फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   Esophagoscopy facility to be available soon at the district hospital.

Bulandshahar News: जिला चिकित्सालय में जल्द मिलेगी एसोफैगोस्कोपी की सुविधा

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 18 Jul 2026 12:24 AM IST
विज्ञापन
Esophagoscopy facility to be available soon at the district hospital.
जिला चिकित्सालय का भवन। संवाद
बुलंदशहर। कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला चिकित्सालय में जल्द ही आधुनिक एसोफैगोस्कोपी मशीन आने वाली है। इस अत्याधुनिक दूरबीन तकनीक की मदद से चिकित्सालय में चिकित्सक शरीर के ऊपरी पाचन तंत्र की बारीकी से जांच कर तुरंत उपचार शुरू कर सकेंगे। इससे गले में सिक्का अटकने व अन्य गंभीर बीमारियों के मरीजों को समय पर इलाज की सुविधा मिल सकेगी।
विज्ञापन


जिला चिकित्सालय की ओपीडी व इमरजेंसी में अक्सर गले में सिक्का अटकने वाले बच्चों को लेकर परिजन आते रहते हैं लेकिन चिकित्सालय में अभी तक आधुनिक एसोफैगोस्कोपी मशीन न होने पर मरीजों को इलाज व जांच के लिए हायर मेडिकल सेंटर रेफर कर दिया जाता है। ऐसे में मरीज व उनके तीमारदारों को महंगे निजी अस्पताल या अन्य जनपद की दौड़ लगानी पड़ रही है। इससे मरीज व तीमारदारों का समय और पैसा दोनों बर्बाद होते हैं। कई बार मरीज जिला मुख्यालय पर आधुनिक एसोफैगोस्कोपी मशीन लगवाने की मांग कर चुके हैं लेकिन अभी तक आधुनिक एसोफैगोस्कोपी मशीन न लगने से मरीजों को सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा था। इस सुविधा के शुरू होने से आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्गीय परिवारों को भोजन नली और पेट से जुड़ी गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए अब बड़े या निजी अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
विज्ञापन

गले में फंसी वस्तु को निकाला जा सकेगा बाहर
नगर समेत जिलेभर में अक्सर बच्चे खेल-खेल में सिक्का निगल जाते हैं। एसोफैगोस्कोपी आने से सिक्के को सुरक्षित बाहर निकाला जा सकेगा। साथ ही खाना निगलने में कठिनाई, सीने में दर्द या लगातार एसिड रिफ्लक्स (तेजाब बनना) के कारणों की भी जांच की जा सकेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


10 दिन पूर्व खेलते समय बच्चा निगल गया था सिक्का

खुर्जा के किश्वागढ़ी निवासी रोहित का आठ वर्षीय पुत्र रिशु दो जुलाई को पांच रुपये का सिक्का लेकर घर आ रहा था। घर आने से पूर्व रिशु ने सिक्के को मुंह में ले रखा था। जो अचानक से उसके मुंह के अंदर चला गया। गले में दर्द होने और बार-बार खांसी आने पर रोता हुआ घर आया। घर आने पर उसने सिक्का मुंह के अंदर चले जाने की जानकारी दी। जिसे लेकर खुर्जा जटिया चिकित्सालय पहुंचे। यहां से बेटे को बुलंदशहर कल्याण सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज के नए चिकित्सालय की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे तो चिकित्सकों ने एक्सरे रिपोर्ट देखकर खाने की नली के पास पांच रुपये का सिक्का अटकना बताया। इमरजेंसी से बेटे को हायर मेडिकल सेंटर के लिए रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उसे नोएडा के कांशीराम चिकित्सालय में ले गए। जहां इलाज के बाद सिक्का निकाला गया। इस समाचार को अपर निदेशक ने संज्ञान में लेकर सुविधा के बारे में जानकारी ली।

प्रभारी सीएमएस जिला चिकित्सालय डॉ. प्रदीप राणा का कहना है कि ईएनटी विभाग में अभी तक एसोफैगोस्कोपी मशीन की सुविधा नहीं है। इसकी वजह से मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। जल्द ही मेडिकल कॉलेज प्रशासन से एसोफैगोस्कोपी मशीन की मांग की गई है। मशीन आने पर गले में सिक्का अटकने व अन्य मामलों में तुरंत इलाज की सुविधा मिल सकेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed