशुल्क गाय देने के साथ उसके चारे आदि के लिए 900 रुपये प्रतिमाह देने का निर्णय लिया गया है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि गाय का दूध पौष्टिक होने के साथ-साथ कुपोषण दूर करने में सहायक है।
निराश्रित गोवंश आश्रय स्थल में संरक्षित गाय मिलेगी
कुपोषण से पीड़ित बच्चों को निराश्रित गोवंश आश्रय स्थल में संरक्षित गाय मिलेगी। गाय कुपोषण की लाल और पीली श्रेणी में शामिल बच्चों को ही मिलेगी। इसके लिए बच्चे के परिवार की सहमति भी जरूरी होगी। बिना परिवार की सहमति के गाय नहीं दी जाएगी। इसके लिए विभाग की ओर से सभी बच्चों के परिवारों से संपर्क किया जाएगा।
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आवारा गोवंश से मिल सकती है निजात
इस समय जनपद में संचालित 154 निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों में दस हजार से अधिक गोवंश संरक्षित हैं। वहीं शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में भी आवारा गोवंश घूमते देखे जा सकते हैं। यह फसलों को नुकसान कर रहे हैं और किसान खासे परेशान हैं। दूसरी ओर आश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंश की स्थिति भी अच्छी नहीं है। यदि गाय कुपोषित बच्चों के परिवार पालेंगे तो उनकी स्थिति भी अच्छी होगी।
कुपोषण से ग्रसित बच्चों की तलाश शुरू
बुलंदशहर। बाल एवं पुष्टाहार विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी हरिओम वाजपेयी ने बताया कि जनपद में कुपोषण से ग्रस्त बच्चों की तलाश शुरू हो गई है। इसके लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर अभियान चलाकर बच्चों का वजन किया जा रहा है। वजन से बच्चों में कुपोषण का पता किया जाता है। सोमवार को अभियान के तहत बच्चों का वजन किया गया। इस दौरान 14 बच्चे कुपोषण से ग्रस्त पाए गए।
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बुलंदशहर। कुपोषण से जूझ रहे बच्चों और उनके परिजनाें के लिए एक अच्छी खबर है। अब कुपोषण को गाय का दूध दूर करेगा। इसके लिए उन्हें निशुल्क गाय मिलेगी। गाय के चारे के लिए सरकार 900 रुपये प्रतिमाह देगी। शासन का आदेश मिलने पर विभागीय अफसरों ने तैयारी शुरू कर दी है।
सरकार द्वारा जनपद को कुपोषण से मुक्त करने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। कुपोषण से पीड़ित बच्चाें को वजन करके चिन्हित किया जाता है। इसके बाद स्वास्थ्य जांच करवाई जाती है। बच्चे में कुपोषण की पुष्टि होने पर उसे विभाग की ओर से पौष्टिक खाना आदि दिया जाता है। जनपद में कुपोषित बच्चों की संख्या 16372 है। इनमें 4158 कुपोषण की लाल और 12214 बच्चे पीली श्रेणी में शामिल हैं। शासन ने अब गाय के दूध से बच्चों का कुपोषण दूर करने की योजना बनाई है। इस योजना के तहत लाल और पीली श्रेणी के बच्चाें को निशुल्क गाय देने के साथ उसके चारे आदि के लिए 900 रुपये प्रतिमाह देने का निर्णय लिया गया है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि गाय का दूध पौष्टिक होने के साथ-साथ कुपोषण दूर करने में सहायक है।
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निराश्रित गोवंश आश्रय स्थल में संरक्षित गाय मिलेगी
कुपोषण से पीड़ित बच्चों को निराश्रित गोवंश आश्रय स्थल में संरक्षित गाय मिलेगी। गाय कुपोषण की लाल और पीली श्रेणी में शामिल बच्चों को ही मिलेगी। इसके लिए बच्चे के परिवार की सहमति भी जरूरी होगी। बिना परिवार की सहमति के गाय नहीं दी जाएगी। इसके लिए विभाग की ओर से सभी बच्चों के परिवारों से संपर्क किया जाएगा।
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आवारा गोवंश से मिल सकती है निजात
इस समय जनपद में संचालित 154 निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों में दस हजार से अधिक गोवंश संरक्षित हैं। वहीं शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में भी आवारा गोवंश घूमते देखे जा सकते हैं। यह फसलों को नुकसान कर रहे हैं और किसान खासे परेशान हैं। दूसरी ओर आश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंश की स्थिति भी अच्छी नहीं है। यदि गाय कुपोषित बच्चों के परिवार पालेंगे तो उनकी स्थिति भी अच्छी होगी।
कुपोषण से ग्रसित बच्चों की तलाश शुरू
बुलंदशहर। बाल एवं पुष्टाहार विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी हरिओम वाजपेयी ने बताया कि जनपद में कुपोषण से ग्रस्त बच्चों की तलाश शुरू हो गई है। इसके लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर अभियान चलाकर बच्चों का वजन किया जा रहा है। वजन से बच्चों में कुपोषण का पता किया जाता है। सोमवार को अभियान के तहत बच्चों का वजन किया गया। इस दौरान 14 बच्चे कुपोषण से ग्रस्त पाए गए।