फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   kali rever

काली नदी का जलस्तर बढ़ने से 100 गांव की फसल जलमग्न

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 16 Jul 2022 10:21 PM IST
विज्ञापन
काली नदी का जलस्तर बढ़ने से 100 गांव की फसल जलमग्न
विज्ञापन

बुलंदशहर। काली नदी की समय पर सफाई न होने का खामियाजा एक बार फिर से किसानों को भुगतना पड़ रहा है। विभिन्न क्षेत्रों में हुई बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ने से 100 से अधिक गांवों में किसानों की सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई। फसल बर्बाद होती देख अब किसान अधिकारियों पर आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि अधिकारियों ने सुनवाई की होती तो नुकसान से बचा जा सकता था। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी से लेकर अन्य अधिकारियों ने निरीक्षण कर समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया था, लेकिन स्थिति जस के तस है।
समस्या के समाधान के लिए बारिश के सीजन से पहले ही किसानों और किसान संगठनों ने प्रदर्शन करते हुए समस्या के समाधान की मांग की थी। अधिकारियों की लापरवाही के कारण अब हल्की बारिश के बाद काली नदी के जलस्तर में हुई बढ़ोत्तरी से 100 से अधिक गांवों के किसानों की सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न हो गई। काली नदी के किनारे बसे गांव रमपुरा, ऐमनपुर, क्रियावली, कुराला, मामन, अच्छेजा घाट, जालपी समेत अन्य गांव के किसान अब परेशान हैं और बर्बाद फसल के मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
विज्ञापन

कूड़ा-कचरे से अटी है काली
काली नदी के हालात यह हैं कि शहर से निकलने वाला कूड़ा और कचरा नदी में भरा पड़ा है। पिछले कई वर्षों से नदी की सफाई के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। इसके अलावा भूमाफियाओं द्वारा काली नदी की जमीन पर अवैध कब्जा किए जाने से नदी सिकुड़ रही है, जिसके चलते पानी की निकासी के लिए जगह कम पड़ रही है। कुछ गांवों में किसानों ने भी नदी की जमीन को खेतों में मिला लिया है, जिसके चलते वहां भी समस्या बनी हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

डीएम-एडीएम ने किया था निरीक्षण
डीएम सीपी सिंह, एडीएम वित्त विवेक मिश्र के साथ मिलकर काली नदी के जलस्तर बढ़ने से प्रभावित क्षेत्रों का पिछले माह निरीक्षण किया था। गांव एमनपुर में निरीक्षण करते हुए डीएम ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि नदी में जमा सिल्ट की सफाई कराई जाए, लेकिन सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने इन आदेशों को टाल दिया, जिसका नुकसान अब किसानों को झेलना पड़ रहा है।
बोले किसान -
अब मिलना चाहिए मुआवजा
काली नदी के पानी से फसल पूरी तरह से बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई है। बार-बार अधिकारियों से नदी की सफाई की गुहार लगाई, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। अब किसानों को बर्बाद फसल का मुआवजा मिलना चाहिए।
- मिथुन सिंह, निवासी रमपुरा
किसानों को हो रहा भारी नुकसान
काली नदी के जलस्तर बढ़ने से खेतों में खड़ा पशुओं का चारा बर्बाद हो रहा है। ऐसे में पशुओं के चारे की व्यवस्था अन्य किसानों से खरीदकर करनी पड़ रही है। जिससे किसानों को दोगुना तक नुकसान हो रहा है। समस्या का समाधान शीघ्र होना चाहिए।
- नितिन, निवासी बनवारीपुर
कई साल से बर्बाद हो रही फसल
बारिश के सीजन में हर बार किसानों की फसल बर्बाद होती है, लेकिन कोई अधिकारी समस्या का समाधान नहीं करता है। कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब थककर किसान बैठ चुके हैं। किसानों को हर बार बारिश के सीजन में नुकसान सहने की आदत हो गई है।
- संदीप जादौन, निवासी बनवारीपुर
समस्या के प्रति अधिकारी गंभीर नहीं
किसानों के लिए काली नदी एक समस्या बनी हुई है। जिम्मेदार अधिकारी एक-दूसरे पर टालते रहते हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जाती। दस बीघा जमीन में खड़ी फसल पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है। अब कई माह तक खेतों में पानी यूं ही खड़ा रहेगा।

- बंटी सिंह, निवासी रमपुरा
जल्द समस्या का होगा समाधान
किसानों की समस्या को लेकर निरीक्षण पहले ही कर लिया गया है। इसके लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों को योजना बनाकर नदी की सफाई कराने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द से जल्द किसानों की समस्या का समाधान कराया जाएगा। साथ ही काली नदी पर हो रहे अतिक्रमण को भी हटवाया जाएगा।
- चंद्रप्रकाश सिंह, डीएम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed