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धरने पर बैठे पांच किसानों की हालत बिगड़ी
अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Tue, 19 Jan 2016 10:25 PM IST
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कड़ाके की ठंड में 11 दिन से कलक्ट्रेट में धरना दे रहे किसानों की हालत अब बिगड़ने लगी है। मंगलवार को पांच किसानों की तबियत खराब हो गई। इनमें से तीन को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
यहां से एक किसानों को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी से किसानों में जबर्दस्त आक्रोश है। भड़के किसानों ने डीएम ऑफिस के सामने जमकर प्रदर्शन किया।
गन्ना समर्थन मूल्य में बढ़ोत्तरी की मांग, बकाया भुगतान और बिजली दरों में बढ़ोत्तरी के विरोध में किसान कलक्ट्रेट में 11 दिन से बेमियादी धरना दे रहे हैं। किसान खुले आसमान में पराल की झोपड़ी डालकर उसमें सर्द रात काटने को मजबूर हैं।
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सर्दी के कारण मंगलवार को पांच किसानों की अचानक तबीयत खराब हो गई। सूचना पर पहुंची डॉक्टरों की टीम एंबुलेंस से किसानों को जिला अस्पताल ले गई। यहां से प्राथमिक उपचार के बाद एक किसान को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
डीएम या कोई भी जनप्रतिनिधि अस्पताल में किसानों का हाल जानने नहीं पहुंचा। इससे किसानों में जबर्दस्त आक्रोश है। भड़के किसानों ने डीएम ऑफिस के सामने जमकर प्रदर्शन किया।
आरोप है कि प्रशासन के अधिकारी किसानों की समस्याओं को शासन तक नहीं पहुंचा रहे हैं। इसीलिए अब तक उनकी समस्या का निदान नहीं हो पाया है।
11वें दिन धरना देने वालों में मांगेराम त्यागी, यशवीर सिंह, गतवीर सिंह, किशन, मोहित, पुष्पेंद्र, सुखदेव, वीरेंद्र, जय प्रकाश, नवीन कुमार, जय प्रकाश और मोहित लाल आदि रहे।
इन किसानों की हालत बिगड़ी
किसान यशपाल भाटी, वीरपाल तेवतिया, यशवीर सिंह, बदरे आलम और यशपाल भाटी। यशपाल भाटी का बीपी सामान्य से अधिक था। इसलिए उनको प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। वीरपाल और सुरेश जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में उपचार चल रहा है।
जब तक किसानों को उनका बकाया भुगतान नहीं मिल जाता तब तक किसान धरने पर डटे रहेंगे। चाहे उनकी जान ही क्यों न चली जाए। प्रशासन के अधिकारी पूरी तरह मनमानी पर उतर आए हैं।
- मांगेराम त्यागी, प्रदेश सचिव भाकियू
किसानों को रक्तचाप की समस्या है। एक किसान को रेफर किया गया है। फिलहाल किसानों की हालत स्थित है। - डॉ. डीके सिंहल, सीएमएस, जिला अस्पताल
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यहां से एक किसानों को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी से किसानों में जबर्दस्त आक्रोश है। भड़के किसानों ने डीएम ऑफिस के सामने जमकर प्रदर्शन किया।
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गन्ना समर्थन मूल्य में बढ़ोत्तरी की मांग, बकाया भुगतान और बिजली दरों में बढ़ोत्तरी के विरोध में किसान कलक्ट्रेट में 11 दिन से बेमियादी धरना दे रहे हैं। किसान खुले आसमान में पराल की झोपड़ी डालकर उसमें सर्द रात काटने को मजबूर हैं।
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सर्दी के कारण मंगलवार को पांच किसानों की अचानक तबीयत खराब हो गई। सूचना पर पहुंची डॉक्टरों की टीम एंबुलेंस से किसानों को जिला अस्पताल ले गई। यहां से प्राथमिक उपचार के बाद एक किसान को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
डीएम या कोई भी जनप्रतिनिधि अस्पताल में किसानों का हाल जानने नहीं पहुंचा। इससे किसानों में जबर्दस्त आक्रोश है। भड़के किसानों ने डीएम ऑफिस के सामने जमकर प्रदर्शन किया।
आरोप है कि प्रशासन के अधिकारी किसानों की समस्याओं को शासन तक नहीं पहुंचा रहे हैं। इसीलिए अब तक उनकी समस्या का निदान नहीं हो पाया है।
11वें दिन धरना देने वालों में मांगेराम त्यागी, यशवीर सिंह, गतवीर सिंह, किशन, मोहित, पुष्पेंद्र, सुखदेव, वीरेंद्र, जय प्रकाश, नवीन कुमार, जय प्रकाश और मोहित लाल आदि रहे।
इन किसानों की हालत बिगड़ी
किसान यशपाल भाटी, वीरपाल तेवतिया, यशवीर सिंह, बदरे आलम और यशपाल भाटी। यशपाल भाटी का बीपी सामान्य से अधिक था। इसलिए उनको प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। वीरपाल और सुरेश जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में उपचार चल रहा है।
जब तक किसानों को उनका बकाया भुगतान नहीं मिल जाता तब तक किसान धरने पर डटे रहेंगे। चाहे उनकी जान ही क्यों न चली जाए। प्रशासन के अधिकारी पूरी तरह मनमानी पर उतर आए हैं।
- मांगेराम त्यागी, प्रदेश सचिव भाकियू
किसानों को रक्तचाप की समस्या है। एक किसान को रेफर किया गया है। फिलहाल किसानों की हालत स्थित है। - डॉ. डीके सिंहल, सीएमएस, जिला अस्पताल