फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   Electricity production will double in Narora Nuclear Center

Bulandshahar News: नरौरा परमाणु केंद्र में बिजली उत्पादन होगा दोगुना

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 27 Mar 2023 09:56 PM IST
विज्ञापन
Electricity production will double in Narora Nuclear Center
बुलंदशहर। नरौरा क्षेत्र में बिजली उत्पादन के लिए 35 साल पहले स्थापित किए गए एटॉमिक पावर हाउस में बिजली उत्पादन की क्षमता अब दोगुनी हो जाएगी। 220-220 मेगावाट की दो नई यूनिटें स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार ने अनुमति दे दी है। अब प्रदेश सरकार की एनओसी का इंतजार है। इसके बाद दोनों यूनिटें लगाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से धनराशि जारी की जाएगी।
विज्ञापन

देश के विभिन्न राज्यों में बिजली की मांग पूरी करने में अहम योगदान देने वाली राज्य की एक मात्र नरौरा परमाणु केंद्र की अब क्षमता बढ़ाई जाएगी। लगातार बढ़ती बिजली की मांग के चलते अब केंद्र सरकार ने नरौरा परमाणु केंद्र में 220-220 मेगावाट की दो नई यूनिटें स्थापित करने का निर्णय लिया है। नई यूनिटों से बिजली उत्पादन शुरू होने के बाद प्लांट से 880 मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू हो जाएगा। इसके लिए फिलहाल प्रदेश सरकार की एनओसी का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद एनएपीएस की दो नई यूनिट लगाने के लिए कार्य किया जाएगा।
विज्ञापन

13 जनवरी 1974 में करीब 700 एकड़ में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने एनएपीएस की पहली यूनिट की स्थापना की थी। 12 मार्च 1989 में पहली यूनिट से बिजली उत्पादन शुरू किया गया, जिसका शुभारंभ तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने किया था। जबकि दूसरी यूनिट से बिजली उत्पादन 24 अक्तूबर 1991 में शुरू हुआ था। इसके बाद उत्पादित बिजली को नॉर्दन उत्तरी ग्रिड के माध्यम से उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों के साथ दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, जम्मू कश्मीर समेत अन्य राज्यों में बिजली सप्लाई की जाती है। बताया जा रहा है कि नई यूनिट लगाने के लिए कार्य शुरू होने के बाद करीब पांच वर्षों में एक यूनिट से बिजली का उत्पादन शुरू हो पाएगा। एनएपीएस की जमीन से हटेगा रोडवेज बस डिपो
विज्ञापन
विज्ञापन

करीब 30 साल पहले एनएपीएस की एक एकड़ जमीन पर रोडवेज बस डिपो संचालित किया गया था। एनएपीएस अधिकारियों की ओर से 30 वर्ष के लिए जमीन का आवंटन किया गया था। अब 20 अप्रैल को जमीन आवंटन की समयावधि पूरी हो रही है। ऐसे में एनएपीएस के अधिकारियों ने रोडवेज अधिकारियों को जमीन खाली करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद रोडवेज एआरएम राकेश कुमार ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से संपर्क करते हुए एक एकड़ जमीन चिन्हित कर ली है।
एक हजार से अधिक लोगों को मिलेगा रोजगार
एनएपीएस में दो नई यूनिट के संचालन के बाद जिले में एक हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। इसमें इंजीनियरों के साथ प्रशासनिक अधिकारी, क्लर्क, मजदूर समेत अन्य पदों पर नए स्तर से केंद्र सरकार की ओर से भर्ती की जाएगी।
दिल्ली-मुंबई, पंजाब, हरियाण, कश्मीर की बिजली किल्लत होगी कम
एनएपीएस में बिजली उत्पादन की नई यूनिट संचालित होने के बाद दिल्ली, मुंबई, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, जम्मू कश्मीर के साथ उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों में बिजली की किल्लत खत्म हो जाएगी। इन राज्यों के लिए एनएपीएस से खींची गई सीधी लाइन के माध्यम से अधिक बिजली पहुंचाई जाएगी।



केंद्र सरकार ने एनएपीएस में दो नई यूनिट लगाने के लिए स्वीकृति दी है। फिलहाल राज्य सरकार से एनओसी मिलने का इंतजार है। एनओसी मिलने के बाद न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया द्वारा नई यूनिट लगाने के लिए आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी। - डाॅ. भोला सिंह, सांसद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed