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हारून अली हत्याकांड के दोषी को आजीवन कारावास
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हारून अली हत्याकांड के दोषी को आजीवन कारावास
बुलंदशहर। मिस्त्री हारून अली की हत्या में अदालत ने उसके साढ़ू फरियाद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राहुल उपाध्याय ने बताया कि ककोड़ थाना क्षेत्र के गांव नगला गोविंदपुर निवासी अफसर खान ने 29 सितंबर 2012 को थाने पर तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि उसका पुत्र हारून अली नोएडा में बिजली मिस्त्री का काम करता था। करीब 10 दिनों से वह गांव आया हुआ था। गांव में ही उसका साढ़ू फरियाद भी एक अन्य मकान में रहता है। 27 सितंबर 2012 की शाम को 8 बजे से रात करीब 11 बजे तक हारून को लोगों ने उसके साढ़ू फरियाद और यासीन के साथ देखा था। वह जब घर नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। फरियाद से भी पूछताछ की। लेकिन वह आनाकानी करता रहा। 29 सितंबर की दोपहर हारून का शव गांव के निकट एक नाले में पड़ा मिला। पुलिस ने मामले में जांच पड़ताल के बाद आरोपी फरियाद के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में पेश कर दी थी। जिस पर विचारण के बाद जिला सत्र न्यायाधीश यशवंत कुमार मिश्र की अदालत ने मंगलवार को फरियाद को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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बुलंदशहर। मिस्त्री हारून अली की हत्या में अदालत ने उसके साढ़ू फरियाद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर 15 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राहुल उपाध्याय ने बताया कि ककोड़ थाना क्षेत्र के गांव नगला गोविंदपुर निवासी अफसर खान ने 29 सितंबर 2012 को थाने पर तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि उसका पुत्र हारून अली नोएडा में बिजली मिस्त्री का काम करता था। करीब 10 दिनों से वह गांव आया हुआ था। गांव में ही उसका साढ़ू फरियाद भी एक अन्य मकान में रहता है। 27 सितंबर 2012 की शाम को 8 बजे से रात करीब 11 बजे तक हारून को लोगों ने उसके साढ़ू फरियाद और यासीन के साथ देखा था। वह जब घर नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। फरियाद से भी पूछताछ की। लेकिन वह आनाकानी करता रहा। 29 सितंबर की दोपहर हारून का शव गांव के निकट एक नाले में पड़ा मिला। पुलिस ने मामले में जांच पड़ताल के बाद आरोपी फरियाद के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में पेश कर दी थी। जिस पर विचारण के बाद जिला सत्र न्यायाधीश यशवंत कुमार मिश्र की अदालत ने मंगलवार को फरियाद को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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