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नवरात्र-दीपावली पर टिकी सराफा कारोबारियों की आस
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सिकंदराबाद में सर्राफा की दुकान पर खरीदारी करती महिलाएं।
- फोटो : SIKANDRABAD
नवरात्र-दीपावली पर टिकी सराफा कारोबारियों की आस
बुलंदशहर/सिकंदराबाद। लॉकडाउन के दौरान मंदी की चपेट में आए सराफा कारोबारी को दीपावली के सीजन को लेकर कारोबार के फिर से पटरी पर लौटने की आस जगने लगी है। इसके लिए सराफ कारोबारियों ने तैयारियां भी शुरू कर दी है। वहीं नवंबर में शुरू होने वाले शादी के सीजन से भी सराफा कारोबारियों को ज्वेलरी की बिक्री बढ़ने की आस जगी है।
कोरोना महामारी के चलते तीन माह से भी अधिक समय तक चले लॉकडाउन के कारण जहां पूरी अर्थव्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। वहीं उद्योगों से लेकर आम कारोबारी का व्यापार प्रभावित हुआ है। सराफ कारोबार कोरोना कॉल में अन्य व्यापार के मुकाबले अधिक प्रभावित हुआ है।
लॉकडाउन के दौरान सराफ कारोबार पूरी तरह से चौपट हो गया। अनलॉक के दौरान भी सराफ कारोबार में अपेक्षाकृत सेल नहीं हुई। आने वाले दीपावली के पर्व, शादी के सीजन से उन्हें काफी उम्मीदें है। दीपावली के पर्व को लेकर उन्होंने तैयारियां शुरू कर दी है।- गौरव गौड़
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दीपावली के पर्व पर लोग आभूषण खरीदते हैं। वही शादियों में आभूषणों के खरीदने की परंपरा है। इसलिए उन्हें दीपावली पर्व और शादियों के सीजन को लेकर काफी उम्मीदें हैं। जिसके लिए उन्होंने तैयारी भी शुरू कर दी है। - हितेश मित्तल
कोरोना के अलावा सोने और चांदी के महंगे दाम भी मंदी की एक वजह है। सरकार को सोने चांदी पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी को 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत, और जीएसटी को तीन से घटाकर एक प्रतिशत कर देना चाहिए। जिससे सोने, चांदी के दामों में कमी आने से सेल बढ़े। - सुशील बंसल
सराफा कारोबार पूरी तरह से मंदी की चपेट में है। आने वाले दीपावली पर्व को लेकर कारोबारियों में कुछ उम्मीद जगी है। नवंबर और दिसंबर में केवल सात आठ लगन है। इसलिए शादियों के से ज्यादा उम्मीद नहीं की जा सकती। - सचिन कुमार वर्मा
लॉकडाउन के बाद से ही सराफ कारोबारी मंदी की मार झेल रहे हैं। आने वाले दीपावली और त्योहारी सीजन से उनमें उम्मीद जगी है। दीपावली पर कारोबार बढ़ने की पूरी उम्मीद है। जिससे सराफ कारोबार मंदी के दौर से बाहर निकलेगा। - बिजेंद्र कुमार वर्मा
त्योहारों पर यहां लोग खरीदारी करते हैं। दीपावली के पर्व पर मुख्य रूप से आभूषणों की खरीदारी की जाती है। इसलिए दीपावली के पर्व को लेकर उन्हें मंदी के भंवर में फंसे सराफ कारोबार के बाहर निकलने की पूरी उम्मीद है। - नरेश कुमार
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बुलंदशहर/सिकंदराबाद। लॉकडाउन के दौरान मंदी की चपेट में आए सराफा कारोबारी को दीपावली के सीजन को लेकर कारोबार के फिर से पटरी पर लौटने की आस जगने लगी है। इसके लिए सराफ कारोबारियों ने तैयारियां भी शुरू कर दी है। वहीं नवंबर में शुरू होने वाले शादी के सीजन से भी सराफा कारोबारियों को ज्वेलरी की बिक्री बढ़ने की आस जगी है।
कोरोना महामारी के चलते तीन माह से भी अधिक समय तक चले लॉकडाउन के कारण जहां पूरी अर्थव्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। वहीं उद्योगों से लेकर आम कारोबारी का व्यापार प्रभावित हुआ है। सराफ कारोबार कोरोना कॉल में अन्य व्यापार के मुकाबले अधिक प्रभावित हुआ है।
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लॉकडाउन के दौरान सराफ कारोबार पूरी तरह से चौपट हो गया। अनलॉक के दौरान भी सराफ कारोबार में अपेक्षाकृत सेल नहीं हुई। आने वाले दीपावली के पर्व, शादी के सीजन से उन्हें काफी उम्मीदें है। दीपावली के पर्व को लेकर उन्होंने तैयारियां शुरू कर दी है।- गौरव गौड़
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दीपावली के पर्व पर लोग आभूषण खरीदते हैं। वही शादियों में आभूषणों के खरीदने की परंपरा है। इसलिए उन्हें दीपावली पर्व और शादियों के सीजन को लेकर काफी उम्मीदें हैं। जिसके लिए उन्होंने तैयारी भी शुरू कर दी है। - हितेश मित्तल
कोरोना के अलावा सोने और चांदी के महंगे दाम भी मंदी की एक वजह है। सरकार को सोने चांदी पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी को 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत, और जीएसटी को तीन से घटाकर एक प्रतिशत कर देना चाहिए। जिससे सोने, चांदी के दामों में कमी आने से सेल बढ़े। - सुशील बंसल
सराफा कारोबार पूरी तरह से मंदी की चपेट में है। आने वाले दीपावली पर्व को लेकर कारोबारियों में कुछ उम्मीद जगी है। नवंबर और दिसंबर में केवल सात आठ लगन है। इसलिए शादियों के से ज्यादा उम्मीद नहीं की जा सकती। - सचिन कुमार वर्मा
लॉकडाउन के बाद से ही सराफ कारोबारी मंदी की मार झेल रहे हैं। आने वाले दीपावली और त्योहारी सीजन से उनमें उम्मीद जगी है। दीपावली पर कारोबार बढ़ने की पूरी उम्मीद है। जिससे सराफ कारोबार मंदी के दौर से बाहर निकलेगा। - बिजेंद्र कुमार वर्मा
त्योहारों पर यहां लोग खरीदारी करते हैं। दीपावली के पर्व पर मुख्य रूप से आभूषणों की खरीदारी की जाती है। इसलिए दीपावली के पर्व को लेकर उन्हें मंदी के भंवर में फंसे सराफ कारोबार के बाहर निकलने की पूरी उम्मीद है। - नरेश कुमार