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Bulandshahar News: चार साल बाद जनपद में मुठभेड़ में मारे गए बदमाश
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चार साल बाद जनपद में मुठभेड़ में मारे गए बदमाश
बुलंदशहर। करीब चार साल बाद मुठभेड़ में जिले में दो बदमाश मारे गए हैं। वर्ष 2018 में जनपद पुलिस ने तीन बदमाशों को मार गिराया था। हालांकि पुलिस लगातार मुठभेड़ में बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेज रही है।
सबसे पहले वर्ष 2016 में तत्कालीन एसएसपी वैभव कृष्ण के कार्यकाल में सिकंदराबाद पुलिस ने गांव प्राणगढ़ के जंगल में इनामी बदमाश दुर्गेश जौली को मार गिराया था। आरोपी ने मुठभेड़ से दो दिन पहले ही सिकंदराबाद कोतवाली क्षेत्र में एक दुकान पर बैठे व्यापारी पर रंगदारी न देने के चलते फायरिंग की थी। व्यापारी बाल-बाल बचा था। इसके बाद वर्ष 2018 में गांव प्राणगढ़ निवासी नगर पंचायत ठेकेदार जगवीर सिंह की हत्या कर दी गई थी। यह हत्या जगवीर की पत्नी के प्रेमी ने की थी। आरोपी प्रेमी अमित को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद मार गिराया था। वर्ष 2018 में ही जून में पुलिस ने अलग-अलग समय पर दो डकैतों को मार गिराया था। पहले डकैत सोनू को पुलिस ने सिकंदराबाद में और दूसरे डकैत सत्ता को नगर कोतवाली क्षेत्र में ही मुठभेड़ के बाद ढेर कर दिया था। इससे पहले वर्ष 2009 में भी पुलिस की गोली से एक बदमाश की मौत हुई थी। 28 मई 2008 को भी सिकंदराबाद क्षेत्र में ही पुलिस ने कुख्यात बदमाश जतन सिरोही को मार गिराया था।
2019 में आशीष पर दर्ज हुआ पहला मुकदमा,
आशीष के खिलाफ पहला मुकदमा वर्ष 2019 में सूरजपुर थाने में दर्ज हुआ था। उसने गौतमबुद्धनगर के सूरजपुर थाना क्षेत्र में एक लूट की वारदात को अंजाम दिया था। इसके बाद वर्ष 2020 में उस पर गौतमबुद्धनगर के ही थाना बीटा टू में एक, थाना रबुपुरा में तीन, थाना कासना में चार, खुर्जा देहात थाने में दो, बुलंदशहर नगर कोतवाली में एक और अलीगढ़ के चंडौस थाने में भी एक मुकदमा पंजीकृत हुआ था। पुलिस अन्य थानों में भी उसका रिकॉर्ड खंगाल रही है।
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नाबालिग अवस्था में दर्ज हुआ था अब्दुल पर पहला मुकदमा
अब्दुल पर पहला मुकदमा वर्ष 2011 में पहासू थाना क्षेत्र में जानलेवा हमले का दर्ज हुआ था। तब वह नाबालिग था। इसके बाद उस पर दूसरा मुकदमा वर्ष 2021 में दस साल बाद पहासू थाने में ही धोखाधाड़ी समेत विभिन्न धाराओं में दर्ज हुआ। वर्ष 2021 में पहासू पुलिस ने उस पर शस्त्र अधिनियम के तहत एक अन्य मामला दर्ज किया थी। वर्ष 2022 में अलीगढ़ के जवां थाने में लूट और नगर कोतवाली में सराफ से लूट और गोली मारने का मामला दर्ज हुआ था।
साढ़े तीन किलो चांदी लूटकर दो सराफ व्यापारियों को बेचा था
दोनों बदमाशों ने धमैड़ा अड्डा स्थित उटरावली निवासी सराफा व्यापारी राहुल को गोली मारकर दुकान से लगभग साढ़े तीन किलो चांदी लूटी थी। गोली लगने से घायल हुए व्यापारी राहुल अब स्वस्थ हैं। पुलिस ने मामले दो अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था। लूट का माल खरीदने पर दो सराफा व्यापारियों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जिनसे लूट की लगभग ढाई किलो चांदी बरामद हुई थी।
बुलेटप्रूफ ने बचाई इनकी जान
मुठभेड़ के दौरान नगर कोतवाल संजीव शर्मा, इंस्पेक्टर अजय कुमार शर्मा की बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली लगी थी। वह बाल-बाल बचे। पहासू में हुई मुठभेड़ में थाना प्रभारी पहासू मुनेंद्र पाल सिंह, उपनिरीक्षक जितेंद्र कुमार और कांस्टेबल आरिफ की बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली लगी है।
