{"_id":"675b1cf7e5e6fda480073c99","slug":"material-made-of-polythene-will-be-used-in-the-roads-of-district-panchayat-bulandshahr-news-c-133-1-bul1002-126380-2024-12-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bulandshahar News: जिला पंचायत की सड़कों में पाॅलिथीन से बनी सामग्री का होगा प्रयोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bulandshahar News: जिला पंचायत की सड़कों में पाॅलिथीन से बनी सामग्री का होगा प्रयोग
विज्ञापन
बुलंदशहर। जिला पंचायत की सड़कों में अब पाॅलिथीन से बनी सामग्री का प्रयोग होगा। इसके लिए शहजादपुर कनैनी, राजघाट और कुचेसर में करीब 50 लाख रुपये की लागत से ठोस एवं तरह अपशिष्ट केंद्र बनाए गए हैं। क्षेत्र के गांवों की पाॅलिथीन और प्लास्टिक का निस्तारण किया जाएगा। इससे होने वाली आय को गांव के विकास कार्यों पर खर्च किया जाएगा।
पंचायती राज अधिकारी डॉ. प्रीतम सिंह ने बताया कि सिंगल यूज प्लास्टिक को लेकर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, विशेषकर प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन पर गंभीरता से काम किया जा रहा है। खुर्जा क्षेत्र के गांव शहजादपुर कनैनी में इसके लिए बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है। यहां पर कई तरह की ऐसी सुविधाएं प्रदान की गई हैं, जिससे गांव स्वच्छ रहे और पॉलीथिन मुक्त किया जा सके। इसी क्रम में प्रदेश सरकार की ओर से पिछले दिनों शहजादपुर कनैनी, राजघाट और कुचेसर में ठोस एवं तरल अपशिष्ट केंद्र बनाने की स्वीकृति मिली थी।
इन तीनों जगह केंद्र बनकर तैयार हो गए हैं और जल्द ही इनका संचालन किया जाएगा। यहां पर क्षेत्र के गांवों से एकत्रित की जाने वाली पॉलीथिन और प्लास्टिक का निस्तारण किया जाएगा। इससे तैयार होने वाली सामग्री का प्रयोग जिला पंचायत की ओर से जिले में बनाई जाने वाली सड़कों में प्रयोग किया जाएगा। ऐसा होने पर जहां पॉलीथिन और प्लास्टिक से निजात मिलेगी तो इससे तैयार होने वाली सड़क मजबूत होगी और लंबे समय तक चलेगी। डॉ. प्रीतम सिंह ने यह भी बताया कि इस तरह के ठोस एवं तरल अपशिष्ट केंद्र जिले में और भी बनाए जाएंगे। इसके लिए जल्द ही शासन से मांग की जाएगी, ताकि जिले को पूरी तरह से पॉलीथिन और प्लास्टिक मुक्त बनाया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
पंचायती राज अधिकारी डॉ. प्रीतम सिंह ने बताया कि सिंगल यूज प्लास्टिक को लेकर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, विशेषकर प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन पर गंभीरता से काम किया जा रहा है। खुर्जा क्षेत्र के गांव शहजादपुर कनैनी में इसके लिए बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है। यहां पर कई तरह की ऐसी सुविधाएं प्रदान की गई हैं, जिससे गांव स्वच्छ रहे और पॉलीथिन मुक्त किया जा सके। इसी क्रम में प्रदेश सरकार की ओर से पिछले दिनों शहजादपुर कनैनी, राजघाट और कुचेसर में ठोस एवं तरल अपशिष्ट केंद्र बनाने की स्वीकृति मिली थी।
विज्ञापन
इन तीनों जगह केंद्र बनकर तैयार हो गए हैं और जल्द ही इनका संचालन किया जाएगा। यहां पर क्षेत्र के गांवों से एकत्रित की जाने वाली पॉलीथिन और प्लास्टिक का निस्तारण किया जाएगा। इससे तैयार होने वाली सामग्री का प्रयोग जिला पंचायत की ओर से जिले में बनाई जाने वाली सड़कों में प्रयोग किया जाएगा। ऐसा होने पर जहां पॉलीथिन और प्लास्टिक से निजात मिलेगी तो इससे तैयार होने वाली सड़क मजबूत होगी और लंबे समय तक चलेगी। डॉ. प्रीतम सिंह ने यह भी बताया कि इस तरह के ठोस एवं तरल अपशिष्ट केंद्र जिले में और भी बनाए जाएंगे। इसके लिए जल्द ही शासन से मांग की जाएगी, ताकि जिले को पूरी तरह से पॉलीथिन और प्लास्टिक मुक्त बनाया जा सके।
विज्ञापन