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बुलंदशहर। करीब चार साल बाद मुठभेड़ में जिले में दो बदमाश मारे गए हैं। वर्ष 2018 में जनपद पुलिस ने तीन बदमाशों को मार गिराया था। हालांकि पुलिस लगातार मुठभेड़ में बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेज रही है।
सबसे पहले वर्ष 2016 में तत्कालीन एसएसपी वैभव कृष्ण के कार्यकाल में सिकंदराबाद पुलिस ने गांव प्राणगढ़ के जंगल में इनामी बदमाश दुर्गेश जौली को मार गिराया था। आरोपी ने मुठभेड़ से दो दिन पहले ही सिकंदराबाद कोतवाली क्षेत्र में एक दुकान पर बैठे व्यापारी पर रंगदारी न देने के चलते फायरिंग की थी। व्यापारी बाल-बाल बचा था। इसके बाद वर्ष 2018 में गांव प्राणगढ़ निवासी नगर पंचायत ठेकेदार जगवीर सिंह की हत्या कर दी गई थी। यह हत्या जगवीर की पत्नी के प्रेमी ने की थी। आरोपी प्रेमी अमित को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद मार गिराया था। वर्ष 2018 में ही जून में पुलिस ने अलग-अलग समय पर दो डकैतों को मार गिराया था। पहले डकैत सोनू को पुलिस ने सिकंदराबाद में और दूसरे डकैत सत्ता को नगर कोतवाली क्षेत्र में ही मुठभेड़ के बाद ढेर कर दिया था। इससे पहले वर्ष 2009 में भी पुलिस की गोली से एक बदमाश की मौत हुई थी। 28 मई 2008 को भी सिकंदराबाद क्षेत्र में ही पुलिस ने कुख्यात बदमाश जतन सिरोही को मार गिराया था।
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2019 में आशीष पर दर्ज हुआ पहला मुकदमा,
आशीष के खिलाफ पहला मुकदमा वर्ष 2019 में सूरजपुर थाने में दर्ज हुआ था। उसने गौतमबुद्धनगर के सूरजपुर थाना क्षेत्र में एक लूट की वारदात को अंजाम दिया था। इसके बाद वर्ष 2020 में उस पर गौतमबुद्धनगर के ही थाना बीटा टू में एक, थाना रबुपुरा में तीन, थाना कासना में चार, खुर्जा देहात थाने में दो, बुलंदशहर नगर कोतवाली में एक और अलीगढ़ के चंडौस थाने में भी एक मुकदमा पंजीकृत हुआ था। पुलिस अन्य थानों में भी उसका रिकॉर्ड खंगाल रही है।
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नाबालिग अवस्था में दर्ज हुआ था अब्दुल पर पहला मुकदमा
अब्दुल पर पहला मुकदमा वर्ष 2011 में पहासू थाना क्षेत्र में जानलेवा हमले का दर्ज हुआ था। तब वह नाबालिग था। इसके बाद उस पर दूसरा मुकदमा वर्ष 2021 में दस साल बाद पहासू थाने में ही धोखाधाड़ी समेत विभिन्न धाराओं में दर्ज हुआ। वर्ष 2021 में पहासू पुलिस ने उस पर शस्त्र अधिनियम के तहत एक अन्य मामला दर्ज किया थी। वर्ष 2022 में अलीगढ़ के जवां थाने में लूट और नगर कोतवाली में सराफ से लूट और गोली मारने का मामला दर्ज हुआ था।
साढ़े तीन किलो चांदी लूटकर दो सराफ व्यापारियों को बेचा था
दोनों बदमाशों ने धमैड़ा अड्डा स्थित उटरावली निवासी सराफा व्यापारी राहुल को गोली मारकर दुकान से लगभग साढ़े तीन किलो चांदी लूटी थी। गोली लगने से घायल हुए व्यापारी राहुल अब स्वस्थ हैं। पुलिस ने मामले दो अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था। लूट का माल खरीदने पर दो सराफा व्यापारियों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जिनसे लूट की लगभग ढाई किलो चांदी बरामद हुई थी।
बुलेटप्रूफ ने बचाई इनकी जान
मुठभेड़ के दौरान नगर कोतवाल संजीव शर्मा, इंस्पेक्टर अजय कुमार शर्मा की बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली लगी थी। वह बाल-बाल बचे। पहासू में हुई मुठभेड़ में थाना प्रभारी पहासू मुनेंद्र पाल सिंह, उपनिरीक्षक जितेंद्र कुमार और कांस्टेबल आरिफ की बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली लगी है।